कारोबार (33)

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  • 07
  • मई

Bharat Neema & Co.
Chartered Accountant CA Bharat Neema
101 Rajani Bhawan, 569/2, M. G. Road, Indore 9827539432
Phone 9827539432 email: यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए.


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प्रॉपर्टी ब्रोकर को अब RERA, 2016 के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा , 1 मई से लागु हो चूका है
ब्रोकरों के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए अब, यदि वह व्यक्ति है तो 25000/- पंजीयन शुल्क देना होगा और व्यक्ति के अलावा है जैसे साझेदारी फर्म/कंपनी तो उसे 25000/- देना होगा. जो की 5 साल के लिए होगा.नवीनीकरण कराने पर ( पाच साल बाद) 5000 और 5000 वापिस शुल्क लगेगा.
अब प्रत्येक बड़े मतलब जो प्रोजेक्ट RERA, The Real Estate (Regulation and Development) Act,2016 के दायरे में आते है उन प्रोजेक्ट में काम करना है तो रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो गया है क्योकि उसमे ब्रोकर को अपना रजिस्ट्रेशन न. quote करना पड़ेगा . मतलब दलाली की लागत बढेगी. अब ब्रोकरेज बढने के साथ ब्रोकर के कंधे पर भयंकर जवाबदारी आ जाएगी. ब्रोकर अब एक सक्षम आदमी बनेगा जो बिल्डर और BUYER दोनों के अधिकारों के लिए काम प्रभावशाली रूप से करेगा या कर पायेगा और दोनों की मदद करेगा. ब्रोकर को आयकर के अनुसार अपनी बुक्स रखना पड़ेगी.
निम्न डॉक्यूमेंट लगेंगे :
उसके व्यवसाय का नाम, पता और वह प्रोप्रिएटर है या भागीदारी फर्म है या अन्य
व् दुकान का लाइसेंस मतलब नगर निगम लाइसेंस
पंजीकरण क्यों ले रहा है थोडा सा कारण बताये मतलब write up
मालिक का फोटो , PAN CARD की कॉपी , पिछले ३ साल के आयकर return
दुकान का रेंट अग्रीमेंट या रजिस्ट्री की कॉपी , जो भी लागु होवे


पेनल्टी के बारे में अति महत्वपूर्ण बात यह है की जैसे 10% तक (extended upto 10%) शब्द का प्रयोग किया गया है का मतलब 0% से 10% पेनल्टी लगाने का अधिकार दिया है मतलब पेनल्टी लगाने वाले के पास बहुत पॉवर रहेंगे. उन्हें ऊपर निचे, कम ज्यादा करने का पॉवर है.इस संभंध में सरकार को विचार करना चाहिए. आज कल COMPLIANCE मतलब केस लगाने एव लड़ने में बहुत लागत बैठती है जो सामान्य आदमी जो फ्लैट खरीदता है या छोटे दलाल हे उन्हें बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
यदि कोई प्रॉपर्टी ब्रोकर धारा 4 के अनुसार RERA के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराये बिना रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट का माल बेचता है तो या कोई गलत जानकारी प्रोजेक्ट के बारे में देता है तो 5% तक पेनल्टी लगेगी. यदि कोई ब्रोकर धारा 9 और 10 का VIOLATION करता है मतलब किसी ऐसे प्रोजेक्ट को बेचता है जिसको RERA में रजिस्टर्ड कररना था और उस प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं है.या ग्रहक को गलत जानकारी दी हो, आयकर के हिसाब से बुक्स नहीं रखी हो, ग्राहक को एसी सुविधाओ के बारे में बताना जो नहीं दी जा रही है तो 10000 रोज के हिसाब से पेनल्टी लगेगी यह फ्लैट की लगत का 5% तक हो सकती है.और RERA के डायरेक्शन का VIOLATION करता है तो अलग से डेली जो भी RERA decide करे व् 5% तक पेनल्टी लग सकती है. और 1 साल की जेल भी हो सकती है इससे एसा लगता है की प्रयेक बार ग्राहक से ब्रोकर को लिखा कर लेना चाहिए की मुझे ब्रोकर ने गलत जानकारी नहीं दी है नहीं तो ग्राहक कभी भी थोड़ी सी कहा सुनी में कंप्लेंट कर सकता है जैसा की नार्मल होता ही है ब्रोकर को ध्यान रखना होगा और सभी प्रोजेक्ट की और ग्राहक की एक्टिविटी पर बारीक़ नजर रखना होगी क्योकि बिना वजह वह ना फसे. अब और आगे यदि अपीलेट ट्रेबुनल ने कोई आर्डर या डायरेक्शन दिया और उसका पालन नहीं किया तो वापिस १ साल तक की जेल और डेली बेसिस पर पेनल्टी जो की फ्लैट की लागत की 10% तक जा सकती है.
यदि किसी फ्लैट के क्रय विक्रय में दो दलाल एक विक्रेता की तरफ से व् दूसरा क्रेता की तरफ से , तो दोनों दलालों के बिच एक अग्रीमेंट करना होगा.
CA Bharat Neema
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प्रॉपर्टी ब्रोकर के रजिस्ट्रेशन कराने हेतु निम्न आवेदन का प्रारूप है
प्रारूप –‘छ’
(नियम १०(१) देखिए)
रियल एस्टेट अभिकर्ता के पंजीयन हेतु आवेदन
प्रति,
रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ,
..................................................

