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अंतरराष्ट्रीय

नई दिल्ली : आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने ही घर में घिर गए हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने आतंकवादियों एवं आतंकी संगठनों पर कार्रवाई न करने के लिए इमरान सरकार पर निशाना साधा है। बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है जिससे दुनिया में पाकिस्तानी की छवि खराब हुई है। उन्होंने इमरान सरकार से नेशनल एक्शन प्लॉन (एनएपी) लागू करने की मांग की है।

बिलावल ने कहा, 'दुनिया को हम क्या पैगाम दे रहे हैं। सरकार प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की लड़ाई लड़ रही है। इन संगठनों के खिलाफ न तो कोर्ट में सुनवाई हो रही है और न ही उनके खिलाफ कोई फैसला आता है लेकिन यहां के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को फांसी पर चढ़ा दिया जाता है। यहां शहीद बेनजीर भुट्टो और आसिफ अली जरदारी को एक फोन कॉल पर सजा दे दी जाती है। इस मुल्क में बच्चों को मारने वालों और दूसरे देश में जाकर दहशतगर्दी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।' भुट्टो ने सवाल किया कि किसी को एक फोन कॉल पर सजा हो जाती है जबकि आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं।

पीपीपी नेता ने दावा किया कि इमरान सरकार में कम से कम तीन ऐसे मंत्री हैं जिनके प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों से संबंध हैं। बिलावल ने इमरान सरकार से नेशनल एक्शन प्लान लागू कर अपनी गंभीरता दिखाने के लिए कहा है। पीपीपी नेता ने इमरान सरकार के समक्ष तीन शर्तें रखी हैं। पहली शर्त संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति का गठन, दूसरी प्रतिबंधित आतंकवादी गुटों के समर्थन में दिए गए बयानों से दूरी बनाने और तीसरी आतंकी गुटों से संपर्क रखने वाले तीन मंत्रियों को हटाने की रखी है।

पुलवामा में गत 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंध तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली। इसके बाद भारतीय वायु सेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान में जैश के सबसे बड़े प्रशिक्षण केंद्र को निशाने बनाते हुए हमले किए। जबकि पाकिस्तान वायु सेना ने 27 फरवरी को कश्मीर के कृष्णा घाटी में भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की। 

वहीं, संयुक्त राष्ट्र में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर चीन ने बुधवार को एक बार फिर अड़ंगा लगा दिया। मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के लिए यह चौथा वैश्विक प्रस्ताव था लेकिन चीन की 'तकनीकी आपत्ति' के बाद मसूद को राहत मिल गई। हालांकि चीन के इस कदम से दुनिया के बड़े देश नाराज हैं और वे अपनी अगली कार्रवाई के बारे में विचार कर रहे हैं। 

नई दिल्ली। अमेरिका पुलवामा आतंकी हमले के गुनाहगार जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को घेरने के लिए भारत का लगातार साथ दे रहा है। अमेरिका ने चीन को कहा कि मसूद अजहर ग्लोबल आतंकी घोषित होना चाहिए। अमेरिका की ओर से बयान में कहा गया है कि भारत-अमेरिका साथ में काम कर रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद के अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन है और मसूद उसका सरगना है ऐसे में उसे भी ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना चाहिए। मसूद अजहर भारतीय उपमहाद्वीप में शांति के लिए खतरा बना हुआ है।

आपको बताते जाए कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा समिति की बैठक में यह तय हो जाएगा कि मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाए या नहीं। भारत के इस प्रयास में अमेरिका खुलकर सामने आ गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता रॉबर्ट ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए। अगर जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगता है कि शांति का मिशन फेल हो जाएगा।

 

वॉशिंगटन। अमेरिका में रहने वाले गिलगिट ऐक्टिविस्ट सेंगे हसनान सेरिंग ने भारत की ओर से किए बालाकोट एयर स्ट्राइक को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सेरिंग ने एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया है कि स्थानीय उर्दू अखबारों में छपी खबर के अनुसार, स्ट्राइक के बाद 200 आतंकियों के शव को पाकिस्तान की सेना ने बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा पहुंचाने के कार्य को अंजाम दिया। सेरिंग ने एक वीडियो ट्विटर पर शेयर किया।

