कारोबार (33)

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  • 23
  • नव

नई दिल्ली// भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) लगातार निजी टेलिकॉम कंपनियों को टक्कर देने की कोशिश कर रही है। सरकारी टेलिकॉम कंपनी भारतीय टेलिकॉम इंडस्ट्री में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद से ही अपने ग्राहकों के लिए नए रिचार्ज पैक्स लॉन्च कर रही है। बात करें प्रीपेड सेगमेंट की तो बीएसएनएल ने अब 78 रुपये की कीमत में नया प्रीपेड रिचार्ज लॉन्च किया है जो शॉर्ट-टर्म वैलिडिटी के साथ आता है। बीएसएनएल का यह पैक रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया से टक्कर लेने के लिए है। 

टेलिकॉम टॉक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीएसएनएल के 78 रुपये वाले रिचार्ज पैक में 2 जीबी डेटा हर दिन मिलता है। इसके अलावा बिना किसी लिमिट के अनलिमिटेड कॉल और एसटीडी कॉल जैसे ऑफर्स भी हैं। इस पैक की वैधता 10 दिन है। बीएसएनएल के दूसरे एसटीवी से अलग, इस नए प्रीपेड रिचार्ज प्लान में मुंबई और दिल्ली सर्किल के लिए भी कॉलिंग मिनट्स मिलेंगे। बीएसएनएल अनलिमिटेड विडियो कॉल भी ऑफर कर रहा है, जिसे 78 रुपये वाले रिचार्ज पैक के साथ ऐक्टिवेट किया जा सकता है। इसके लिए ग्राहकों को 123 पर STV COMBO78 लिखकर मेसेज करना होगा।

बता दें कि बीएसएनएल पहले ही देशभर के टेलिकॉम सर्किल में 78 रुपये वाला STV प्लान ऑफर करता है। लेकिन अब 78 रुपये के रिचार्ज प्लान के साथ सरकारी टेलिकॉम कंपनी ने पुराने एसटीवी प्लान को वापस ले लिया है। पुराने 78 रुपये के प्लान में कुल 3 दिनों की वैलिडिटी के साथ 2 जीबी डेटा मिलता है। बीएसएनएल के नए प्लान में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग के साथ 10 गुना डेटा (20 जीबी) मिलता है।

 
  • 21
  • नव

नई दिल्ली// रिलायंस जियो के भारतीय टेलिकॉम सेक्टर में उतरते ही कई कंपनियों के बिजनेस ठप हो गए, जबकि कई कंपनियों को अपना वजूद बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ऐसे में टेलिकॉम कंपनियों ने रिलायंस जियो से टक्कर लेने के लिए एक नया रास्ता अपनाया है। रिलायंस जियो से मुकाबला लेने के लिए एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया ने पिछले दो साल में अपने कॉल्स के साथ ही डाटा दरों में भी भारी कटौती की है लेकिन इन कंपनियों का न सिर्फ यूजर बेस गिरा है बल्कि इन कंपनियों को भारी घाटा भी उठाना पड़ा है। वोडाफोन आइडिया को हाल ही में 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

इन टेलिकॉम कंपनियों ने यह निर्णय लिया है कि ग्राहकों को फ्री इनकमिंग कि सुविधा नहीं मिलेगी। इस सुविधा को लेने के लिए ग्राहकों को कम से कम 35 रुपये का रिचार्ज हर महीने कराना होगा। इसके जरिए ये तमाम कंपनियां कमाई करना चाहती हैं। अगर, ग्राहक ऐसा नहीं करते हैं तो उसकी इनकमिंग सेवा को बंद कर दिया जाएगा।

क्या है नया नियम

सभी टेलीकॉम कंपनियों ने ग्राहकों से कमाई जारी रखने के लिए हर महीने कम से कम 35 रुपए का रिचार्ज करना अनिवार्य कर दिया है। इस 35 रुपए के रिचार्ज में ग्राहकों को 26 रुपए का बैलेंस और 28 दिन की वैधता मिलेगी। 28 दिन पूरे होने के बाद यदि कोई ग्राहक नया रिचार्ज नहीं करता है तो बैलेंस होने का बावजूद उसकी आउटगोइंग सेवा बंद कर दी जाएगी। यदि कुछ समय बाद भी रिचार्ज नहीं किया जाता है तो उस ग्राहक की इनकमिंग सेवा भी बंद कर दी जाएगी। इस बारे में कंपनियों का कहना है कि वह अपनी सेवाओं के बदले एक नियत शुल्क वसूल रहे हैं। इसीलिए यह नया नियम बनाया गया है।

इस वजह से लिया गया फैसला

आजकल सभी ग्राहकों के पास दो सिम होते हैं एक में बैलेंस नहीं होने के बाद भी फ्री इनकंमिंग की सुविधा रहती है। ऐसे में ग्राहकों को बिना रिचार्ज किए ही इनकंमिंग की सुविधा मिलती रहती है। कंपनियों ने साफ किया है कि बिना रिचार्ज किए ही या एक नियत राशि के भुगतान के ही ग्राहकों को कंपनी की तरफ से सुविधा मिलती है। इसलिए कंपनियों ने यह तय किया है कि ग्राहकों से हर महीने एक नियत राशि वसूल की जाए जिससे कंपनियों को हो रहे नुकसान से बचा जा सकता है। 