महोदय,
मै/हम , अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमो और विनियमों के निबंधनो के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत परियोजना में , यथास्थिति किसी भूखंड बहुखंडीय भवन या भवन के विक्रय को सुकर बनाने के लिए , रियल एस्टेट अभिकर्ता के रूप में पंजीयन प्रदान करने हेतु आवेदन करते है :
(किसी व्यक्ति की दशा में )श्री..............पुत्र/पुत्री/श्रीमती ........... तहसील .......
जिला.............राज्य............या
फर्म या सोसाइटी /कंपनी की दशा में ..................फर्म सोसाइटी /कंपनीजिसका की पंजीकृत कार्यालय /कारोबार का प्रमुख स्थान ......................में स्थित है
अपेक्षित प्रविष्ठिया निम्नानुसार है :-
(एक) आवेदक की स्थिति क्या व्यक्ति/कंपनी/proprietory फर्म /सोसाइटी /साझेदारी फर्म/सिमित दायित्व साझेदारी
(दो)व्यक्ति की दशा में
नाम
पिता का नाम
व्यवसाय
स्थायी पता
छाया चित्र या
फर्म /सोसाइटी /कंपनी की दशा में
नाम
पता
पंजीयन प्रमाणपत्र की प्रति
मुख्या गति विधि
नाम,छाया चित्र तथा भागीदारो निवेशको आदि का पता

(तिन) आवेदक द्वारा पिछले तीन वित्तीय वर्षो का आयकर अधिनियम ,१९६१ के उपबंधो के अधीन जमा की गयी आयकर विवरणी अथवा आवेदक को पिछले किसी भी तीन वर्षो के लिए आयकर अधिनियम, १९६१ के उपबंधो के अधीन विवरणी प्रस्तुत करने से छुट दीगयी थी तो , इस आशय की घोषणा वाला आवेदन
(चार) पंजीयन की विशिष्ठिया जिसमे यथास्थिति उपविधिया, संगम का ज्ञापन, संगम के अनुच्छेद आदि सम्मिलित हो :
(पांच) कारबार के स्थान के प्रमाण के पते की अधिप्रमाणित प्रति
(छह) किसी अन्य राज्य अथवा संघ राज्य छेत्र में पंजीयन ब्यौरा :
(सात) कोई अथवा जानकारी जो आवेदक प्रस्तुत करना चाहे
३. मै/हम निन्लिखित दस्तावेज साथ में सलग्न करते है , अर्थात
(एक) नियम १० के उप नियम (२) के अनुसार पंजीयन शुल्क के रूप में ............के पक्ष में देय डिमांड ड्राफ्ट क्रमांक .......... तारीख ............. राशी रूपये ...............बैंक पर आहरित
(दो) यथा स्थिति पिछले ३ वर्ष की आयकर विवरणी या घोषणा :
(तीन) रियल एस्टेट अभिकर्ता के पेन कार्ड की अभिप्रमाणित प्रति:
(चार) किसी अन्य राज्य अथवा संघ राज्य छेत्र में रियल एस्टेट अभिकर्ता के रूप में पंजीयन की अधिप्रमाणित प्रति, यदि लागु हो
४ मै/हम सत्यनिष्ठ से प्रतिज्ञा करते है तथा घोषणा करते है की इसमें दी गयी जानकारिया मेरे/हमारे ज्ञान और विश्वास से सही है .
दिनाक : स्थान भवदीय
(आवेदक के हस्ताक्षर तथा मुद्रा)

