palpal

palpal

Email: यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए.
 
 
 
 जयपुर में भाजपा और कांग्रेस का रोड शो, दोनों रोड शो में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता  रहे मौजूद
 

जयपुर. शनिवार को जयपुर शहर में कांग्रेस उम्मीदवार ज्योति खंडेलवाल के रोड शो के दौरान मोदी के नारे लगने से हंगामा मच गया। जिसके बाद तो पक्ष आमने सामने हो गए। हाथापाई होती देख मौके पर मौजूद पुलिस दल ने दोनों को अलग कर दिया। जिसके बाद भी मोदी के नारे लगाते लोग नहीं रुके। वे दूर खड़े ही मोदी-मोदी के नारे लगाते रहे। मामले को संभालते हुए किसी भी घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस दल दोनों पक्षों के बीच खड़ा हो गया।

जानकारी अनुसार, ज्योति खंडेलवाल आज जयपुर शहर में रोड शो कर रही हैं। इस दौरान अविनाश राय खन्ना, रघु शर्मा और महेश जोशी समेत तमाम बड़े नेता इस रोड शो मैं मौजूद थे। करीब 12.30 बजे ये रोड शो चांदपोल बाजार के पास दीनानाथ जी की गली से गुजरा।

इस दौरान एक पक्ष ने मोदी-मोदी के नारे लगाना शुरू कर दिया। जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता भड़क गए। उन्होंने मोदी समर्थकों के साथ धक्का मुक्की शूरू कर दी। पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों को अलग किया। इस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने भी जवाब मैं चौकीदार चोर है के नारे लगाए।

शहर में आज भाजपा और कांग्रेस दोनों के रोड शो है। सूबह सबसे पहले भाजपा का रोड शो शुरू हुआ। जिसमें जयपुर ग्रामीण से उम्मीदवार राज्यवर्धन राठौड़ ने झोटवाड़ा क्षेत्र में रोड शो किया। इस दौरान राजपाल राठौड़ समेत कई नेता उनके साथ मौजूद रहे। साथ बड़ी संख्या में लोग भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा राष्ट्रवाद और युवा जोश व ऊर्जा से भरपूर इस विशाल ऐतिहासिक रोड शो में जयपुर ग्रामीण परिवार के आप सभी साथियों का हार्दिक अभिनंदन करता हूं!

वहीं. जयपुर शहर से उम्मीदवार रामचरण बोहरा ने गोविंद देवजी मंदिर में पूजा कर रोड शो की शुरुआत की। इस दौरान वसुंधरा राजे भी मौजूद रही। साथ ही पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहे। उन्होंने परकोटे (पुराना जयपुर) में रोड शो किया।

कांग्रेस की तरफ से जयपुर शहर के उम्मीदवार ज्योति खंडेलवाल ने भी रोड शो किया। दोनों ही पार्टियों ने परकोटे (पुराना जयपुर) से अपने रोड शो की शुरुआत की। इस दौरान दोनों रोड शो में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिसके कारण परकोटा पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। इस दौरान नाच गाने और ढोल के साथ कांग्रेस का रोड शो चांतपोल हनुमान मंदिर पहुंचा। इस दौरान ज्योति खंडेलवाल के साथ अविनाश पांडे, रघु शर्मा, महेश जोशी के साथ पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहे।

 

रविवार को मध्यप्रदेश के सागर और ग्वालियर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो सभाएं करेंगे। पहले ये सभाएं 6 मई को होनी थी। लेकिन, सागर में होने वाली सभा की शिकायत चुनाव आयोग से किए जाने के बाद कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

सागर में छह मई को होने वाली प्रधानमंत्री की सभा के संबंध में कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। इसमें बताया था कि सागर में तीन विधानसभा क्षेत्र दमोह लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। छह मई को मतदान होना है। इसलिए सभा करने की अनुमति नहीं दी जाए। इसके बाद आयोग ने भाजपा को छह की बजाय पांच या सात सात मई को प्रधानमंत्री की सभा कराने की सलाह दी थी। भाजपा को पांच मई मुफीद लगी और अब इसी दिन मोदी की सभा होने जा रही है।