वीडियो कैप्शन में उन्होंने लिखा कि भारत के एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने 200 से अधिक आतंकियों को दफनाने को कबूल कर लिया था। आतंकी मुजाहिद को अल्लाह से मिले विशेष सौगात की बात करते हुए कहा कि यह लोग पाकिस्तान सरकार के लिए दुश्मन के खिलाफ काम करने के कार्य को अंजाम दे रहे थे।

उनके परिवारों को सहयोग देने की बात की। वीडियो में कुछ पाक अधिकारियों को रोते हुए बच्चों को चुप कराते देखा गया है। पीछे किसी की आवाज आ रही है जिसमें एक शख्स कह रहा है कि यह अल्लाह का करम है। हमारे 200 बंदों को यह मौका दिया है।

भारतीय एवं विश्व इतिहास में 08 अक्टूबर को हुई प्रमुख घटनाएं इस प्रकार है:
अमेरिका के लॉस एंजिल्स और सैनफ्रांसिस्को के बीच 1860 में टेलीग्राफ लाइन स्थापित हुई थी।
भारतीय वायुसेना का गठन 1932 में हुआ।
लंदन की 481 फुट ऊँची डाकघर मीनार को 1965 में खोला गया। यह इंग्लैंड की उस समय की सबसे ऊँची इमारत थी।
बोलिविया में चो गुवारा और उनके दल के लोग 1967 में पकड़े गए।
सोवियत संघ के लेखक एलैकजेंडर सोल्जनित्सन को 1970 में नोबेल पुरस्कार मिला।
कनाडा की राजधानी ओटावा में 1996 को आयोजित सम्मेलन में लगभग 50 देश बारूदी सुरंगों पर विश्वव्यापी प्रतिबंध लगाने पर सहमत हुए।
भारत फ्लाइट सेफ्टी फाउंडेशन का सदस्य 1998 में बना।
वोजोस्लाव कोस्तुनिका 2000 में यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति बने।
इटली के मिलान हवाई अड्डे पर 2001 को दो विमानों की टक्कर 114 लोगों की मौत।
पाकिस्तान ने 2002 में शाहीन मिसाइल का पुनः परीक्षण किया।
टोक्यो में 2003 को आयोजित मिस इंटरनेशनल प्रतियोगिता में मिस वेनेजुएला गोजेदोर एजुआ ने खिताब पर कब्जा जमाया।
ईरान की शिरीन इबादी को नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा 2003 में की।
भारतीय गेहूं पर 2004 में मौनसेंटो का पेटेन्ट रद्द।
केन्या के पर्यावरणविद वांगरी मथाई को शांति का नोबेल पुरस्कार 2004 में दिया।
कश्मीर में 2005 को भूकंप से हजारों लोगों की मौत।
बांग्लादेश के पूर्व गृहमंत्री मोहम्मद नसीम को 2007 में 13 साल क़ैद की सज़ा हुई।
प्रसिद्ध वकील, न्यायाधीश और नेता बदरुद्दीन तैयब जी का जन्म 1844 में हुआ।
बालीवुड अभिनेता राजकुमार का जन्म 1926 में हुआ।
हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद का निधन 1936 में हुआ।
संपूर्ण क्रांति के प्रणेता और स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण का निधन 1979 में हुआ।
भारतीय राजनीतिज्ञ, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी कमलापति त्रिपाठी का निधन 1990 में हुआ।

अशोक लोढ़ा

भारतीय एवं विश्व इतिहास में 19 अक्टूबर को हुई प्रमुख घटनाएं इस प्रकार है:

1689....रायगढ़ किले में संभाजी की विधवा और उसके बच्चे ने औरंगजेब के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
1889....फ्रांसीसी नेता नेपोलियन बोनापार्ट ने रूस की राजधानी से अपनी सेना हटाई।
1933....जर्मनी मित्र राष्ट्रों की संधि से बाहर आया।
1952....श्रीरामुलू पोट्टी ने पृथक अांध्र राज्य के लिये आमरण अनशन शुरु किया।
1970....स्वदेश निर्मित पहला मिग-21 विमान भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया।
2003....पोप जॉन पाॅल द्वितीय ने मदर टेरेसा को धन्य घोषित किया।
यह संत की उपाधि दिये जाने की दिशा में पहला कदम होता है।
2005....सद्दाम हुसैन पर मानवता के खिलाफ अपराध के लिए बगदाद में अभियोग चलाया गया।
2012....लेबनान की राजधानी बेरुत में बम विस्फोट में आठ लोगों की मौत ,110 अन्य घायल

