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दुनिया में जितनी खुशियां हैं, उतना ही गम भी है। लेकिन कहते हैं सबसे बड़ा गम होता है, इंसान के दिल के टूट जाने का गम। साल 1927 में कुछ ऐसा ही एरिजोना में प्रेसकॉट के एक होटल में हुआ था, जब एक तन्हा दिल टूटा था। उस टूटे दिल की तड़प आज भी इस होटल को अपने आंसुओं से भिगोए हुए है। इस दर्दभरी कहानी को जानकर आप भी सहम जाएंगे।फेथ समर्स नाम की एक नई नवेली दुल्हन अपने पति के साथ हनीमून मनाने के लिए इस होटल के कमरा नंबर 426 में रहने आई थी। अगले दिन उसका पति सिगरेट खरीदने के लिए होटल से बाहर गया और फिर कभी वापिस नहीं लौटा। किसी को नहीं पता चला कि वो आखिर कहां गया। उस दिन के बाद उसे किसी ने नहीं देखा। फेथ तीन दिन तक होटल के उस कमरे में उसका इंतजार करती रही। इसके बाद जब उसकी तकलीफ ने सारी हदें पार कर ली तो 'फेथ' ने फांसी लगाकर अपनी जान ले ली। उस डरावने दिन से लेकर आज तक दुल्हन की आत्मा इस होटल में भटक रही है। वो चाह कर भी इस होटल को छोड़ नहीं पाती। होटल में आने वाले अनेक मेहमानों और होटल स्टाफ ने कई बार उसे होटल के गलियारों में भटकते हुए देखा है। आज भी लोगों को कमरा नंबर 426 में मौजूद बेड के किनारे पर फेथ के रोने की आवाजें सुनाई देती हैं। इस कमरे की भी कुछ अजीब कहानियां हैं। जब भी कोई औरत इस कमरे में रहने आती है, तो 'फेथ' अपना प्यार जताते हुए उनके पैरों की मसाज कर उन्हें आराम देती है। पर जब भी कोई मर्द इस कमरे में रहने आता है, तो उसे रात को डरावने सपने आते हैं। 

 

आमतौर पर इंसान 100 से 150 वर्ष तक जिंदा रह सकता है। लेकिन आप एक ऐसे शख्स के बारे में सुनकर हैरान रह जाएंगे, जो 256 वर्ष तक जिंदा रहा। जी हां, साल 1933 में न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक चीनी इतिहासकार वु चंग जी के एक शोध के अनुसार चीन के ली चिंग यून ने 6 मई 1933 को अपनी मृत्यु के समय तक 256 वर्ष का जीवन व्यतीत किया था।लि चिंग यून का जन्म चीन के शेजिया शहर में 1736 में हुआ था। अपने जीवनचक्र में उन्होंने 200 से अधिक संतानों को जन्म दिया था और उनकी 23 पत्नियां थीं।यून ने अपने साक्षात्कार के दौरान इतिहासकार वु चंग को एक बहुत पुराना दस्तावेज दिया था, जिसमें 1827 में चीन की राजशाही सरकार के द्वारा ली चिंग यून को 150वें जन्मदिवस पर बधाई दी गई थी। अगर इस दस्तावेज को सही माने तो वु चंग के अनुसार उसका जन्म 1677 में हुआ था।