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त्योहार है रंग लगाईए लेकिन मर्यादा में रह कर

जी हां, होली है ।
होली है त्यौहार रंगों का, प्रेम का, भाईचारे का, सौहार्द का ।
इस दिन सब गिले शिकवे भूल कर दुश्मन भी गले लग जाते हैं । एक दूसरे के
घर जाते हैं रंग लगाते हैं, मिठाई खाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं । यहां तक तो ठीक है किन्तु कुछ लोग इस भाईचारे का, प्यार मोहब्बत का गलत मतलब निकाल लेते हैं और फायदा उठाने की कोशिश करते हैं ।

अक्सर कुत्सित विचारों के व्यक्ति होली की आड़ में छेड़ छाड़ करते हैं । दूसरों की बहू बेटियों को जबरदस्ती रंग लगाने, पानी डालने की कोशिश और हुड़दंग करते हैं। मना करने पर वही जुमला.........बुरा ना मानो होली है.........नतीजा प्रेम प्यार का त्यौहार मन मुटाव का कारण बन जाता है । अक्सर मोहल्ले के आवारा किस्म के लड़के इस का कारण बनते हैं । बात बच्चों से बडों तक पहुंच जाती है और कई बार तो बात तकरार ,हाथापाई और फिर अनबोली तक पहुंच जाती है ।

इस लिए जरूरी हे कि कुछ बातों का ख्याल रखा जाये । त्योहार है रंग लगाईए लेकिन मर्यादा में रह कर । हंसी मज़ाक की भी एक मर्यादा होती है । मर्यादा भंग होते ही सब गड़बड़़ हो जाता है जैसे जब समुदर् अपनी मर्यादा पार करता है तो कितनी तबाही होती है। इसी तरह रिश्तों में मर्यादा रखना बड़ा जरूरी होता है । गली मोहल्ले में यार दोस्त आपस में रंग खेलें मस्ती करें उस में कोई दोष नहीं लेकिन हुड़दंग करते हुए दूसरों की बहू बेटियों पर बेहूदा टिप्पणियां करना बड़ा गलत है । इस से आप की अपनी इज्जत तो जाती ही है आप के मां बाप की परवरिश पर भी सवाल उठते हैं ।

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रंगों का त्योहार है, रंग लगाईए । कई लोग तो कीचड़, पेंट और यहां तक कि कोलतार तक पोत देते हैं । सोचिए यह सब छुड़ाने में कितनी तकलीफ होगी, ऐसे में कोई आप को दुआ तो देगा नहीं कोसेगा ही ।

शाम को जब नहा धो कर होली मिलन के लिए जाते हैं तो ज्यादातर लोग चितकबरे दिखते हैं और तरह तरह के रंग छुड़ाने के उपाय करने के कारण एलर्जी से परेशान होते हैं। इस लिए रंगों का त्यौहार मनाईए, रगं लगाईए, मिठाई खाईए और खिलाईए, मौज मज़ा करिये लेकिन शालीनता का दामन मत छोड़िए ।

होली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं ।

शशि पाठक
जयपुर