• 12
  • अक्टू

पटना। बुधवार की शाम में शौच के लिए गई महिला से गांव के ही एक युवक ने दुष्कर्म का प्रयास किया, महिला ने एेसा नहीं करने दिया तो विफल होकर छात्र ने खेत में पड़ा लोहे का रॉड उसके अंदरूनी भाग में घुसेड़ दिया, जिससे इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।
घटना नौबतपुर थाने के बलियावन में बुधवार की शाम चार बजे के आसपास घटी, जिसमें शौच के लिए गांव के बहियार में गयी 35 वर्षीया महिला को अकेला पाकर उसी गांव के एक मनचले ने दुष्कर्म का प्रयास किया।
दुष्कर्म में असफल रहने पर उसने महिला के अदरुनी भाग में रॉड घुसेड़ दिया। इसके बाद जख्मी महिला किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी। परिजन जख्मी महिला को लेकर थाना आये, जहां से पुलिस ने उसे रेफरल अस्पताल भेजा।
अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद महिला को गंभीर हालत में पीएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गयी। इसके बाद पुलिस ने आरोपित युवक धीरज पासवान को गिरफ्तार कर लिया।

 

  • 12
  • अक्टू

पटना। बुधवार की शाम में शौच के लिए गई महिला से गांव के ही एक युवक ने दुष्कर्म का प्रयास किया, महिला ने एेसा नहीं करने दिया तो विफल होकर छात्र ने खेत में पड़ा लोहे का रॉड उसके अंदरूनी भाग में घुसेड़ दिया, जिससे इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।
घटना नौबतपुर थाने के बलियावन में बुधवार की शाम चार बजे के आसपास घटी, जिसमें शौच के लिए गांव के बहियार में गयी 35 वर्षीया महिला को अकेला पाकर उसी गांव के एक मनचले ने दुष्कर्म का प्रयास किया।
दुष्कर्म में असफल रहने पर उसने महिला के अदरुनी भाग में रॉड घुसेड़ दिया। इसके बाद जख्मी महिला किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को जानकारी दी। परिजन जख्मी महिला को लेकर थाना आये, जहां से पुलिस ने उसे रेफरल अस्पताल भेजा।
अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद महिला को गंभीर हालत में पीएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गयी। इसके बाद पुलिस ने आरोपित युवक धीरज पासवान को गिरफ्तार कर लिया।

  • 12
  • अक्टू

पटना। बिहार में बेखौफ अपराधियों ने एक बार फिर से लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है।बाइक सवार अपराधियों ने शेखपुरा शहर के कटरा चौक स्थित इंडियन बैंक की शाखा से दिनदहाड़े हथियार के बल पर 22 लाख रुपये लूट लिये और फरार हो गए।
बेखौफ लुटेरों ने आज सुबह इंडियन बैंक के ब्रांच को निशाना बनाते हुए मैनेजर और ग्राहकों को बंधक बना लिया और इस वारदात को अंजाम दिया, लूट की घटना का विरोध करने पर बैंक के मैनेजर से मारपीट भी की। घटना के बाद बैंक के बाहर लोगों की काफी भीड़ इकट्ठी हो गई है। अपराधी बैंक में लगे सीसीटीवी का हार्डडिस्क भी निकालकर ले गए।
अपराधियों ने लूट की घटना को अंजाम देने से पहले मैनेजर, कर्मियों और ग्राहकों का मोबाइल फोन भी छीन लिया और भागने से पहले गेट में ताला भी बंद कर दिया। मामले की जांच करने बैंक पहुंची है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस शहर से बाहर निकलने वाले सभी रास्ते सील कर चेकिंग कर रही है।
हाल के दिनों में लूट की ये दूसरी बड़ी घटना है। अपराधियों ने इससे पहले 29 अगस्त को पटना के नीमा में कैश ले जा रहे वैन से 45 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था।

