राजनीति

  • 04
  • मई

जयपुर। भाजपा जयपुर शहर लोकसभा प्रत्याशी श्री रामचरण बोहरा के समर्थन में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के द्वारा स्टार गार्डन, घोड़ा निकास रोड़, रामगंज चोपड़, जयपुर में अल्पसंख्यक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि व वक्ता केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी रहे एवं इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा प्रभारी एवं चैयरमेन दरगाह कमेटी, अजमेर अमीन पठान ने की। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री व वक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने केन्द्रीय सरकार द्वारा अल्पसंख्यक योजनाओं के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के शासनकाल में मुस्लिम समाज सुरक्षित है।

अजमेर दरगाह कमेटी चैयरमेन अमीन पठान ने केन्द्रीय सरकार का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज यूनिवर्सिटी राजस्थान का एक सपना था जो भाजपा शासित कार्यकाल में पूरा किया गया।  इस आयोजन में उपस्थित भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. मजीद मलिक कमाण्डो ने कहा कि मुस्लिम समाज भाजपा के साथ है व भाजपा जयपुर शहर लोकसभा प्रत्याशी को भारी बहुमत से जिताकर प्रधानमंत्री मोदी जी को एक बार फिर पुनः जितायेंगे।

 

  • 04
  • मई

नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता दिल्ली के बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी पर जमकर हमला बोला। अपने चुनावी प्रचार के लिए एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मनोज तिवारी नाचता बहुत है। पांडे जी को नाचना नहीं आता है, काम करना आता है। यहां पांडे जी से उनका इशारा आम आदमी पार्टी के नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के लोकसभा उम्मीदवार दिलीप पांडे से था।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पांडे को नाचना नहीं आता है, उन्हें काम करना आता है, इस बार काम करने वाले को वोट देना, नाचने वाले को वोट मत देना। बता दें कि नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से आप पार्टी के उम्मीदवार दिलीप पांडे हैं तो वहीं इसी क्षेत्र से मनोज तिवारी बीजेपी के लोकसभा कैंडिडेट हैं।

केजरीवाल के इस बयान पर अब मनोज तिवारी की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे गाली देकर उन्होंने मेरा नहीं बल्कि पूर्वांचल के लोगों का अपमान किया है। अब यही जनता उन्हें इसका जवाब दिखाएगी।

दिल्ली में छठे चरण में कुल सातों सीटों पर लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। ये मतदान 12 मई को चांदनी चौक, उत्तर पूर्वी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली, उत्तर पश्चिम दिल्ली, पश्चिम दिल्ली और दक्षिण दिल्ली में होने हैं। इसके लिए चुनावी उम्मीदवारों का लगातार जनता के बीच चुनाव प्रचार जारी है।

 

  • 03
  • मई

नई दिल्लीः आचार संहिता के उल्लंघन मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव आयोग (ईसी) से क्लीनचिट मिल गई है लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग का यह फैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आचार संहिता उल्लंघन के तीन मामलों में चुनाव आयोग से क्लीनचिट मिली है लेकिन इनमें से दो मामलों में आयोग की राय एकमत नहीं थी.

मोदी को वर्धा और लातूर में उनके भाषणों को लेकर क्लीनचिट दी गई लेकिन इन मामलों में एक चुनाव आयुक्त ने मोदी का क्लीनचिट दिए जाने का विरोध किया जबकि बाड़मेर के उनके भाषण को लेकर चुनाव आयोग की एकमत राय थी.

मालूम हो कि नरेंद्र मोदी ने एक अप्रैल को वर्धा में में दिये अपने भाषण में वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की थी और संकेत दिया था कि केरल के इस संसदीय क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं की संख्या अधिक है.

वहीं नौ अप्रैल को महाराष्ट्र के लातूर में पहली बार वोट देने जा रहे मतदाताओं से अपना वोट बालाकोट हवाई हमले के नायकों और पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को समर्पित करने की बात कही थी.

इन दोनों मामलों में फैसला 2-1 के बहुमत से लिया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अलावा दो अन्य चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा ने इस संबंध में वोटिंग की थी. इनमें से एक आयुक्त की राय प्रधानमंत्री के पक्ष में नहीं थी.

