• 07
  • दिस

भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई विधानसभा क्षेत्र में 28 नवंबर को हुए चुनाव के दो दिन बाद ईवीएम मशीनों के जिला मुख्यालय पहुंचने के मामले में अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व (एसडीएम) विकास सिंह को हटा दिया गया है। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सागर की अपर कलेक्टर तन्वी हुड्डा को उनके वर्तमान कार्य के साथ निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति होने तक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खुरई का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

वहीं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विकास सिंह को खुरई से स्थानांतरित कर भोपाल पदस्थ किया गया है। ज्ञात हो कि राज्य में मतदान 28 नवंबर को हुआ था और खुरई विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम दो दिन बाद सागर जिला मुख्यालय पहुंची थी।  इसको लेकर विकास सिंह पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए थे। खुरई विधानसभा क्षेत्र से परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह भाजपा के उम्मीदवार है। इन आरोपों के बाद आयोग के निर्देश पर सिंह को खुरई से हटाया गया है।

  • 21
  • नव

नवीन वैष्णव@ अजमेर
अजमेर में चल रहे जुए-सट्टों पर एसपी राजेश सिंह गंभीर।
थाना पुलिस की मिलीभगत से चल रहे सट्टे पर टीम की दबिश।
खाईवाल सहित 7 सटोरिए गिरफ्तार, 14 हजार जप्त।
एसपी की नवगठित विशेष टीम की कार्रवाई।
शहर के सटोरियों में मच गया हडकम्प।
कार्रवाई में आरपीएस प्रो. विजय सांखला, गिरधर सिंह और राजकंवर का विशेष योगदान।

नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर

  • 20
  • नव
इंदौरः20 नवंबर, प्रदेश में आचार संहिता के उल्लघंन के मामले में पहली बार एक उम्मीदवार को जेल जाना पड़ा।मन्दौर जिले के सुवासरा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे ओम सिंह भाटी को सैकड़ो  वाहनों के साथ बिना अनुमति के रैली निकलने पर यह कार्यवाही की गई है।वही जेल भेजे गए उम्मीदवार का कहना है कि दबाव में प्रशासन ने यह कार्यवाही की है।
 
कांग्रेस से बागी होकर राजपूत नेता ओमसिंह भाटी सुवासरा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है।इस विधानसभा क्षेत्र में  उनका अच्छा खास प्रभाव है।मंगलवार को भाटी सीतामऊ से चंदवासा तक करीब 65 किलोमीटर लंबी  वाहन रैली निकाल रहे थे।इस रैली के लिए उन्हें 10 ट्रेक्टरों की अनुमति निर्वाचन कार्यालय से मिली थी।लेकिन रैली में उनके साथ करीब 200 ट्रेक्टर शामिल थे।पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुवासरा से 3 किलोमीटर दूर रोक लिया।आचार संहिता उल्लघंन पर पुलिस ने भाटी उनके भतीजे कर्मवीर सिंह तथा छोटे भाई शिवसिंह भाटी के  खिलाफ धारा 144 और 188 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।जहाँ से तीनों को जेल भेज दिया गया।वही भाटी का कहना है कि वे अनुमति के अनुसार 10 वाहनों के साथ ही रैली निकाली थी।समर्थक रास्ते मे जुटते गए।प्रशासन ने दबाव में उनके विरुध्द यह कार्यवाही की है।
 

 

  • 20
  • नव

नवीन वैष्णव अजमेर
राजस्व मंडल ने रिश्वत के दोषी दो तहसीलदारों के विरुद्ध अभियोजन चलाने की स्वीकृति प्रदान की है। एक तहसीलदार पोकरण में कार्यरत था तो दुसरा सोजत में रिश्वत लेते धरा गया था।
राजस्व मंडल अध्यक्ष वी. श्रीनिवास ने बताया कि पोकरण तहसीलदार बद्रीनारायण विश्नोई और सोजत तहसीलदार सत्यनारायण वर्मा के विरुद्ध भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में सक्षम न्यायालय द्वारा प्रसंज्ञान करने, अभियोग चलाने हेतु अभियोजन की स्वीकृति दी गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से मकान का अतिक्रमण न हटाने की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में गोपनीय सत्यापन करवाये जाने पर तहसीलदार बद्रीनारायण को एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि के साथ ही 50 हजार की नकद राषि बतौर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। वहीं नामांतरण के बदले 15 हजार की रिश्वत मांगने व ट्रेप कार्रवाई में 10 हजार की राशि लेते हुए तहसीलदार सत्यनारायण वर्मा को एसीबी ने दबोचा था। 
इन धाराओं में माना दोषी

पूर्व अनुसंधान एवं अभियोग में एकत्रित साक्ष्यों के बाद आरोपी तहसीलदार बद्रीनारायण विश्नोई धारा 7,13 (1) डी, 13 (2) पीसी एक्ट 1988 तथा 420 भारतीय दंड संहिता का दोषी एवं सत्यनारायण वर्मा को प्रथम दृष्टया धारा 7, 13 (1) (डी) 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 व 120 बी आईपीसी का दोषी पाया गया है।

नवीन वैष्णव
(पत्रकार), अजमेर