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  • 06
  • मई

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RERA, 2016 क्या है रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट ,2016
पिछले लेख से जारी


अब RERA के अंतर्गत रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के लिए यदि प्लाट १०७६० sq. fit से कम है तो १०/- sq. fit , और १०७६० sq. fit से ज्यादा हो तो २०/- sq. fit पंजीयन शुल्क देना होगा.यदि कमर्शियल प्रोजेक्ट है तो ५०/- और १००/- प्रति sq fit देना होगा. यदि बिल्डर विशेष परिस्थिति में पूर्व में डी गई समयसीमा को जो की एक वर्ष तक बड़ा सकता है आवेदन करता है तो उसे पंजीयन के समय डी गई राशी की दुगनी राशी जमा करना पड़ेगी. इसमें genuine कारण होने पर माफ़ी भी मिल सकती है


बिल्डर को webside पर बहुत सारी जानकारी रखना होगी जैसे नाम ,पता , EUDCATION , कार्य का अनुभव,नया काम होने की दशा में पेत्रक अनुभव की जानकारी, पिछला TRACK RECORD, पिछले 5 सालो में जो काम कम्पलीट किये है और जो चल रहे है उसकी जानकारी, कौन से और किस कारण से व् कितने केस कोर्ट में चल रहे है वर्तमान प्रोजेक्ट की एक एक बारीक़ से बारीक़ जानकारी रखना है पुरी डिटेल्स में. अब इंजिनियर के संभंध में भी उसको क्या अनुभव है कितने वर्षो से काम कर रहे है. और कितने उसने प्रोजेक्ट पहले किये है नाम पते सहित रखना है . प्रत्येक ३ माह में प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस की पुरी जानकारी WEBSITE पर अगले ७ दिनों में डालना पड़ेगी. जिसमे प्रोजेक्ट के प्रोग्रेस की फोटो भी दिखाना पड़ेगी मतलब अब झूठ नहीं चलेगा. अब सभी ड्राफ्ट पेपर्स जैसे फ्लैट खरीदने के लिए आवेदन का प्रारूप , ALLOTMENT का प्रारूप, विक्रय विलेख का प्रारूप . मतलब क्या कहा और क्या किया नहीं चलेगा. जो लिखा उसमे कोई परिवर्तन संभव नहीं. जमीं की रजिस्ट्री की कॉपी या रेश्यो अग्रीमेंट और जमीन मालिक की सहमती पत्र जो की वकील से सर्च रिपोर्ट के साथ वेबसाइट पर रखना होगी . संपर्क करने के लिए सबके email और फ़ोन न. डालना होंगे. ब्रोकर की पुरी जानकारी PAN कार्ड और आयकर विवरणी और फोटो के साथ रखना होगा . अब किसी भी डिफ़ॉल्ट से यदि फ्लैट खरीदने वाले को पैसा वापिस देना पड़ा या खरीदनेवाला डिफ़ॉल्ट करता है तो भी ,तो स्टेट बैंक की जो ब्याज दर है उससे २% ज्यादा से ब्याज का लेना देना आपस में करना पड़ेगा. भुगतान 45 दिनों में करना ही पड़ेगा. RERA में यदि कोई शास्ति लगाती है तो वह भू राजस्व मानकर वसूली जाएगी.पेनल्टी के बारे में अति महत्वपूर्ण बात यह है की जैसे १०% तक (extended upto 10%) शब्द का प्रयोग किया गया है का मतलब ०.% से १०% पेनल्टी लगाने का अधिकार दिया है मतलब पेनल्टी लगाने वाले के पास बहुत पॉवर रहेंगे. उन्हें ऊपर निचे, कम ज्यादा करने का पॉवर है .


