• 04
  • मई

इंदौर.मध्यप्रदेशलोकायुक्त की टीम ने शनिवार सुबह इंदौर विकास प्राधिकरण के सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार और उनके बड़े भाई ठेकेदार रमेश भाटीदार घर एक साथ 8ठिकानों पर छापा मारा। यहां से टीम को बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की ज्वैलरी और नकदी मिली है। लोकायुक्त पुलिस की मानें तो सब इंजीनियर गजानंद अपने भाई के बिजनेस में भी हिस्सेदारहैं। उन्होंने जमीन और कंस्ट्रक्शन के काम से बड़ी मात्रा में धन कमाया है। टीम की कार्रवाई अभी जारी है।

लोकायुक्त की टीम सुबह 6 बजे एक साथ सभी ठिकानाें पर दबिश देने पहुंची। सबसे पहले टीम एक स्कीम नंबर 78 के अरण्य नगर स्थित उनके निवास पर पहुुंची। टीम को जांच में घर के बगल से ही दो 1500 स्क्वायर फीट के प्लॉट मिले हैं। सब इंजीनियर के घर के पास ही भाई की पत्नी वंदना और बहन सुनीता पाटीदार का भी मकान है।इसके अलावा स्कीम नंबर 94 में भी एक मकान के दस्तावेज मिले हैं।

इंदौर में स्कीम-78 में मकान, खाली प्लॉट और गार्डन

इंदौर के अलावा एक टीम खरगोन स्थित शेगांव में उनके पैतृक निवास पर भी पहुंची। आधिकारिक सूत्रों की मानें तोअब तक की कार्रवाई में 25 लाख नकद, सवा लाख का गोल्ड (वेल्युएशन होना बाकी), इंदौर में स्कीम-78 में 2500 स्क्वायर फीट कामकान औरखाली फ्लाॅट, गार्डन है।

खेती की जमीन, मकान समेत अन्य संपत्तियों का खुलासा

सब इंजीनियर के पास से खेती की जमीन, दुकान, मकान औरअन्य संपत्तियों का खुलासा भी हुआ है। बताया जाता है कि गजानन पहले ट्रेसर के रूप में इंदौर विकास प्राधिकरणमें काम करते थे। साल 2000 में बतौर उपयंत्री के तौर पर पर उनकी स्थापना हुई। गजानन की सैलरी लगभग 55 हजार रुपए मासिकहै।

 

 

 
 
  • 01
  • मई

नई दिल्ली : रोहित तिवारी मर्डर केस मामले में हर दिन नई जानकारियां सामने आ रही है। रोहित तिवारी की पत्नी अपूर्वा शुक्ला को मर्डर के आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की पूछताछ में अपूर्वा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने पुलिस के समक्ष ये स्वीकार किया है कि उसने सोच-समझ कर ये मर्डर प्लान किया था। उसने बताया कि रोहित के दूसरी महिला रिश्तेदार के साथ अनैतिक संबंध थे जिससे उसके एक बेटा भी था।

उसने पुलिस को आगे ये भी बताया कि उसे इस बात का डर था कि उसकी संपत्ति का बंटवारा उसके नाजायज बेटे के साथ कर दिया जाएगा। अपूर्वा ने बताया कि ये बात उसे अंदर ही अंदर खाए जा रही थी। दो दिन के पुलिस हिरासत में ली गई अपूर्वा ने अपने बयान में ये बात कबूली है। पुलिस से जुड़े सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि तिवारी की एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर उसके लिए बड़ा खतरा बनने वाली थी।  

वह महिला अपने बेटे को लेकर अक्सर तिवारी को कहती थी कि ये आपके घर का ही तो बेटा है, वह रोहित की संपत्ति का बंटवारा अपने बेटे में भी करवाना चाहती थी। उस बच्चे के प्रति रोहित के लगाव ने मेरे शक को और भी मजबूत बना दिया। 

इस तरह रोहित और शुक्ला की हुई थी शादी 
अपूर्वा शुक्ल इंदौर की रहने वाली है और 2012-2014 में दिल्ली आई थी, वह यहां सुप्रीम कोर्ट में लॉयर की प्रैक्टिस कर रही थी। उसने बताया कि उसे राजनीति में जाने की बेहद इच्छा थी।

