अन्य ख़बरे

  • 27
  • मार्च

बचपन कल का
कोरा कागज़
जवानी ताज़ा अखबार
बुढ़ापा बीते कल का
मटमैला दस्तावेज
मौत रद्दी की टोकरी
परसों जिसमें अखबार
फेंक दिया जाएगा
रद्दी अखबार के तो
पैसे भी मिल जाएंगे
बची खुची हड्डियों से
छुटकारा पाने के लिए
अनेकानेक परम्पराएं
निभाई जाएँगी
मनुष्य के जीवन की
यही सच्चाई
जितना ताज़ा उतना अच्छा
जितना पुराना उतना व्यर्थ

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
वरिष्ठ चिकित्सक,अजमेर

  • 27
  • मार्च

लचीलापन
तूफ़ान से लडती
तेज़ी से हिलती
नीम की पतली सी
टहनी पर दृष्टि पडी
बची रहेगी या टूट कर
धरती पर गिर जायेगी
मन की जिज्ञासा बढ़ी
मोटी डालियाँ
तूफ़ान की मार सह न सकी
नन्ही टहनी
नीम पर झूमती रही
बात समझ में आ गयी
जीवन में ताकत ही
आवश्यक नहीं होती
लचीलापन भी मनुष्य की
ताकत बन सकती है

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
वरिष्ठ चिकित्सक,अजमेर

  • 27
  • मार्च

असंख्य तारों के बीच भी
चंद्रमा गगन में
विशिष्ट स्थान रखता है
सफ़ेद चादर पर
एक छोटा सा काला धब्बा
आँखों से छुप नहीं पाता
एक सद्गुण मनष्य के
व्यक्तित्व को निखारता है
अनेकानेक सद्गुण
मनुष्य को श्रेष्ठ बनाते हैं
व्यक्तित्व में एक अवगुण
कई सद्गुणों को ढक देता है

डा.राजेंद्र तेला,निरंतर
वरिष्ठ चिकित्सक,अजमेर

  • 25
  • मार्च

बनाकर नाव कागज की
भवसागर पार कर चले
प्रभु नाम की पोथी लेकर
जीवन को तार कर चले
बहुत ही मनाया राम को
पर गति पा न सका मैं
इसी जीवन में हर जीवन
की बाजी हार कर चले

बना माटी खिलौना हर
जन मनचाह खेलता रहा
मन को बहला उछाल -
उछाल कर फेंकता रहा
यह जग माया बन कर हर
रोज सबको ही ठगता
भरने के बाबजूद पेट को
नोट हर पल ऐठता रहा

डॉ मधु त्रिवेदी 
आगरा (उत्तर प्रदेश)