  • 07
  • अक्टू

लखनऊ। सूबे की 37 फीसद विवाहित महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हैं। महिलाओं के साथ यह हिंसा उनके पतियों द्वारा की गई है। इसमें शारीरिक व यौन हिंसा दोनों शामिल हैं। खास यह है कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं में से मात्र 15 फीसद ने ही इसे रोकने के लिए किसी प्रकार की सहायता ली है।
यह आंकड़े नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) में निकलकर आए हैं। शुक्रवार को इसके यूपी के आंकड़े जारी किए गए। इसमें देखा गया कि यूपी में महिलाओं की प्रजनन दर में गिरावट तो आई है।

लेकिन यह अभी भी सबसे ज्यादा है। प्रदेश में महिलाओं की प्रजनन दर 2.7 बच्चे हैं जबकि राष्ट्रीय औसत 2.1 बच्चों का है। मुंबई के अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर व सर्वे के समन्वयक एसके सिंह ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रजनन दर प्रति महिला तीन बच्चे हैं। शहरी क्षेत्रों में प्रजनन दर राष्ट्रीय औसत के बराबर यानी 2.1 है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में प्रजनन दर में 1.1 फीसद की गिरावट आई है।

प्रदेश में विवाहित 46 प्रतिशत महिलाएं गर्भ निरोधक साधनों का इस्तेमाल करती हैं। 10 वर्षों में इसमें केवल दो फीसद का ही इजाफा हुआ है। जबकि राष्ट्रीय औसत 54 प्रतिशत है। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की 42 प्रतिशत व शहरी क्षेत्रों की 56 प्रतिशत महिलाएं गर्भ निरोधक साधनों का इस्तेमाल करती हैं। स्त्री नसबंदी में पिछले 10 वर्षों में दो फीसदी की गिरावट आई है। वर्तमान में गर्भ निरोधक साधनों का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में 38 प्रतिशत ने नसबंदी कराई है।

सरकार की ओर से प्रसव अस्पतालों में कराने के लिए भले ही कई तरह के प्रोत्साहन अभियान चल रहे हैं इसके बावजूद अभी भी प्रदेश में 32 फीसद प्रसव घरों में हो रहे हैं। 46 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं ने पहली तिमाही में अस्पताल में प्रसवपूर्व देखभाल सेवा प्राप्त की।
सर्वे करने वाली डीम्ड यूनिवर्सिटी अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर बी. पासवान ने बताया कि यूपी में हर 16 बच्चों में से एक बच्चे की मृत्यु एक वर्ष के भीतर हो जाती है। जबकि 13 बच्चों में एक बच्चे की मौत पांच वर्ष से पहले हो जाती है। उन्होंने बताया कि 10 वर्षों में टीकाकरण की संख्या काफी बढ़ी है। इस कारण प्रदेश में शिशु मृत्यु दर में सुधार हुआ है।
यूपी के 46 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। यह अपनी उम्र के अनुसार लंबाई व वजन में कम हैं। इसका कारण अच्छा खान-पान न मिलना है। पांच साल तक के बच्चों में 63 फीसद में खून की कमी मिली है। प्रदेश के एक चौथाई महिलाएं व पुरुष कुपोषण से पीडि़त हैं। वहीं, 52 प्रतिशत महिलाएं खून की कमी यानी एनीमिया से ग्रसित हैं।
प्रदेश में अभी भी एचआईवी-एड्स को लेकर जानकारी का अभाव है। केवल 47 प्रतिशत महिलाएं ही यह जानती हैं कि कंडोम के उचित इस्तेमाल से एचआईवी-एड्स की रोकथाम की जा सकती है।
प्रदेश में महिलाओं की सामाजिक स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। सूबे की 55 फीसद महिलाओं के बैंकों में खाते हैं। इनका उपयोग वे स्वयं करती हैं। 33 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो अकेले या फिर संयुक्त रूप से घर की मालकिन हैं। 26 प्रतिशत महिलाएं अकेले या संयुक्त रूप से किसी अन्य के साथ जमीन की मालकिन हैं। 37 प्रतिशत महिलाओं के पास अपना मोबाइल फोन हैं जिसका वे स्वयं इस्तेमाल करती हैं।