सैन फ्रांसिस्को,18 अक्टूबर। अगर आपको ग्रहों, तारों जैसे खगोलीय पिंडों में रुचि है और आप उनके बारे में अधिक जानकारियां जुटाना चाहते हैं तो गूगल मैप का नया फीचर आपकी सहायता कर सकता है। इस फीचर की मदद से आप पृथ्वी के अलावा अन्य ग्रहों और चंद्रमा का घर बैठे दर्शन कर सकते हैं। गूगल मैप के जरिये शनि ग्रह के प्राकृतिक उपग्रह इंसेलेडस, डिओन, मिमास, रेआ के साथ ही बृहस्पति ग्रह के चंद्रमा यूरोपा और गनीमेड की यात्रा भी की जा सकती है।
गूगल के प्रोडक्ट मैनेजर स्टैफोर्ड मारक्वार्ड ने कहा, ‘मैप से आप इंसेलेडस के बर्फीले मैदानों का भ्रमण कर सकते हैं जहां कैसिनी यान ने पानी ढूंढा था और टाइटन की मीथेन झीलों की यात्रा भी कर सकते हैं। हमने प्लूटो, शुक्र ग्रह और अन्य चंद्रमाओं के साथ 12 नई दुनिया के नक्शे एप में शामिल किए हैं।’ गूगल ने इसे तैयार करने के लिए खगोल वैज्ञानिक ब्योर्न जॉनसन की मदद ली है जिन्होंने नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की तस्वीरों की मदद से ग्रहों और चंद्रमाओं के नक्शे तैयार किए हैं।
तस्वीरें साझा और संग्रह करने के लिए बनाए गए गूगल फोटो एप से अब आपके पालतू पशुओं की पहचान हो सकेगी। इस नए फीचर की मदद से आप अपने पालतू पशु के साथ फोटो खिंचवाते समय उनका नाम लिख सकते हैं। इसके अलावा इस एप की मदद से पशुओं के फोटो एलबम और वीडियो भी बनाए जा सकेंगे। गूगल फोटोज में 16 मेगा पिक्सल तक की असीमित तस्वीरें और 1080 रिजोल्यूशन तक के वीडियो संग्रहित किए जा सकते हैं।

भारतीय और विश्व इतिहास में 18 अक्टूबर की प्रमुख घटनायें इस प्रकार हैं :

1386 - जर्मनी में हैडलबर्ग विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी।
1564 - इंग्लैंड के नाैसैनिक कमांडर जॉन हाॅकिन्स ने दूसरी बार अमेरिका यात्रा शुरू की।
1572 - स्पेन की सेना ने मास्ट्रिच पर हमला कर दिया।
1648 - उत्तर अमेरिकी उपनिवेशों में ‘बोस्टन शूमेकर्स’ पहला श्रम संगठन बना।
1878 - थॉमस एल्वा एडिसन ने घरेलू उपयोग के लिए बिजली उपलब्ध करायी।
1892 - अमेरिका में शिकागो से न्यूयार्क के बीच पहली लंबी दूरी की वाणिज्यिक फोन लाइन को शुरू।
1900 - काउंट बर्नार्ड वॉन बुलो जर्मनी के चांसलर बने।
1922 - ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कंपनी की स्थापना हुई, जिसका नाम बाद में बदलकर ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन किया गया।
1931 - बिजली के खोजकर्ता थॉमस एडिसन का निधन हुआ।
1954 - टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स कंपनी ने पहले ट्रांजिस्टर रेडियो का निर्माण किया।
1967 - हेंस ए बेथे को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया।
1972 - पहले बहु-आयामी हेलीकॉप्टर एसए-315 का बेंगलुरु में हवाई परीक्षण।
1973 - अमेरिका के मशहूर अर्थशास्त्री वैसिली लिओन्टीफ को अर्थव्यवस्था के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित।
1976 - विलियम एन लिप्सकोंब जूनियर को रसायन का नोबेल पुरस्कार दिया गया।
2007 - पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की मोटरकार रैली में हुये आत्मघाती हमले 139 लोगों की मौत और 450 अन्य घायल हुये।
इस हमले में श्रीमती भुट्टो बाल बाल बच गयी थी।
2012 - सीरिया ने मारेत अल नुमान में सैन्य हवाई हमलों 40 लोग मारे गये।