वह एक शादी समारोह में रोहित तिवारी से मिली थी वहीं से उसकी राजनीति में प्रवेश करने की इच्छा बलवती होती चली गई। कुछ समय तक एक दूसरे को डेट करने के बाद अपूर्वा ने रोहित को शादी के प्रपोज किया। 11 मई 2018 को इन दोनों ने शादी कर ली, लेकिन इनकी शादी लंबी नहीं चली और 29 मई को अपूर्वा अपने पेरेंट्स के घर चली गई।

तलाक की आ गई थी नौबत, फिर..
जुलाई में वह तिवारी को तलाक देने के मकसद से वापस दिल्ली आई। उस समय रोहित तिवारी मैक्स अस्पताल में किसी बीमारी के कारण भर्ती था। अपूर्वा अस्पताल में ही चली गई और उन दोनों के बीच लड़ाई भी हुई। हालांकि यहां दोनों के बीच समझौता हो गया और दोनों ने एक दूसरे को एक और मौका देने का फैसला किया। इन दोनों ने दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में रहना शुरू कर दिया। 

अपने रिश्ते को एक और मौका देने के बाद भी अपूर्वा खुश नहीं थी। उसने बताया कि रोहित और उसके परिवार के साथ खुश नहीं थी। उसने कहा कि वह अपनी सास उज्जवला सिंह के व्यवहार से बेहद नाखुश थी। वह अपना अधिकार चलाती थी और अपने मुताबिक चीजें करवाती थी।

सास और पति पर लगाया ये गंभीर आरोप
उसने बताया कि वह बिना अपनी सास की मर्जी के अपने कमरे का पर्दा भी बदल नहीं सकती थी। मुझे घर चलाने के लिए नाप-तौल कर पैसे दिए जाते थे, मुझे घर पर भरपूर सम्मान भी नहीं दिया जाता था। 

उसने बताया कि मैं उसे मारने के अपने फैसले पर अटल थी। वह काफी क्रूर था और मुझसे प्यार नहीं करता था। अपने अफेयर को लेकर अफसोस जताने के बजाय वह मुझसे लड़ता था। वह मेरे पेरेंट्स को गालियां देता था और उसकी मां भी मेरे घरवालों को ताना देती रहती थी। मैंने उससे शादी की थी तो मैंने इस तरह की लाइफ का सपना नहीं देखा था।  

 
  • 27
  • अप्रै

✓ *नकली पुलिस अधिकारी बनकर लूट व धोखाधड़ी करने वाला आरोपी क्राईम ब्रांच इन्दौर व थाना सेंट्रल कोतवाली की संयुक्त कार्यवाही में गिरफ्तार।*

✓ *आरोपी पूर्व में भी लूट, एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में हो चुका है गिरफ्तार।*

✓ *व्यापारियों से पुलिस वाला बनकर चेकिंग के नाम पर मांगता था बैग, बैग में रखी नगदी चतुराई से करता था साफ।*

✓ *लूट के मामले में दोषी पाये जाने पर आरोपी वर्ष 1995 में पुलिस विभाग से आरक्षक पद से किया गया था बर्खास्त।*

✓ *इंदौर में ही जिला बल में सिपाही के पद पर पदस्थ रहा आरोपी।*

√ *04 साल आर्मी में भी नौकरी कर चुका है आरोपी, आर्मी से भी किया गया था बर्खास्त।*

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमति रूचिवर्धन मिश्र इन्दौर (शहर) व्दारा शहर में नकली पुलिस बनकर लूट व धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों की धरपकड हेतु इन्दौर पुलिस को निर्देशित किया गया था। उक्त निर्देशों के तारतम्य में पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) इंदौर श्री अवधेश गोस्वामी के निर्देशन में क्राईम ब्रांच की समस्त टीम प्रभारियों को इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही करने हेतु समुचित निर्देश दिये गये थे।

इसी अनुक्रम में क्राईम ब्रांच की टीम को थाना-सेंट्रल कोतवाली, इन्दौर के अपराध क्रमांक-99/19 फरार अज्ञात आरोपियों के संबंध में सूचना ज्ञात हुई थी कि उपरोक्त घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपियों में से 01 आरोपी रेलवे स्टेशन के पास घूम रहा है जोकि कहीं भागने की फिराक में है। घटना स्थल से प्राप्त तत्कालीन सी.सी.टी.वी. फुटेज के आधार पर, उक्त अपराध में फरार आरोपी को रेलवे स्टेशन इंदौर के पास से क्राईम ब्रांच इंदौर तथा सेट्रल कोतवाली की संयुक्त टीम ने घेराबन्दी कर धर दबोचा जिसने पुलिस टीम को पूछताछ में अपना नाम पुष्पराज सिंह पिता वीरेन्द्र सिंह बघेल उम्र-58 वर्ष निवासी-ग्राम जनार्दनपुर थाना-रामपुर तहसील जिला सतना का होना बताया। आरोपी से थाना सेंट्रल कोतवाली में घटित अपराध के संबंध में पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने अपने एक अन्य साथी के साथ दिनांक 10.04.2019 को उसने संजयसेतु पुल के पास एक राहगीर को रोका था जोकि राजस्थान से इंदौर कपड़ो के व्यापार के संबंध में आया था।

