राजनीति

  • 22
  • मार्च

पटना : लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) को लेकर बिहार महागठबंधन (Bihar Mahagathbandhan) में सीटों बंटवारा हो गया. बिहार में राजद (RJD) 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी वहीं, कांग्रेस (Congress) को 9 सीटें दी गई है. इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की पार्टी RLSP को 5, जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की पार्टी 'हम' पार्टी को 3 और सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) की वीआईपी (VIP) को 3 सीटें दी गई हैं. सीटों के बंटवारे के अलावा गठबंधन ने पहले चरण की सीटों के लिए भी उम्मीदवारों के नामों का भी ऐलान कर दिया है. पहले दौर के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा भी की गई. 11 अप्रैल को चार सीटों पर होने वाले पहले चरण के चुनाव में गया से जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) (हम), औरंगाबाद से उपेंद्र राय (हम), नवादा से विभा देवी (RJD) और जमुई से भूदेव चौधरी (RLSP) चुनाव लड़ेंगे.

बिहार में 40 सीटें, 7 चरणों मतदान
11 अप्रैल: जमुई औरंगाबाद, गया, नवादा,
18 अप्रैल: बांका, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर
23 अप्रैल: खगड़िया, झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा,
29 अप्रैल: दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर
6 मई: मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारन, हाजीपुर, सीतामढ़ी,
12 मई: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, , शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सिवान, महाराजगंज, वाल्मीकिनगर
19 मई: नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद

1.5 करोड़ मतदाता पहली बार डालेंगे वोट
लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) की तारीखों का ऐलान हो चुका है. इस बार कुल सात चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं. पहला चरण 11 अप्रैल को जबकि अंतिम चरण 19 मई को होगा. वोटों की गिनती 23 मई को होगी. इस बार भी ऐसे मतदाताओं की संख्‍या बड़ी है जो पहली बार वोट डालेंगे. मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान करनेवालों की संख्या लगभग 90 करोड़ होगी. उन्होंने आगामी चुनाव को लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार बताया. उन्होंने कहा कि इस बार लगभग 10 लाख मतदान केंद्र होंगे, जो 2014 के आम चुनाव में रहे नौ लाख से अधिक है. कुल मतदाताओं में 1.50 करोड़ मतदाता 18-19 साल उम्र के होंगे. उन्होंने कहा, "निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए एक बहुत ही व्यापक तैयारी की है."

  • 22
  • मार्च

उत्तर प्रदेश । बहुजन समाज पार्टी ने 11 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है। ये सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। इन पर बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के आधार पर बसपा को छोडी सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा महासचिव मेवाराम गौतम ने हस्ताक्षर वाले लेटर के माध्यम से 11 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है।

  • 22
  • मार्च

झुंझुनू । ज्योहीं झुंझुनूं भाजपा सांसद संतोष अहलावत की टिकट कटने की खबर आई त्यों ही जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई। जगह जगह मिठाई बटनी व पटाखे फोड़ने के समाचार आने लगे वही कुछ लोग टिकट कटने का अफसोस के साथ विरोध भी जताने लगे। प्राप्त खबरों के अनुसार धरातल पर कड़वा सच यह है की श्रीमती संतोष अहलावत गत 5 वर्षों में किसी गरीब पीड़ित के दुख दर्द में नही पहुँची। तथा आमजनता से दूरी बनाई रखी तथा केवल चंद तथाकथित मीडिया के चाटुकारो के अलावा जिले भर के मीडिया के सामने आकर कभी भी विकास कार्यो की जानकारी तक देने का समय 5 साल में नही मिला। जनचर्चा है कि गरीब पीड़ित को नजदीक फटकने तक नही दिया। अंहकार के चलते किसी का दुख दर्द तक नही पहचाना। केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सत्ता रही ।

