कारोबार (33)

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  • 06
  • अप्रै

मुंबई. रिजर्व बैंक ने आज कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार आवास भत्ते में बढोतरी किये जाने और देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने से महँगाई बढ़ने का जोखिम है. रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा जारी करने के दौरान कहा कि वर्तमान स्थिति में महँगाई की स्थिति अभी लगभग संतुलित है. हालाँकि, आगे इसके बढ़ने का जोखिम है. जुलाई-अगस्त में अलनीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुयी है जिससे इसका असर खाद्य महँगाई पर दिख सकता है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप कर्मचारियों के आवास भत्ते में बढोतरी होने पर अगले 12 से 18 महीने में महँगाई में एक से डेढ फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है. जीएसटी के लागू होने पर भी महँगाई में एक बार बढोतरी देखने को मिल सकती है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की तुलना में अधिक सरकारी घाटा भी महँगाई बढ़ाने का कारक बन सकता है. हाल में वैश्विक स्तर पर हुये घटनाक्रमों से भी कॅमोडिटी की कीमतों में बढोतरी होने की संभावना है जिसका असर घरेलू स्तर पर भी दिख सकता है. महँगाई के बारे में समीक्षा में कहा गया है कि बीते वित्त वर्ष में खुदरा महँगाई पाँच प्रतिशत तक रखने का लक्ष्य हासिल कर लिया जायेगा और इसके पाँच प्रतिशत से कम रहने की उम्मीद है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में औसत महँगाई दर 4.5 प्रतिशत और दूसरी छमाही में पाँच प्रतिशत रहने की उम्मीद है. बयान में कहा गया है कि पिछले छह महीने में ऐतिहासिक निचले स्तर को छूने के बाद फरवरी में खुदरा महँगाई बढ़कर 3.7 प्रतिशत रही. समीक्षा में कहा गया है कि फरवरी में खाने-पीने की चीजें सस्ती हुई थीं, लेकिन बेस अफेक्ट के कारण इसकी महँगाई दर अधिक दर्ज की गयी. हालाँकि, चीनी, फलों, मांस, मछली, दूध और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ी हैं. ऊर्जा समूह की महँगाई दर लगातार बढ़ रही है.

  • 03
  • अप्रै

कोटा । टाटा मोटर्स ने सोमवार को अपने नए ’स्टाइलबैक‘ टाटा टिगोर लॉन्च करने की घोषणा की है। यह युवा और तेज रफ्तार पीढ़ी को ध्यान में रखकर पेश की गई है। अपने जोरदार, दमदार और लीक से हटकर डिजाइन के चलते टाटा टिगोर पैसेंजर व्हीकल पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने के साथ-साथ नए दौर के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगी। टाटा टिगोर एक्सई १.२क्क पेट्रोल वेरिएंट की कीमत 4,82,940 लाख रु और एक्सर्ई १.०५ष्ठ डीज़ल वेरिएंट की कीमत 5,75,053 लाख रु, एक्स-शोरूम कोटा होगी। हैक्सा के लॉन्च के लगभग दो महीने बाद ही टाटा मोटर्स ने इस नए वर्ग में नवोन्मेषी और रोमांचकारी पेशकश की है। कंपनी ने अपने नए वाहनों जैसे टिएगो, हैक्सा, और अब टिगोर की बिक्री के लिए करीब 6000 सेल्स कन्सल्टैंट प्रशिक्षित किए हैं जो देशभर में इसके 650 से अधिक सेल्स आउटलेट्स तथा 500 सर्विस प्वाइंट्स पर तैनात रहेंगे। टाटा मोटर्स ने वित्तवर्ष 2017-18 के दौरान 200 नए सेल्स प्वाइंट जोडऩे की योजना बनायी है।

एस एन बर्मन, उपाध्यक्ष -सेल्स, पैसेंजर व्हीकल बिजऩेस यूनिट, टाटा मोटर्स ने कहा, ’’टिगोर में आधुनिक दौर के उन उपभोक्ताओं की पसंद को शामिल किया गया है जो स्टाइलिश कारों को पसंद करते हैं। कीमत के लिहाज से बेहतरीन तथा इस सेग्मेंट में पेश अनूठी खूबियों के साथ टिगोर ग्राहकों की पसंद साबित होगी

इस कार की इंटेलीजेंट इंजीनियरिंग इसे खास बनाती है, साथ ही है बेहतरीन लैगरूम तथा आपका पूरा संसार साथ लेकर चलने के लिए 24 यूटिलिटी स्पेस। इसके स्टाइलिश डिजाइन के साथ-साथ बेहतर परफॉरमेंट और ड्राइविंग डायनमिक्स इसे खास बनाते हैं। टिगोर को पेट्रोल तथा डीज़ल वेरिएंट्स-रेवोट्रॉन 1.2ली (पेट्रोल इंजन) तथा रेवोटॉर्क 1.05ली (डीज़ल इंजन) में उपलब्ध कराया जाएगा और साथ ही अपनी श्रेणी में अग्रणी ड्राइविंग डायनमिक्स का भरोसा भी है। दोनों इंजनों को मल्टी-ड्राइव मोड-इको एवं सिटी में पेश किया जाएगा।

