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जैसलमेर जिले की राजस्व सीमाओं में निषेधाज्ञा लागू

13 मार्च 2019
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जैसलमेर। जिले में लोकसभा आम चुनाव-2019 को मध्य नजर रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) नमित मेहता ने एक आदेश जारी कर जैसलमेर जिले की राजस्व सीमाओं में शांतिपूर्वक, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित ढंग से चुनाव सम्पन्न कराने के लिए निषेधाज्ञा लागू की है, ताकि जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों एवं सभी वर्गों के मतदाता, विषेषकर कमजोर वर्ग के मतदाता बिना किसी भय के अपने संवैधानिक मतधिकार का उपयोग कर सकें। यह आदेश तत्काल लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। इस निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डनीय है।

जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) मेहता द्वारा जारी किए गए आदेष के अनुसार इस दौरान जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर सम्पूर्ण क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ, रासायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र, जैसे- रिवाल्वर, पिस्टल, बंदूक, एम.एल गन, बी.एल. गन, आदि एवं अन्य हथियार जैसे गण्डासा, फर्सी, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, बर्छी, गुप्ती, कटार, धारिया, बाघनखा जो किसी धातु के शस्त्र के रूप में बना हो आदि तथा विधि द्वारा प्रतिबन्धित हथियार और मोटे घातक हथियार-लाठी आदि सार्वजनिक स्थानों पर धारण कर न तो घूमेगा, और न ही प्रदर्शन करेगा और न ही साथ में लेकर चलेगा।

उन्होंने बताया कि यह आदेश ड्युटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्युटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड एवं चुनाव ड्युटी में मतदान दलों में तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। उन्होंने बताया कि जैसलमेर जिले से बाहर का कोई भी व्यक्ति जिले की सीमा में इस प्रकार के हथियारों को अपने साथ नहीं लायेगा, ना ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग या प्रदर्शन करेंगा। परन्तु वे व्यक्ति जो निःषक्त अथवा अतिवृद्व है और जो लाठी के सहारे के बिना नहीं चल सकते है वे लाठी का प्रयोग सहारे के रूप में कर सकेगें साथ ही सिख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परम्परा के अनुसार नियमान्तर्गत कृपाण रखने की छूट रहेगी। यह आदेष पर्वो के दौरान सक्षम स्वीकृति के तहत आयोजित धार्मिक समारोह, जुलूसों व कार्यक्रमों पर लागू नहीं होगा।
आदेष के अनुसार कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कोई भी जुलूस, सभा, धरना, भाषण आदि का आयोजन नहीं करेगा एवं न ही संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग किया जावेगा। आदेष के अनुसार कोई भी व्यक्ति सांप्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले तथा उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगायेगा, न ही ऐसा कोई भाषण और उद्बोधन देगा, न ही ऐसे किसी पम्पलेट, पोस्टर या अन्य प्रकार की चुनाव सामग्री छापेगा या छपवाएगा, वितरण करेगा या करवायेगा और न ही किसी एम्प्लीफायर, रेडियो, टेपरिकार्डर, लाउडस्पीकर, ऑडियो-वीडियो कैसेट या अन्य किसी इलैक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से इस प्रकार का प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवाएगा, और न ही ऐसे कृत्यों के लिए किसी को दुष्प्रेरित करेगा। इस दौरान कोई भी व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा, न ही अन्य व्यक्ति को सेवन करवायेगा तथा अधिकृत विक्रेताओं के छोडकर कोई भी व्यक्ति निजी उपयोग के कारण को छोडकर किसी अन्य उपयोग के लिए सार्वजनिक स्थलों में से मदिरा लेकर आवागमन नहीं करेगा।

आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति या संस्था इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप, यूट्यूब, आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नही करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पतियों पर किसी तरह का नारा-लेखन या प्रति-चित्रण नहीं करेगा, ना ही करवाएगा और न ही किसी तरह के पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाएगा, और न ही सार्वजनिक सम्पतियों का विरूपण करेगा या करवायेगा। किसी भी निजी सम्पति का उक्त प्रयोजनार्थ उपयोग उसके स्वामी की लिखित पूर्वानुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। यह आदेष मतदान समाप्ति से 48 घण्टे पूर्व यानि 27 अप्रैल को सांय 5 बजे के पष्चात 5 से अधिक व्यक्तियों द्वारा एक साथ घर-घर जाकर जनसम्पर्क करने के संबंध में प्रभावी नही होगा। किसी भी मन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, गिरिजाघरों या अन्य धार्मिक स्थानांे का चुनाव प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जावेगा। आदेष की अवहेलना करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत अभियोग चलाया जाएगा।

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palpal