लेकिन राजस्थान के बाड़मेर में मोदी के विवादित बयान पर क्लीनचिट देने का चुनाव आयोग का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया. चुनाव आयोग का कहना है कि इस मामले में आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है.

गौरतलब है कि मोदी ने बाड़मेर में अपनी चुनावी सभा में सशस्त्र बलों का आह्वान करते हुए कहा था कि भारत के परमाणु हथियार दिवाली के लिए इस्तेमाल किए जाने के लिए नहीं रखे हैं.

चुनाव आयोग अधिनियम, 1991 की धारा 10 के मुताबिक, ‘जहां तक संभव हो चुनाव आयोग का कामकाज सबकी सहमति से चलना चाहिए. प्रावधान यह भी कहता है कि अगर किसी मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों में मतभेद हो तो ऐसे मामले में बहुमत के आधार पर फैसला लिया जाना चाहिए.’

मोदी को वर्धा और लातूर मामलों में क्लीनचिट दिए जाने पर चुनाव आयोग में एकराय नहीं थी. चुनाव समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि मोदी के ये बयान जनप्रतिनिधि कानून की धारा 123 (3ए) और 125 का उल्लंघन नहीं है.

ये धाराएं किसी भी उम्मीदवार द्वार देश में धर्म, जाति, समुदाय और भाषा के आधार पर विभिन्न वर्गों के नागरिकों के बीच दुश्मनी और घृणा की भावनाओं को बढ़ाने से संबंधित हैं. हालांकि इस कानून के लागू होने के बाद बहुमत से ऐसे फैसले बहुत कम लिए गए हैं.

चुनाव आयोग में मतभेद के कुछ उदाहरणों में से एक 2009 का है, जब विभाजित आयोग ने कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी को विदेशी पुरस्कार मिलने के लिए सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने पर अपनी राय राष्ट्रपति को भेजी थी.

उस समय एन गोपालस्वामी मुख्य चुनाव आयुक्त थे और एस वाई कुरैशी और नवीन चावला समिति में उनके सहयोगी थे. गोपालस्वामी की राय थी कि नवंबर 2006 में सोनिया गांधी को बेल्जियम के सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने की जांच की जरूरत थी, जिसे चावला और कुरैशी ने ख़ारिज कर दिया था.

उन्होंने कहा था कि जांच पूरी हो गई है और इस मामले में और जांच की जरूरत नहीं है.

  • 03
  • मई

नई दिल्ली। राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर उठे सवालों पर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। वायनाड में एक रिटायर नर्स और वहीं की वोटर राजम्मा वावथिल ने दावा किया है कि राहुल उनकी गोद में ही जन्मे थे। ऐसे में उनकी नागरिकता को लेकर सवाल नहीं उठाना चाहिए। नर्स द्वारा बताया गया कि राहुल का जन्म दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ था, और उस समय वह उसी अस्पताल में ड्यूटी पर थीं। उन्होंने इस बात का दावा किया कि 19 जून 1970 को जब राहुल गांधी का जन्म हुआ तब वह उसी अस्पताल में नर्स थीं।

नर्स के मुताबिक वह उस वक्त हॉस्पिटल में एक ट्रेनी के तौर पर नर्स का काम सिख रही थी और जब कांग्रेस अध्यक्ष का जन्म हुआ तब वह पहली महिला थीं जिन्होंने राहुल को अपने हाथों में लिया था। वावथिल ने कहा कि मैं सौभाग्यशाली थी क्योंकि मैं उन कुछ लोगों में शामिल थी जिन्होंने नवजात बच्चे को अपने हाथों में लिया था। वह बहुत प्यारा बच्चा था। मैं उनके जन्म की गवाह थी। मैं इस बात को लेकर काफी रोमांचित थी कि वह पीएम इंदिरा गांधी का पोता है। उन्होंने आगे कहा कि इससे ज्यादा खुशी की बात नहीं हो सकती है। 49 साल बाद आज वह ‘सुंदर शिशु’ कांग्रेस अध्यक्ष है और वायनाड से चुनाव प्रत्याशी है।” वह उस दिन को याद करती हैं। राहुल गांधी के पिता राजीव गांधी और चाचा संजय गांधी अस्पताल के लेबर रूम के बाहर प्रतीक्षा कर रहे थे, जिस समय उनका जन्म हुआ।