कंपनी ने एकाउस्टिक ऑडियो तथा इंफोटेनमेंट सिस्टम को तैयार करने के लिए हरमान (॥्रक्ररू्रहृञ्जरू) के साथ काफी नज़दीकी से काम किया है, और इसे वैश्विक स्तर पर विख्यात गोल्ड नई यर्स द्वारा प्रमाणित तथा हरमान के अनुभवी ऑडियो विशेषज्ञों ने मान्यता दी है।

टिगोर छह आकर्षक रंगों-कॉपर डैज़ल, एस्प्रेसो ब्राउन, पर्लेसेंट व्हाइट, प्लेटिनम सिल्वर, स्ट्राइकर ब्लू और बैरी रैड में उपलब्ध है। टिगोर के साथ 2 साल या 75,000 किलोमीटर, जो भी पहले हो, की वारंटी मिलती है और वारंटी को और बढ़ाने का विकल्प भी है।

 

  • 25
  • मार्च

नई दिल्ली। मोटरसाइकल बनाने वाली प्रमुख कंपनी बजाज ऑटो ने प्रीमियम सेगमेंट की मोटरसाइकल बनाने वाली जापान की कंपनी कावासाकी हैवी इंडस्ट्रीज जापान के साथ अपना गठबंधन 1 अप्रैल 2017 से समाप्त करने की घोषणा की है। बजाज ने शनिवार को यहां जारी बयान में बताया कि 1 अप्रैल से वह केटीएम ब्रांड से मोटरसाइकलों की बिक्री नहीं करेगी और अब तक बेची गई मोटरसाइकलों को किसी तरह की सेवाएं नहीं देगी बल्कि जापानी कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय इकाई इंडिया कावासाकी मोटर प्राइवेट लिमिटेड भारत में केटीएम ब्रांड की मोटरसाइकलों की बिक्री करने के साथ ही उससे जुड़ी सेवाएं भी देगी। बजाज ऑटो के प्रोबाइटिंग के अध्यक्ष अमित नंदी ने बताया कि वर्ष 2009 से कावासाकी मोटरसाइकलों की बिक्री उनके नेटवर्क से की जा रही थी लेकिन अब दोनों कंपनियों ने भारत में अपना गठबंधन समाप्त करने का निर्णय लिया है।

 भारत को छोड़कर दुनिया के अन्य हिस्सों में दोनों के कारोबारी रिश्ते बने रहेंगे और भविष्य में दोनों कंपनियां एकसाथ आ सकती हैं।
(वार्ता)
  • 22
  • मार्च

मुंबई -वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों से कमजोर निवेश धारणा के बीच हुई चौतरफा लिवाली से आज घरेलू शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट में रहे और करीब दो सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुये। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1.08 प्रतिशत यानी 317.77 अंक टूटकर 29,167.68 अंक पर आ गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी एक प्रतिशत यानी 91.05 अंक लुढ़ककर 9,030.45 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों सूचकांकों का 10 मार्च के बाद का निचला स्तर है। बीएसई के सभी 20 समूह गिरावट में रहे। दूरसंचार समूह दो प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गया। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूह भी लगभग दो प्रतिशत टूटा। सेंसेक्स की 30 में से 25 कंपनियों के शेयर गिर गये। भारती एयरटेल के शेयर तीन प्रतिशत से अधिक लुढ़के। टाटा मोटर्स, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज ऑटो में दो प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गयी। गत दिवस की गिरावट के बाद दवा कंपनियों में आज सुधार रहा। ल्युपिन ने सेंसेक्स में सबसे ज्यादा 0.81 प्रतिशत का मुनाफा कमाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों में अस्पष्टता को लेकर उपजी चिंता से वहाँ मंगलवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट रही। इससे आज बाजार खुलते ही सभी प्रमुख एशियाई बाजार लाल निशान में चले गये। जापान का निक्की 2.13 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 1.11 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.46 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.50 प्रतिशत की गिरावट में बंद हुये। यूरोप में भी शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.93 प्रतिशत और जर्मनी का डैक्स सूचकांक 0.67 प्रतिशत की गिरावट में रहा। वैश्विक दबाव में सेंसेक्स 144.04 अंक गिरकर 29,341.41 अंक पर खुला और इसके बाद कभी उबर नहीं पाया। यही इसका दिवस का निचला स्तर भी रहा। कमजोर निवेश धारणा से बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। कारोबार की समाप्ति से पहले 29,137.48 अंक के दिवस के निचले स्तर को छूने के बाद यह गत दिवस की तुलना में 317.77 अंक नीचे 29,167.68 अंक पर बंद हुआ।