अब यदि किसी ने RERA में धारा ३ के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराये बगेर प्रोजेक्ट चालू किया और फ्लैट बेचने का ऑफर दिया तो उसे प्रोजेक्ट कास्ट की १०% तक पेनल्टी देना होगी और इस VIOLATION को continue करते रहता है और अथॉरिटी ने कोई डायरेक्शन दिया है और उसका पालन नहीं करता है तो ३ साल तक की जेल की सजा और प्रोजेक्ट लागत का १०% तक का फाइन और देना होगा. यदि बिल्डर किसी भी प्रकार की गलत जानकारी (जैसे झूठे पेपर) अथॉरिटी को रजिस्ट्रेशन के समय या बाद में देता है तो उसे 5% तक की पेनल्टी और देना पैड सकती है. इसके बाद कॉमन पॉइंट के अंतर्गत इस RERA के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने पर भी प्रोजेक्ट लागत का 5% तक पेनल्टी देना पैड सकती है अब और आगे यदि अपीलेट ट्रेबुनल ने कोई आर्डर या डायरेक्शन दिया और उसका पालन नहीं किया तो वापिस ३ साल तक की जेल और डेली बेसिस पर पेनल्टी जो की प्रोजेक्ट कास्ट की १०% तक जा सकती है.


यदि प्रॉपर्टी ब्रोकर धारा ४ के अनुसार कोई गलत जानकारी प्रोजेक्ट के बारे में देता है तो 5% तक पेनल्टी लगेगी. यदि कोई ब्रोकर धारा ९ और १० का VIOLATION करता है तो १०००० रोज के हिसाब से पेनल्टी लगेगी यह फ्लैट की लगत का 5% तक हो सकती है.और RERA के डायरेक्शन का VIOLATION करता है तो अलग से डेली व् 5% तक पेनल्टी लग सकती है. और १ साल की जेल भी हो सकती है

यदि RERA अथॉरिटी ने कोई स्पेशल डायरेक्शन दिया है और उसका पालन बिल्डर नहीं करता है तो प्रोजेक्ट लगत की 5% तक पेनल्टी लग सकती है .
हा अब बारी फ्लैट खरीदने वाले की आती है यदि उसने अथॉरिटी के किसी भी आर्डर, डायरेक्शन का उल्लंघन किया तो 5% तक की पेनल्टी लग सकती है और यदि अपीलेट ट्रेबुनल के किसी आर्डर,डायरेक्शन का पालन नहीं किया तो १ साल की जेल की सजा व् फ्लैट की लागत की १०% तक पेनल्टी लग सकती है .
पेनल्टी और पनिशमेंट से बचने के लिए ये प्रूव करना पड़ेगा की जो भी डिफ़ॉल्ट हुआ है वह हमारी जानकारी में नहीं था या हमने इन सब गड़बड़ी या उल्लंघन को रोकने के वह सब प्रयास किये थे. जो जरुरी थे.इसके बाद यह हमारे कण्ट्रोल में नहीं रहा. इन सभी provision को देखते हुए बिल्डर और ब्रोकर बहुत घबराये हुए है इसमें थोडा सरकार को compliance कम करना चाहिए क्यों की इस व्यसाय में कम पड़े लिखे लोग भी है compliance करने के लिए हाइली educated एम्प्लोयी रखना पड़ेंगे जो की अत्यधिक खर्चीले रहेंगे इतनी सारी बाते कम्पलीट करने में तो बहुत बड़ी Networth वाली कम्पनीज काम कर पाएंगी. RERA के अंतर्गत जो प्रोजेक्ट ५३८० Sq fit प्लाट की जो लिमिट है उसे बढाना चाहिए.
CA Bharat Neema
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  • 02
  • मई