5 या 7 को लेकर बनी रही उलझन
भाजपा नेताओं ने बताया कि पीएम मोदी का कार्यक्रम पहले 6 मई का था। इसी दिन उनकी एक सभा सागर जिले में भी थी, लेकिन उसमें पेंच यह फंस गया कि दमोह लोकसभा क्षेत्र में मतदान 6 मई को है और इस लोकसभा सीट के 3 विधानसभा क्षेत्र रहली, बंडा और देवरी सागर जिले के हैं। इसलिए चुनाव प्रभावित होने की आपत्तियों के बाद सागर की सभा भी 6 की बजाय 5 मई को कर दी गई है। सागर के कारण ही ग्वालियर की सभा की तारीख बदली है। सूत्रों के अनुसार 7 मई को भी सभा कराने पर विचार किया गया, लेकिन उस दिन अक्षय तृतीया होने के कारण ग्वालियर भाजपा संगठन ने 5 मई की तारीख बेहतर समझी।

ग्वालियर में शाम को सभा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 मई की दोपहर में सागर आएंगे। उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी ने कजलीवन मैदान, सदर और विट्ठलनगर का इलाका अपनी निगरानी में ले लिया है। इसके बाद प्रधानमंत्री ग्वालियर पहुंचेंगे। यहां मेला ग्राउंड में सभा होगी। शाम को प्रधानमंत्री दिल्ली के लिए रवाना होंगे

नई दिल्ली: आज पांचवे चरण की वोटिंग के लिए चुनाव प्रचार थम जाएगा। इस चरण में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की किस्मत दांव पर लगी है। पांचवें चरण में 6 मई को 7 राज्यों की 51 सीटों के लिए वोटिंग होगी। इस चरण में यूपी की सबसे ज्यादा-14, बिहार की 5, जम्मू-कश्मीर-2, झारखंड-4, मध्य प्रदेश-7, राजस्थान-12, और पश्चिम बंगाल की 7 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

पाचंवा चरण बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकिं इसमें यूपी की सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव हो रहा है। इस चरण में यूपी की अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, धौरहरा, सीतापुर, मोहनलाल गंज, बांदा, फतेहपुर, कौशाम्बी, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, कैसरगंज, और गोंडा में मतदान होगा। इसके साथ-साथ बिहार की सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर सीट पर भी वोट डाले जाएंगे।

राजस्थान की श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, झुन्झुनू, सीकर, जयपुर (ग्रामीण), जयपुर, अलवर, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा और नागौर सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत भी ईवीएम में कैद होगी। मध्य प्रदेश की टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बेतूल सीट के लिए भी वोटिंग होगी।

6 मई को जनता जिन उम्मीदवारों का फैसला करेगी उनमें पहली सीट है अमेठी की जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने हैं बीजेपी की फायर ब्राडं नेता और केन्द्रीय मंत्री बीजेपी स्मृति ईरानी। दूसरी सीट है रायबरेली जहां कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को बीजेपी के दिनेश प्रताप सिंह टक्कर दे रहे हैं।

साथ ही लखनऊ की सीट पर भी वोटिंग होगी जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय गृह मंत्री बीजेपी राजनाथ सिंह का मुकाबला कांग्रेस के आचार्य प्रमोद कृष्णम और एसपी-बीएसपी की उम्मीदवार पूनम सिन्हा से है।

यूपी के बाद अगर बात बिहार की करें तो वहां भी कई दिग्गज 6 मई की वोटिंग का इंतज़ार कर रहे हैं। मधुबनी सीट पर महागठबंधन की वीआईपी के बद्री कुमार के सामने बीजेपी के अशोक यादव और पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद हैं जो निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। हाजीपुर से लोकजनशक्ति पार्टी के पशुपति कुमार पारस का मुकाबला आरजेडी के शिव चंदर राम से है। सारण सीट पर आरजेडी के चंद्रिका राय को बीजेपी के नेता राजीव प्रताप रूडी से मुकाबला करना है।

ज़ाहिर है कि बिहार और यूपी में कांटे की टक्कर में इस बार दिग्गजों की किस्मत का फैसला होना है। कुछ और दिगग्जों की बात करें तो झारखंड में हजारीबाग सीट से बीजेपी के नेता और केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का मुकाबलबा कांग्रेस नेता गोपाल साहू से है। खूंटी में बीजेपी के अर्जुन मुंडा के सामने कांग्रेस के कालीचरण मुंडा हैं। रांची से बीजेपी के संजय सेठ को कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय टक्कर दे रहे हैं।

बीकानेर से बीजेपी नेता और केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के सामने कांग्रेस नेता मदनगोपाल मेघवाल हैं तो जयपुर ग्रामीण से केन्द्रीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को कांग्रेस की कृष्णा पूनिया टक्कर दे रही हैं। ज़ाहिर है पांचवा चरण बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है क्योंकि इस चरण में कांग्रेस के कैप्टन खुद मैदान में है और उनको स्मृति ईरानी से कड़ी टक्कर भी मिल रही है।