भारतीय एवं विश्व इतिहास में 17 अक्टूबर को हुई प्रमुख घटनाएं इस प्रकार है:

1605.... मुगल शासक अकबर का निधन।
1817.... इस्लामिक सुधारक और नेता सर सैयद अहमद खाँ का दिल्ली में जन्म।
1870.... कलकत्ता बंदरगाह को एक संवैधानिक निकाय प्रबंधन के तहत लाया गया।
1906.... स्वामी राम तीर्थ का निधन।
1912....बुल्गारिया ,यूनान और सर्बिया ने ओटोमन साम्राज्य के खिलाफ लड़ाई की घोषणा की।
1917....प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटेन ने पहली बार जर्मनी पर हवाई हमले किये।
1933....प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन नाजी जर्मनी से अमेरिका चले गये।
1941....द्वितीय विश्व युद्ध में पहली बार जर्मनी की पनडुब्बी ने एक अमेरिकी पोत पर हमला किया।
1970.... भारतीय किक्रेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर और कप्तान अनिल कुंबले का कर्नाटक की राजधानी बेंगलोर (अब बेंगलुरु) में जन्म।
1979....मदर टेरेसा को शांति के लिये नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
1888....वैज्ञानिक थामस अल्वा एडिसन ने ऑप्टिकल फोनोग्राफ के पेटेंट के लिए आवेदन किया।
2009- हिंद महासागर में स्थित मालदीव ने पानी के अंदर दुनिया की पहली कैबिनेट बैठक कर सभी देशों को ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से आगाह करने की कोशिश की।

मास्को , 12 अक्टूबर। उत्तकर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम से इन दिनों अमेरिका समेत कई देशों की नींद उड़ा दी है। आए दिन वह नए-नए परमाणु परीक्षण कर रहा है। इस बीच, उत्त्र कोरिया के विदेश मंत्री का एक बयान सामने आया है, जिसकी आलोचना हो सकती है। रूस के सरकारी समाचार एजेंसी टास का कहना है कि उत्त र कोरियाई विदेश मंत्री री यांग हो ने अपने देश के परमाणु हथियारों को ‘न्याकय की तलवार’ करार दिया है।
एजेंसी के अनुसार, री यांग हो ने आज अमेरिकी राष्ट्र पति डोनाल्डह ट्रंप के सितंबर में यूएन में दिए गए भाषण को लेकर उन पर हमला बोला। ट्रंप ने अपने भाषण में उत्त‍र कोरिया को पूरी तरह से नष्टा करने की धमकी दी थी। री यांग हो ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उन्हों ने अपने इस भाषण से युद्ध की शुरुआत कर दी है।
वहीं उन्होंरने कहा कि उत्त र कोरिया के परमाणु हथियार अमेरिका से देश की रक्षा करने वाले एक निवारक के तौर पर हैं। उन्हों ने कहा कि उत्त र कोरिया की रणनीतिक बलों में ‘अटूट’ शक्ति है, जो आक्रामक देश अमेरिका को बिना सजा दिए नहीं छोड़ेगे। उन्हों ने यह भी कहा कि उत्तेर कोरिया की सेना और आम लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि अमेरिका के साथ शब्दों से नहीं बल्कि हथियारों से निपटा जाए।
आपको बता दें कि पिछले दिनों में उत्त र कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ तनाव काफी बढ़ गया है। दोनों देशों में कई बार जुबानी जंग देखने को मिल चुकी है। उत्तअर कोरिया ने अमेरिका की सरजमीं तक परमाणु हमले की क्षमता हासिल करने का दावा किया है, जिससे अमेरिका आग बबूला हो गया है। वह भी लगातार उत्त र कोरिया को कीमत चुकाने की धमकी दे रहा है। मगर फिलहाल सैन्यग कार्रवाई की बजाय कूटनीतिक हल निकालने पर उसका जोर है।

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