Bharat Neema & Co.
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RERA, 2016 क्या है रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट ,2016
सरलता और शांति से जाने
अब बिल्डर्स एव coloniser, कॉलोनी developers को यदि प्लाट एरिया ५३८० Sq. Fit से ज्यादा या 8 flat से ज्यादा हो तो प्रोजेक्ट को स्टार्ट करने के पहले RERA,2016 के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा और बताना पड़ेगा की वह प्रोजेक्ट कितने दिन में कम्पलीट करेगा. इसके बाद ही वह मार्केट में विक्रय के लिए कोई भी डाक्यूमेंट्स व् ऑफर दे सकता है रजिस्ट्रेशन वगेराह सब एक कॉमन पोर्टल पर ऑनलाइन होगा. आपको ID, PASSWORD मिल जायेगा. रेगिस्त्रतीं के बाद ही वह प्रोजेक्ट बेचने का ऑफर मार्केट में ला सकता है सबसे बड़ी बात जब हम रजिस्ट्रेशन कराएँगे तो पिछले 5 साल में जो आपने प्रोजेक्ट किये है उसमे आपने क्या डिफ़ॉल्ट किये है व् कौन से प्रोजेक्ट अभी चल रहे है और डिले क्यों है और नक्षा वगेराह सब सबमिट करना है.कितना पेमेंट बाकि है, कितने फ्लैट बेचे है कितने नहीं बेचे है . प्रोजेक्ट डिले क्यों चल रहा है. कोई पेंडिंग मामले है क्या. इन सबकी जानकारी देना होगी. ३ माह में आपको वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्ट को भी रजिस्टर्ड करना होगा. वे सभी RERA के अंतर्गत शामिल हो जायेंगे. मतलब जिनके प्रोजेक्ट चल रहे है उसमे कुछ न कुछ डिफ़ॉल्ट रहता ही है. इसमें लोकल अथॉरिटी की परमिशन से कोई ज्यादा कंस्ट्रक्शन कर दिया गया है तो RERA उचित समझेगी तो जिस दिन से रजिस्ट्रेशन होगा उस दिन से नियमो का पालन करना होगा. अब कोई भी नया प्रोजेक्ट नयी कंपनी में करे तो अच्छा रहेगा. अब सौदे कार्पेट एरिया के हिसाब से होंगे.नए प्रोजेक्ट के लिए आपको सेंक्शन नक्शा देना है , कार्पेट एरिया अलग से

बताना है.जिसमे बाहरी दीवाल का एरिया शामिल नहीं रहेगा बालकनी का एव वरांडा का एरिया अलग से बताना है. जो की कार्पेट एरिया में शामिल नहीं रहेगा.
सभी प्रोजेक्ट में शामिल लोगो के नाम पते देना है जैसे कांट्रेक्टर , इंजिनियर, और ब्रोकर जो फ्लैट विक्रय करेंगे और प्रोजेक्ट कम्पलीट करने में शामिल रहेंगे. जब तक रजिस्ट्रेशन नहीं होगा आप कोई फ्लैट बेचने का सौदा नहीं कर सकते है.


अब escrew अकाउंट में ७०% तक पैसा रखना पड़ेगा जिसमे से प्रोजेक्ट कम्पलीशन की स्टेज के हिसाब से बिल्डर जमीन और कंस्ट्रक्शन की लागत का पैसा निकाल सकता है.
अब RERA के अंतर्गत किसी बिल्डर ने कोई गलती की या कंप्लेंट हुयी जैसे प्रोजेक्ट प्लान के अनुसार नहीं बनाया तो उसे डिफाल्टर घोषित करेगा और उसका नाम व् फोटो वेबसाइट पर डालेगा और सभी अन्य एजेंसीज को इसकी सुचना देगा. डिफाल्टर होने के बाद बचा हुआ प्रोजेक्ट का काम जिसने फ्लैट ख़रीदे है उनका एसोसिएशन करेगा.यदि एसोसिएशन मना करता है तो RERA द्वारा निर्देशित व्यक्ति करेगा या कोई अथॉरिटी करेगी. कुछ विशेष परिस्थिती में rera प्रोजेक्ट पूर्ण करने का टाइम १ साल तक बड़ा सकती है .
अब CA से साल ख़त्म होने के ६ माह के अंदर ऑडिट करना होगा व् सर्टिफिकेट लेना होगा की जो फण्ड निकाला है वह प्रोजेक्ट में लगाया है इसमें ऑडिट के लिए कोई फाइनेंसियल लिमिट नहीं दी गयी है.