 

इंदौर.मध्यप्रदेशलोकायुक्त की टीम ने शनिवार सुबह इंदौर विकास प्राधिकरण के सब इंजीनियर गजानंद पाटीदार और उनके बड़े भाई ठेकेदार रमेश भाटीदार घर एक साथ 8ठिकानों पर छापा मारा। यहां से टीम को बड़ी मात्रा में सोने-चांदी की ज्वैलरी और नकदी मिली है। लोकायुक्त पुलिस की मानें तो सब इंजीनियर गजानंद अपने भाई के बिजनेस में भी हिस्सेदारहैं। उन्होंने जमीन और कंस्ट्रक्शन के काम से बड़ी मात्रा में धन कमाया है। टीम की कार्रवाई अभी जारी है।

लोकायुक्त की टीम सुबह 6 बजे एक साथ सभी ठिकानाें पर दबिश देने पहुंची। सबसे पहले टीम एक स्कीम नंबर 78 के अरण्य नगर स्थित उनके निवास पर पहुुंची। टीम को जांच में घर के बगल से ही दो 1500 स्क्वायर फीट के प्लॉट मिले हैं। सब इंजीनियर के घर के पास ही भाई की पत्नी वंदना और बहन सुनीता पाटीदार का भी मकान है।इसके अलावा स्कीम नंबर 94 में भी एक मकान के दस्तावेज मिले हैं।

इंदौर में स्कीम-78 में मकान, खाली प्लॉट और गार्डन

इंदौर के अलावा एक टीम खरगोन स्थित शेगांव में उनके पैतृक निवास पर भी पहुंची। आधिकारिक सूत्रों की मानें तोअब तक की कार्रवाई में 25 लाख नकद, सवा लाख का गोल्ड (वेल्युएशन होना बाकी), इंदौर में स्कीम-78 में 2500 स्क्वायर फीट कामकान औरखाली फ्लाॅट, गार्डन है।

खेती की जमीन, मकान समेत अन्य संपत्तियों का खुलासा

सब इंजीनियर के पास से खेती की जमीन, दुकान, मकान औरअन्य संपत्तियों का खुलासा भी हुआ है। बताया जाता है कि गजानन पहले ट्रेसर के रूप में इंदौर विकास प्राधिकरणमें काम करते थे। साल 2000 में बतौर उपयंत्री के तौर पर पर उनकी स्थापना हुई। गजानन की सैलरी लगभग 55 हजार रुपए मासिकहै।

 

 

 
 

रीवा. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रीवा में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि शिवराज की सरकार ने यहां से सिमी के अड्डों को तितर-बितर कर दिया था, सिमी के लोगों को यहां से भागना पड़ा था। कई लोग जेल में भेजे गए। "अब कांग्रेस की सरकार वोटबैंक की राजनीति के कारण फिर से सिमी को बढ़ावा दे रही है।

शाह ने कहा- सुन लो कमलनाथजी, "अगर आपने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया तो आपके हाथ जल जाएंगे। भाजपा सरकार में देश की सुरक्षा के साथ कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। वोट मिलें न मिलें, चुनाव आएंगे-जाएंगे, वोटबैंक आए या जाए, पर मां भारती की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।"

शाह बोले- "अभी देखा रेड पड़ी तो 4 महीने में ही कमलनाथ के नजदीकियों के यहां से 281 करोड़ रुपए निकले। अरे, कमलनाथजी कितनी जल्दी है आपको। अभी तो 55 महीने शासन करना है। रीवा वालों देखना- आपके मप्र की कितनी लूट होने वाली है। 15 साल पहले श्रीमान बंटाढार का शासन, बिजली आती थी क्या। गरीबों के जन्म से लेकर मृत्यु तक खड़े रहने और साथ देने का काम हमारी शिवराज सरकार ने किया है।

शाह ने कहा- "मध्यप्रदेश में अब आ गए हैं कमलनाथजी, मुझे आपत्ति नहीं है। लेकिन, मैंने सुना है कि चुनाव के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं को डराया जा रहा है, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। कान खोलकर सुन लो कमलनाथ, अगर आप सोचते हो तो इससे भाजपा कार्यकर्ता डर जाएंगे, दब जाएंगे। ऐसा कभी नहीं होगा, भाजपा अध्यक्ष के नाते मैं कहने आया हूं कि हम तुम्हारी ईंट से ईंट बजा देंगे। 23 मई को मतगणना होने दो- आपकी कुर्सी के चारों के चारों पाए हिलने वाले हैं।

