• 16
  • मार्च

नवीन वैष्णव अजमेर
अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड़ में सवा दो करोड़ रूपए का गबन करने वाली पूर्व मिसेज इंडिया अन्नपूर्णा सैन व उसके दोस्त अमित वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में अहम बात यह सामने आई है कि कई अधिकारियों के भी इस घोटाले से तार जुड़े हुए हैं। वह भी जल्द गिरफ्तार होंगे। जिला पुलिस कप्तान कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि अन्नपूर्णा सैन वाणिज्यिक सहायक के पद पर काम करते हुए 2 करोड़ 21 लाख का गबन किया था। इस मामले में एवीवीएनएल के अधिकारियों द्वारा क्रिश्चयगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी अन्नपूर्णा सैन के पिता व मामा की भी इस गबन में खासी भूमिका रही थी। ऐसे में दोनों को गिरफ्तार किया गया वहीं राजसमंद के देवनगर निवासी भुवनेश उर्फ भगवती गुर्जर को भी अरेस्ट किया था। भुवनेश ने 35 खातों की डिटेल्स कलेक्ट करके इसमें गबन की राशि ट्रांस्फर करवाई थी। इसके चलते भुवनेश को आरोपी बनाया गया। मुख्य आरोपी अन्नपूर्णा पिछले काफी समय से फरार चल रही थी। अन्नपूर्णा के सहयोगी व दोस्त सियाराम नगर निवासी अमित वर्मा दोनों के गाजियाबाद में फ्लेट किराए पर लेकर रहने की सूचना मिलते ही पुलिस ने वहां दबिश दी और दोनों को दबोच लिया। 
अधिकारी होंगे गिरफ्तार!
पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ में बताया है कि प्रथम दृष्टया पूछताछ में अन्नपूर्णा सैन ने एवीवीएनएल के अधिकारियों द्वारा दबाव में गबन करवाने और इसकी एवज में मात्र दस से बारह फीसदी कमीशन राशि देने की बात कही है। इस बारे में पुलिस अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों की मानें तो अन्नपूर्णा भले ही अधिकारियों द्वारा गबन की मोटी रकम लेने की बात कह रही हो लेकिन किसी भी अधिकारी को रूपए देने का कोई सबूत अब तक सामने नहीं आया है। अन्नपूर्णा का इस मामले में यह कहना है कि उसके जानकार के खातों में राशि डलवाकर निकालती थी और नगद ही उन्हें प्रदान करती थी। अन्नपूर्णा को गिरफ्तार करने वाली टीम में क्रिश्चयनगंज थानाधिकारी दिनेश कुमावत, सहायक उपनिरीक्षक कुंदन सिंह, हैडकॉन्सटेबल भगवान सिंह, कॉन्सटेबल हेमलता टेलर सहित अन्य का विशेष योगदान रहा। एसपी ने पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा भी की।

नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर

  • 16
  • मार्च

नवीन वैष्णव अजमेर
अजमेर के जयपुर रोड़ स्थित हाथीभाटा पावर हाऊस के सामने खड़ी फॉर्च्यूनर कार से दस लाख लूटने वाले गिरोह को अजमेर की कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसका खुलासा उत्तर वृताधिकारी डॉ प्रियंका ने किया। उन्होंने बताया कि फॉर्च्यूनर का शीशा तोड़कर दस लाख और पिस्टल से भरा बैग उड़ाने वाले तमिलनाडू के तिरूचिरापल्ली के गिरोह ने कई चौंकाने वाली जानकारियां दी है। गिरोह अमूमन मेले या भीड़ भाड़ वाले ईलाके में पहुंचता है और वहां पर सूनी पड़ी कार, या दुकान को अपना निशाना बनाकर तुरंत ही बस या ट्रेन से आगे की ओर रवाना हो जाते हैं। वहीं गिरोह का सरगना चन्द्रशेखर है जो कि बड़ी रकम लेकर इन सबसे अलग जाता है ताकि यदि गिरोह के अन्य सदस्य पकडे भी जाएं तो रकम सुरक्षित रहे और सदस्यों के परिवारों तक भी इसका हिस्सा पहुंच सके। सरगना चन्द्रशेखर के संबंध में भी गिरोह के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। डॉ प्रियंका बताती है कि गिरोह के सभी 9 सदस्य अलग-अलग कहानी बयां कर रहे हैं लेकिन पुलिस जल्द ही उनसे अन्य वारदातों से भी पर्दा उठा सकेगी। उन्होंने कहा कि गिरोह के तुंरत पकड़े जाने में पुलिस का टीम वर्क अह्म रहा है। वारदात होने के तुरंत बाद ही सीसीटीवी से इसकी जानकारी मिल गई थी कि बदमाश स्टेशन में घुसे हैं। बदमाशों के बैग पर पुलिस ने फोकस किया और यहां से रवाना हुई जोधपुर इंदौर ट्रेन के सभी स्टेशन की पुलिस को इसके बारे में बताया गया। यही कारण रहा कि निम्बाहेड़ा के थानाधिकारी सुधांशु सिंह ने इन्हें जनरल कोच से दबोच लिया।
ट्रांस्लेटर की ली जा रही मदद
वारदात में पकड़े गए सभी बदमाश तमिलनाडू के रहने वाले हैं और तमिल भाषा ही बोलते और समझते हैं। कुछ सदस्य हिन्दी भी समझते हैं लेकिन टूटी फूटी ही बोल पाते हैं। ऐसे में पुलिस इनसे पूछताछ के लिए ट्रांस्लेटर की मदद भी ले रही है। तमिल भाषा जानने वाले व्यक्ति को बुलवाकर इनसे पूछताछ करवाई जा रही है। 

नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर

  • 16
  • मार्च

इन्दौरः16 मार्च, इन्दौर जिले के बेटमा में पुलिस ने चेकिंग के दौरान गुजरात जा रही एक यात्री बस में से दो लोगों से साढे 29 लाख की नगदी जब्त की है. दोनों युवक हवाला का पैसा लेकर जा रहे थें. पकडे गए युवकों को आयकर विभाग साथ ले गया है. वही जब्त पैसा सरकारी खजाने में जमा कर दिया गया.

बेटमा थाना प्रभारी धीरेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात को बेटमा टोल नाके पर वाहनों की चेकिंग कर की जा रही थी.इस बीच इन्दौर से एक यात्री बस (जीजे-14 एक्स-7101) को रोका गया. पुलिस कर्मी जब बस पर चढे तो एक युवक सीट से उठकर छुपने की कोशिश करने लगा. उसे पकड कर तलाशी ली गई तो उसके पास से 20 लाख रुपये मिले. उससे जब पुछताछ की गई तो उसने बस में सवार अपने साथी की जानकारी दी. दूसरे युवक के पास से भी साढे 9 लाख रुपये नगद मिले.पकडे गए युवकों का नाम प्रदीप मनुभाई दर्जी तथा मितुल चौहान दोनोंनिवासी मेहसाणा है. दोनों युवक हवाला के कारोबार से जुडे हुए है. प्रदीप मनुभाई दर्जी हवाला कोरियार   है और उसके कैरियर के रुप में मितुल काम करता था. मितुल ने कपडों के नीचे एक विशेष तरह की जैकेट पहन रखी थी. जिसके अन्दर पैसे छुपा रखे थे. जबकि प्रदीप कोरियर के बैग में पैसा रखा हुआ था. चूंकि नगदी 10 लाख से अधिक थी. इसलिए आयकर विभाग को इसकी सूचना दी गई. आयकर अधिकारी थाने पहुंच कर दोनों युवकों को अपने साथ ले गए. वही जब्त नगदी को सरकारी खजाने में जमा कर दिया गया है.आगे की कार्यवाही आयकर विभाग करेगा.  

  • 13
  • मार्च

इन्दौरः13 मार्च,इन्दौर जिले में चुनाव आयोग के फर्जी अफसर बनकर मतदाता सूची का निरीक्षण करने का मामला सामने आया है.जिला प्रशासन ने इन फर्जी अफसरों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी है. पुलिस इनकी पहचान में जुटी हुई है.

मामला देपालपुर तहसील का है.

पुलिस के अनुसार मार्च को दोपहर बजे के आसपास देपालपुर के बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास दो गाड़ियों से 8लोगों की टीम पहुंची थी. जिसमें महिलाएं भी शामिल थें.  इनके साथ गनमेन भी थे. उन्होने वहाँ बीएलओ को बुलाया और कहा कि हम चुनाव आयोग से हैं और मतदाता सूची की जांच करने आए है.


बीएलओ फर्जी चुनाव अफसरों की बातों में आ गए.  वे फर्जी अधिकारियों को कुछ गांवों में ले गए. जहाँ वे मतदाता सूची की जांच की और कुछ मतदाताओं से चर्चा की. इसके बाद कुछ मतदाताओं के नाम हटाने के निर्देश बीएलओ को दिए और वहां से रवाना हो गए. बीएलओं चुनाव आयोग से दल आने की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी. जब यह बात उजागर हुई तो उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को जमकर लताड़ लगाई. जिला प्रशासन ने पत्र लिखा कर इन फर्जी अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी. पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.

 

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