अब यदि प्रमोटर डिफ़ॉल्ट करता है तो फ्लैट खरीदने वाले को जिस दिन उसने पैसा दिया था उस दिन से जिस दिन वापिस किया है देना होगा.लेकिन यदि फ्लैट खरीदने वाले ने डिफ़ॉल्ट किया तो उसे ब्याज डिफ़ॉल्ट की डेट से एक्चुअल पेमेंट की डेट तक का देना होगा. मतलब बिल्डर डिफ़ॉल्ट करता है तो बहुत महंगा पड़ेगा. प्रमोटर को प्रोजेक्ट की सारी डिटेल क्वार्टरली webside पोर्टलः पर डालना होगी जैसे कितने फ्लैट और गेराज बुक किये, यदि प्रोजेक्ट बेचने के लिए Advertisement दिया तो उसमे RERA की webside का नाम देना होगा जहा से पब्लिक प्रोजेक्ट के बारे में साड़ी जानकारी प्राप्त कर सकती है. १०% से ज्यादा बिल्डर एडवांस नहीं ले सकता है. बाकि का भुगतान लेने के पहले उसे रजिस्टर्ड एग्रीमेंट खरीददार के साथ करना होगा. यदि कोई प्रमोटर बिच में प्रोजेक्ट किसी को बेचता है तो उसे दो तिहाई या ६६.६६% फ्लैट मालिको से और RERA से अनुमति लेना होगी.अब प्रमोटर को बिल्डिंग /प्रोजेक्ट का इन्सुरांस कराना अनिवार्य है.


अब रियल एस्टेट एजेंट को RERA के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराना होगा RERA उन्हें एक रजिस्ट्रेशन न. देगा जो उन्हें सभी जगह quote करना होगा . अब ब्रोकर वही मॉल बेच पायेगा जो प्रोजेक्ट RERA में रजिस्टर्ड है ,पुराने व् जिनको रजिस्ट्रेशन की जरुरत नहीं है उनका मॉल वह बेच सकता है जैसे ५३८० sq. fit के निचे वाले प्लाट पर प्रोजेक्ट, मकान वगेराह. अगर ब्रोकर किसी भी प्रकार की अनफेयर , जैसे गलत जानकारी देना, गलत स्टेटमेंट देना वगेराह ,काम करता हुआ पाया जायेगा तो उसका रजिस्ट्रेशन सुचना देकर निरस्त किया जा सकता है.
रजिस्ट्रेशन के लिए जरुरी बाते एव जरुरी पेपर ३ कॉपी में (बिल्डर के लिए ) :
थोड़ी सी डिटेल्स प्रोजेक्ट की व् नाम ,पता, मालिक का फोटो ,पिछले ४ साल की आयकर return की कॉपी व् PAN CARD की कॉपी
पिछले 5 सालो में प्रोजेक्ट किये है उनकी वर्तमान स्थिति देरी के कारण सहित
कॉपी ऑफ़ आल अप्रूवल जैसे नक्शा ,NOC वगेराह,जमीन की रजिस्ट्री की कॉपी या रेश्यो अग्रीमेंट की कॉपी
क्या सुविधाए दे रहे है जैसे पानी की सुविधा ,फ़ायर fighting वगेराह
सभी प्रकार से demarcation किया हुआ प्लान जैसे बाउंड्री वाल .
फ्लैट बिक्री का प्रोफार्मा ऑफर पत्र की कॉपी
सभी तरह के फ्लैट के न. व् कार्पेट एरिया वगेराह
गेराज की डिटेल
ब्रोकर के नाम और पते यदि कोई है तो
इंजिनियर ,कांट्रेक्टर व् इलेक्ट्रीशियन के नाम पते जो भी प्रोजेक्ट के काम में शामिल हो रहा है
एक एफिडेविट प्रमोटर को देना होगा जिसमे वह सभी काम टाइम पर व् सही करने के लिए देगा.
बाकि बहुत सी जैसे पेनल्टी वगेराह की बाते आगे के लेख में
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  • 25
  • अप्रै

नयी दिल्ली 25 अप्रैल  राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने आज कहा कि देश में 01 जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद आयातित सामान महँगे हो जायेंगे जिसका फायदा घरेलू कंपनियों को मिलेगा।
हालाँकि, उन्होंने नयी कर व्यवस्था से महँगाई बढ़ने की आशंका को खारिज कर दिया।
श्री अधिया ने यहाँ जीएसटी पर संवाददाताओं के लिए आयोजित एक कार्यशाला में कहा कि नयी कर व्यवस्था में आयात पर सीमा शुल्क पहले की तरह बना रहेगा और साथ ही आयातित उत्पादों पर जीएसटी के स्लैब के हिसाब से भी कर लगाया जायेगा।

(वार्ता)