शाह बोले- "राहुल बाबा जहां भी जाते हैं तो ऊंची आवाज में बात करते हैं। यहां भी आए थे ऊंची आवाज में बात करके गए। किसी ने उनसे कह दिया है ऊंची आवाज में बोलने पर वोट ज्यादा मिलते हैं। वो हमसे 5 साल का हिसाब मांगते हैं, पहले 55 साल का हिसाब दो, तब हमसे पूछना।

रीवा संसदीय सीट से भाजपा ने फिर से वर्तमान सांसद जनार्दन मिश्रा हैं और उनके सामने कांग्रेस ने सिद्धार्थ तिवारी को मैदान में उतारा है। सिद्धार्थ की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक रही है। यहां से इनके पिता सुंदरलाल तिवारी भी सांसद रहे हैं। वहीं सतना में भाजपा के वर्तमान सांसद गणेश सिंह के सामने राजाराम त्रिपाठी को मैदान में उतारा है। शुक्रवार को रीवा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी जनसभा की थी।

भुवनेश्वर चक्रवाती तूफान फैनी का ओडिशा के तटीय क्षेत्रों से निकलकर और कमजोर पड़कर बांग्लादेश की तरफ बढ़ चुका है। ओडिशा में इसके चलते 12 लोग मारे गए। 20 साल पहले यानी 1999 में इसी तरह का सुपर साइक्लोन ओडिशा से टकराया था। तब करीब 10 हजार लोग इस आपदा का शिकार बने थे। इस बार क्षति इसलिए कम हुई क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार को काफी पहले तूफान की जानकारी मिल चुकी थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी युद्धस्तर पर की गई थी। इस बार 12 लाख लोगों को बचाया गया। 26 लाख लोगों को मैसेज कर तमाम जानकारियां दी गईं। इसके अलावा 43 हजार कर्मचारियों और वॉलंटियर्स को हालात से निपटने के लिए तैनात किया गया था।

ओडिशा और केंद्र सरकार के तमाम संबंधित विभाग फैनी से निपटने के लिए तैयार थे। करीब 10 लाख लोगों पर इसका असर होता। आपदा प्रबंधन के 1 हजार प्रशिक्षित कर्मचारी खतरे की आशंका वाली जगहों पर भेजे गए। 300 हाईपावर बोट हर पल तैनात रहीं। टीवी, कोस्टल साइरन और पुलिस के अलावा हर उस साधन का उपयोग किया गया जो आमजन की सुरक्षा के लिए जरूरी था। इसके लिए उड़िया भाषा का ही इस्तेमाल किया गया। संदेश साफ था- तूफान आ रहा है, शिविरों में शरण लें।

अमेरिकी मीडिया भी मान रहा है कि भारत ने एक बहुत बड़ी आपदा का सामना पूरी सफलता से किया। इसके लिए सही रणनीति अपनाई गई, उपयुक्त और आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया गया। यही वजह है कि करीब 10 लाख लोगों को सुरक्षित रखा जा सका। ओडिशा और केंद्र सरकार ने मिलकर काफी पहले से इसकी तैयारी की थी। 1999 के बाद से ही ओडिशा में हजारों शेल्टर होम बनाए गए थे। मौसम विभाग के चार सेंटर तूफान की हर हरकत पर न सिर्फ पैनी नजर रख रहे थे बल्कि उसके हिसाब से अपनी योजना भी तैयार कर रहे थे।

आपदा प्रबंधन में देश के कुछ खास तकनीकी संस्थानों की मदद ली गई। इनमें आईआईटी खड़गपुर का नाम अहम है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने समझ लिया था कि बंगाल की खाड़ी के गरम पानी से तूफान का असर ज्यादा होगा। लिहाजा, तैयारियों का स्तर बेहतर रखा गया। ओडिशा गरीब राज्य है। इसलिए संसाधनों का इस्तेमाल समझदारी से किया गया। एनडीआरएफ की टीमों को काफी पहले संबंधित क्षेत्रों में पहुंचा दिया गया था। मछुआरों से संपर्क कर उन्हें तमाम हिदायतें दी गईं थीं। लकड़ी की नावों को किनारों पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया था। बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं को शिविरों में सबसे पहले पहुंचाया गया।