अगर विकास की बात करे तो 5 साल में नई रेलगाड़ी चलाना तो दूर की बात रही जो गाड़ी चली उसका जिले की बड़ी व कमाई देने वाले रेल्वे स्टेशन रतन शहर, नुआ रेल्वे स्टेशन पर ठहराव तक नही करवा पाई। इनके कार्यकाल में भ्रस्टाचारी अफसरों व कर्मचारियों की संख्या में इजाफा हुआ। चिकित्सा व्यवस्था चरमराई, जनपद में भूमाफिया,खनन माफिया,शराब माफियो का आतंक छाया रहा। गौरतलब है कि झुंझुनूं शहर में नगर परिषद में भाजपा का ही बोर्ड है उस बोर्ड का मुखिया भी अहलावत परिवार के सदस्य है। जिनके पास नगर परिषद की सत्ता है। झुंझुनूं शहर में कितना विकास हुआ है वो सब कुछ जगजाहिर है। नगर परिषद में भ्रस्टाचार चर्म सीमा पर चल रहा है। भूमाफिया अवैध अतिक्रमणकारी हावी है। रोज लाखो की चपत राजस्व को लग रही है। गरीब आदमी की पीड़ा सुनने को तैयार नही है। इस सबके लिये सांसद खुद जिम्मेदार रही। वह अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नही झाड़ सकती।उन्होंने आम आदमी से दूरी बनाई रखी ।अब हाईकमान ने साँसद अहलावत की टिकट काटकर भाजपा विधायक मंडावा के नरेंद्र को थमा दी। जिसको लेकर अहलावत के समर्थक विरोध जता रहे है।

मजे कि बात तो यह है कि एक दशक से ज्यादा शेखावाटी में रेल विकास के लिए सामाजिक कार्यकर्ता व पत्रकार प्रदीप अग्रवाल संघर्ष करते आ रहे है जबकि चंद चाटुकार मीडिया के तथाकथित लोग साँसद की झूठी वाही वाही कर रहे है। धरातल पर हकीकत यह है कि अहलावत का जनपद में गहरा विरोध था। जिसके चलते हाईकमान ने दुबारा टिकट देना शायद उचित नही समझा। सूत्रों की माने तो भाजपा संगठन में भी उनका विरोध जगजाहिर था। गौरतलब है कि दैनिक हुक्मनामा समाचार पत्र ने दिनांक 3 फरवरी 2019 को साफ शब्दों में अहलावत की टिकट कटने की स्टोरी चला दी गई थी।

 

  • 14
  • मार्च

नई दिल्ली। दिल्ली के चांदनी चौक से अपने जीवन की शुरुआत करने वाले सुपरस्टार अक्षय कुमार अब राजनीति में कदम रखने वाले हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अब अक्षय कुमार का नाम सामने आ रहा है कि वह भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर दिल्ली की चांदनी चौक संसदीय सीट से अपना पर्चा दाखिल कर सकते हैं। इसको लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता उनसे संपर्क बनाए हुए हैं। अक्षय कुमार ने शहीद जवानों के परिजनों को मदद मुहैया कराने के लिए गृह मंत्रालय की वेबसाइट भारत के वीर को प्रमोट करने में अहम भूमिका अदा की है।

वहीं, अक्षय ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की मदद के लिए कई जागरुकता अभियान भी चलाएं और खुद सड़कों पर उतरकर कई सारे विज्ञापन किए। इसके अलावा अक्षय कुमार की छवि एक राष्ट्रवादी स्टार के तौर पर ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि उन्होंने देशहित और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए पैडमैन, टॉयलेट एक प्रेम कथा, एयरलिफ्ट जैसी कई सारी फिल्में की हैं। वहीं, उन्होंने चांदनी चौक टू चाइना फिल्म करके चांदनी चौक के साथ लगाव प्रदर्शित किया था।

हालिया वर्षों में अक्षय कुमार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ की नजदीकियां किसी से छिपी नहीं हैं। वहीं, बीते दिन यानी की बुधवार को प्रधानमंत्री ने अक्षय कुमार को टैग करते हुए लोकसभा चुनाव के लिए मतदाताओं को प्रेरित करने की अपील की। हालांकि सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में पहले ये बताया गया था कि चांदनी चौक सीट से भाजपा डॉ. हर्षवर्धन को उतारने जा रही है। लेकिन, जिस तरह से बीजेपी अब अक्षय कुमार को तरजीह दे रही है उनका लड़ना लगभग तय माना जा रहा है।

 

उल्लेखनीय है कि पंजाब की गुरदासपुर सीट से चार बार सांसद रह चुके विनोद खन्ना के निधन के बाद खबरें ऐसी भी थीं कि अक्षय कुमार को यहां से चुनावी अखाड़े में उतारा जा सकता है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। आपको बता दें कि अक्षय कुमार के ससुर और प्रसिद्ध अभिनेता स्वर्गीय राजेश खन्ना नई दिल्ली सीट से तीन बार कांग्रेस की टिकट पर सांसद बन चुके हैं। वर्तमान में चांदनी चौक से सांसद डॉ. हर्षवर्धन को पूर्वी दिल्ली भेजा जा रहा है।

 

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