आरोपियों ने उक्त राहगीर को यह कहते हुये धमकाया कि तुम्हारे पास जो बैग है उसमें हथियार होने की सूचना मिली है तथा आरोपियों ने स्वयं को क्राईम ब्रांच का पुलिस अधिकारी बताया था एवं फरियादी युवक के बैग की तलाशी लेने हेतु उसे विवश किया था। फरियादी ने अपना बैंग आरोपियों को पुलिस अधिकारी समझते हुये चैक करने के लिये दे दिया तो आरेापियों ने चतुराई से फरियादी के बैग में से नगदी राशि करीबन 01 लाख रूपये सफाई से निकाल ली थी। बाद फरियादी को बैग लौटा कर आरोपीगण साईकिल से भाग गये थे, जिसके सीसीटीवी फुटेज पुलिस को प्राप्त हुये थे। उपरोक्त घटनाक्रम के परिपेक्ष्य में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध थाना सेंट्रल कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
फरियादी मूलतः कलिंजरा, जिला बांसवाड़ा, राजस्थान का रहने वाला जोकि रेडीमेड कपड़ो का धंधा करने वाला व्यापारी है फरियादी अक्सर व्यापार के चलते कपड़ो की खरीददारी करने इंदौर आता जाता रहा था जिसको बदमाशों ने अवैध हथियारों की तस्करी करने का आरोप लगाते हुये स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुये धमकाया बाद उसके बैग की तलाशी लेने पर उसमें से नगदी गायब कर दी थी।

आरोपी पुष्पराज बघेल ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 1986 में आरक्षक के पद पर नियुक्त होकर जिला बल इन्दौर में कार्यरत था, किन्तु वर्ष 1995 में थाना- जी.आर.पी. इन्दौर में आरोपी पर लूट के मामले का प्रकरण पंजीबद्ध हुआ तत्समय उपरोक्त प्रकरण के संदंर्भ में विभागीय जांच के दौरान आरोपी पुष्पराज बघेल को दोषी पाया गया अतः विभागीय कार्यवाही में आरोपी पुष्पराज बघेल को आरक्षक के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्त होने के बाद से आरोपी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया था जिसने बताया कि वह पूर्व में जिला प्रतापगढ, राजस्थान से अवैध मादक पदार्थों को खरीदकर इंदौर तथा अन्य जिलों में सप्लाय करता था। प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में 1999 में थाना-पिपलौदा, जिला-रतलाम द्वारा गिरफ्तार किया गया था जिसमें आरोपी 03 वर्ष से अधिक समय की सजा भी काट चुका है। आरोपी पर थाना-छोटी ग्वालटोली इंदौर के अलावा जीआरपी थाना इंदौर में भी लूट के प्रकरण पंजीबद्ध होना ज्ञात हुये हैं। आरोपी बर्खास्त होने के बाद से लगातार इसी प्रकार की मॉडस आपरेण्डी के आधार पर नकली पुलिस बनकर वारदातें कर रहा था।

आरोपी पुष्पराज सिंह बघेल से वारदात में शामिल अन्य साथी के संबंध में पूछताछ की जा रही है, विस्तृत पूछताछ में अन्य अपराधों के खुलासा होने की भी संभावना है।

  • 26
  • अप्रै

बूंदी। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के फूलसागर रोड पर एक अज्ञात बुजुर्ग महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई।मृतक महिला के शव पर चोटों के निशान होने की वजह से पुलिस हत्या की आशंका जता रही है।शहर कोतवाल घनश्याम मीणा ने बताया कि फूल सागर रोड पर एक महिला का शव झाड़ियों में पड़ा होने की सूचना पर मौके पर पहुची पुलिस ने मृतक महिला के शव को अपने कब्जे में लेकर शव जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा है। कोतवाल मीणा ने बताया कि मृतक महिला के शव की शिनाख्ती के प्रयास किये जा रहे है।

पृष्ठ 1 का 15