मिनिमम रिचार्ज प्लान्स

अगर आपको अपने नंबर पर इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल्स चाहिए तो आपको मिनिमम रिचार्ज करना ही होगा। वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल ने यूजर्स के लिए 100 रुपये से कम के तीन मिनिमम रिचार्ज पैक्स लॉन्च किए हैं। ये पैक्स 35 रुपये, 65 रुपये और 95 रुपये के हैं। अगर, यूजर्स इनमें से किसी एक प्लान का रिचार्ज नहीं कराते हैं तो आउटगोइंग कॉल्स 30 दिनों के बाद और इनकमिंग कॉल 45 दिनों के बाद बंद हो जाएगी। इन तीनों ही प्लान्स की वैलिडिटी 28 दिनों की है।

  • 04
  • अक्टू

 

नई दिल्ली : लगातार आसमान छूते पेट्रोल-डीजल के दामों पर गुरुवार को केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम करके राहत दी है. सरकार ने तेल पर ढाई रुपये की कटौती करने का ऐलान किया है. केंद्र की घोषणा के बाद कुछ राज्यों ने भी अपने यहां तेल पर ढाई रुपये वैट कम करने का फैसला किया. राज्य सरकारों के इस फैसले से लोगों को पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपये लीटर तक की राहत मिली है. लेकिन केंद्र की इस कोशिश को दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने लोगों के साथ धोखा बताया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी पर 10 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था और कटौती महज डेढ़ रुपये की है. उन्होंने कहा कि केंद्र को तेल के दामों में कम से कम 10 रुपये की कटौती करनी चाहिए थी.

उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा, 'मोदी सरकार ने एक्साइज़ ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर बढ़ाई और मात्र 2.50 रुपए आज कम कर दी? ये तो धोखा हुआ। केंद्र सरकार को कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करनी चाहिए.'

केंद्र ने दी राहत
पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों से परेशान लोगों के लिए गुरुवार का दिन राहत की खबर लेकर आया. केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर से 1.5 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम करने की घोषणा की. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लागू एक्साइज ड्यूटी 1.5 रुपये कम करने का फैसला किया है. साथ ही तेल कंपनियां 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती करेंगी. इस तरह केंद्र की तरफ से तेल पर 2.5 रुपये की राहत दी गई. साथ ही अरुण जेटली ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकारों से भी तेल पर वैट कम करने का अनुरोध किया है. अरुण जेटली ने कहा कि इस फैसले से सरकारी खजाने पर 10500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन यह फैसला जनहित के लिए जरूरी है.

राज्य सरकारों ने घटाया वैट
केंद्र के अनुरोध पर सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल से ढाई रुपये वैट कम करने की घोषणा की. इसके कुछ ही देर बाद गुजरात सरकार ने भी अपने वैट में 2.5 रुपये की कटौती कर दी. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और फिर त्रिपुरा सरकार ने भी ढाई-ढाई रुपये वैट कम करने का ऐलान किया. राज्य सरकारों की घोषणा के बाद इन राज्यों में तेल के दामों में 5 रुपये तक की कमी दर्ज की जाएगी. इसके बाद झारखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश ने भी तेल के दाम करने की घोषणा की.

 

  • 04
  • अक्टू

 

नई दिल्ली : लगातार आसमान छूते पेट्रोल-डीजल के दामों पर गुरुवार को केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम करके राहत दी है. सरकार ने तेल पर ढाई रुपये की कटौती करने का ऐलान किया है. केंद्र की घोषणा के बाद कुछ राज्यों ने भी अपने यहां तेल पर ढाई रुपये वैट कम करने का फैसला किया. राज्य सरकारों के इस फैसले से लोगों को पेट्रोल-डीजल पर 5 रुपये लीटर तक की राहत मिली है. लेकिन केंद्र की इस कोशिश को दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने लोगों के साथ धोखा बताया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी पर 10 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था और कटौती महज डेढ़ रुपये की है. उन्होंने कहा कि केंद्र को तेल के दामों में कम से कम 10 रुपये की कटौती करनी चाहिए थी.

उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा, 'मोदी सरकार ने एक्साइज़ ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर बढ़ाई और मात्र 2.50 रुपए आज कम कर दी? ये तो धोखा हुआ। केंद्र सरकार को कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करनी चाहिए.'

केंद्र ने दी राहत
पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों से परेशान लोगों के लिए गुरुवार का दिन राहत की खबर लेकर आया. केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर से 1.5 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम करने की घोषणा की. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लागू एक्साइज ड्यूटी 1.5 रुपये कम करने का फैसला किया है. साथ ही तेल कंपनियां 1 रुपये प्रति लीटर की कटौती करेंगी. इस तरह केंद्र की तरफ से तेल पर 2.5 रुपये की राहत दी गई. साथ ही अरुण जेटली ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकारों से भी तेल पर वैट कम करने का अनुरोध किया है. अरुण जेटली ने कहा कि इस फैसले से सरकारी खजाने पर 10500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन यह फैसला जनहित के लिए जरूरी है.

राज्य सरकारों ने घटाया वैट
केंद्र के अनुरोध पर सबसे पहले महाराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल से ढाई रुपये वैट कम करने की घोषणा की. इसके कुछ ही देर बाद गुजरात सरकार ने भी अपने वैट में 2.5 रुपये की कटौती कर दी. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और फिर त्रिपुरा सरकार ने भी ढाई-ढाई रुपये वैट कम करने का ऐलान किया. राज्य सरकारों की घोषणा के बाद इन राज्यों में तेल के दामों में 5 रुपये तक की कमी दर्ज की जाएगी. इसके बाद झारखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश ने भी तेल के दाम करने की घोषणा की.