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रश्मि डी. जैन की तूलिका से....उम्मीद

20 मार्च 2017
Author :  

बिताया हुआ
तुम्हारे साथ
हर क्षण
एक हल्की सी छुअन
मिले थे जब
हमारे नयन से नयन
अहसास कराती है
तुम समाते जा रहे हो
मेरे वज़ूद में
तुम्हारी उस
छुअन का अहसास
मुझे आज भी
रोमांचित कर देता है
लेकिन तुम कहां चले गए
मै नहीं जानती
वापिस आने की उम्मीद
तुम्हारी आज भी है मुझे
तुम जरूर आओगे
ये मै नही
तुम्हारा मेरे प्रति
अगाध स्नेह और
निश्चल प्रेम बोल रहा है
तुम यहीं कहीं
मेरे आस पास ही हो
जो मुझे अहसासर रहा है
तुम कंही नही गए
तुम मेरे समीप और समीप
आ रहे हो
हैना.....


रश्मि डी जैन
नई दिल्ली

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palpal