राजनीति

  • 02
  • मई

जयपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि अजहर मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जाना इस बात को साबित करता है कि मोदी है तो मुमकिन है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस को देश के लिए खतरा बताया। योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ जिले के रावतसर कस्बे में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में रैली को संबोधित कर रहे थे। संयुक्त राष्ट्र द्वारा पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन ‘‘जैश-ए-मोहम्मद’’ के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने का जिक्र करते हुए आदित्यनाथ ने कहा यह इस बात को साबित करता है कि मोदी है तो मुमकिन है।

उन्होंने कहा कि यह काम कांग्रेस नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि हम सब भारतवासियों के लिये सबसे पहली जरूरत है राष्ट्रधर्म की। हमारी जाति कोई भी होगी, हमारा मत कोई भी होगा, हमारा सम्प्रदाय कोई भी होगा लेकिन हम सबके लिये इन सब से बढ कर के है हमारे देश की सुरक्षा। भारत अगर सुरक्षित है तो भारत की 130 करोड़ की आबादी सुरक्षित है, भारत अगर सुरक्षित है भारत का हर क्षेत्र, हर जाति, मजहब, सम्प्रदाय,परिवार अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकता है।

 

  • 01
  • मई

नई दिल्ली। भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर चुनाव आयोग का डांडा चला है। चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा सिंह के बाबरी मस्जिद वाले बयान को संज्ञान में लेते हुए। उनके चुनाव प्रचार पर 3 दिन का बैन लगा दिया है। जो कल सुबह 6 बजे शुरू होगा। चुनाव आयोग ने साध्वी के इस बयान को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन पाया है। इस बैन के बाद साध्वी प्रज्ञा 3 दिन तक जनसभा, जुलूस और रोड शो में शामिल नहीं हो सकेंगी। इसके अलावा मीडिया को इंटरव्यू भी नहीं दे सकेंगी।

चुनाव आयोग ने साध्वी पर बाबरी मस्जिद वाले बयान के लिए एफ़आईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। वहीं बाबरी मस्जिद पर दिए गए उनके बयान के मामले में चुनाव आयोग ने उनके जवाब को अस्वीकार कर दिया था। गौरतलब है कि एक टेलीविजन चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि वह 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने वाले लोगों में से थीं और इस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा था कि बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है, ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं। हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया।

  • 01
  • मई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को यूपी के अंबेडकर नगर में हुई रैली आतंकवाद के मुददे पर सपा बसपा और कांग्रेस को घेरते हुये कहा कि आतंकी एक कमजोर सरकार के इंतजार में हैं, ये मौके की तलाश में हैं। सपा-बसपा और कांग्रेस का आतंकवाद पर नरमी का पुराना रिकॉर्ड रहा है, आतंक की फैक्ट्रियां अभी भी चल रही हैं। खास बात ये रही कि इस रैली में पीएम ने मंच से जय श्रीराम का नारा भी लगाया। 


रामनगरी अयोध्या से 20 किलोमीटर दूर गोसाईगंज इलाके में रैली को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्रीलंका में क्या हुआ, कुछ यही स्थिति 2014 से पहले भारत में थी। अयोध्या और फैजाबाद में कैसे कैसे बम धमाके हुए, कोई इसे भूल सकता है क्या? वे दिन कैसे भूल सकते हैं जब देश में आये दिन आतंकी हमला होता था। पिछले पांच साल में बम धमाकों की खबरें आनी बंद हुई हैं। हमारे पड़ोस में आतंक की फैक्ट्री अभी चल रही है। ये आतंकी देश में एक कमजोर सरकार के इंतजार में हैं। ये मौके की ताक में बैठे हैं। 

उन्होंने कहा कि जैसे सड़कों पर लिखा रहता है- सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। ये आतंकवाद का खेल भी ऐसा है। सावधानी हटी नहीं, मौत का बुलावा आया नहीं। यह बात इसलिए अहम है सपा, बसपा या कांग्रेस हो या कोई भी महामिलावटी हो, इनका आतंक पर नरमी का पुराना रेकॉर्ड रहा है। सुरक्षा एजेंसियां आतंक के मददगारों को पकड़ती थी, ये वोट के लिए उन्हें छोड़ देते थे आज यह महामिलावटी केंद्र में एक बार फिर मजबूर सरकार बनाने की फिराक में है। 

प्रधानमंत्री ने श्रमिक दिवस एक मई  को ध्यान में रखते हुए कहा कि 'जब मैं 2014 में सरकार में आया तो पता चला कि पहले की पेंशन स्कीम के तहत जो व्यवस्था थी उसमें किसी को 50 रुपये, किसी को 60 रुपये, किसी को 70 रुपये मिल रहा है। हमारी सरकार ने एक ही झटके से यह सब बंद करके तय किया कि जिनको पेंशन मिलता है, उन्हें कम से कम 1000 रुपये जरूर मिलेगा, इससे हमारी सरकार पर हजारों करोड़ का बोझ लद गया।'

मोदी ने कहा कि 'हमारे देश के 40 करोड़ से ज्यादा श्रमिक भाइयों-बहनों की विपक्षी पार्टियों ने परवाह नहीं की। श्रमिकों को वोट बैंक में बांटकर इन लोगों ने अपना और अपने परिवार का फायदा करवाया। कोई गरीब अपने बच्चे को गरीब नहीं देखना चाहता। कोई चायवाला यह नहीं सोचता कि उसका बच्चा बड़ा होकर चायवाला बने। गरीब और मजदूर आगे बढ़ना चाहता है। 

  • 01
  • मई

नई दिल्ली: चुनावी माहौल में नेताओं के खट्टे मीठे बोल मतदाताओं के कानों में गूंज रहे हैं। हर एक नेता में प्रतिस्पर्धा सी लगी है कि कौन किस हद तक जाकर विवादित बयान दे सकता है। चुनाव आयोग उन नेताओं पर डंडे चला रहा है। लेकिन चुनाव आयोग के डंडे का जमीन पर कुछ खास असर नहीं दिख रहा है। 

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने गांधी सरनेम पर गांधी परिवार को घेरा। उन्होंने कहा कि राहुल और प्रियंका जिस गांधी सरनेम का इस्तेमाल कर रहे हैं वो महात्मा गांधी से जुड़ा हुआ नहीं है। ये लोग फिरोज गांधी के सरनेम का इस्तेमाल कर रहे हैं। आप को पता होगा कि फिरोज गांधी के रिश्ते जवाहर लाल नेहरू से अच्छे नहीं थे। सही बात तो ये है कि इन लोगों को उस उपाधि को इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। लेकिन वो लोग सोचते हैं कि गांधी सरनेम से उन्हें इज्जत मिलेगी। मोदी जी ही सिर्फ ऐसे शख्स हैं जो महात्मा गांधी के कदमों पर चल रहे हैं। 

उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। कांग्रेस उन मुद्दों का जिक्र कर रही है जिन मुद्दों पर मौजूदा सरकार बेहतर ढंग से काम कर रही है। राहुल गांधी, गरीबी हटाने के मुद्दे पर न्याय योजना का वादा करते हैं। लेकिन सवाल ये है कि इतने वर्षों के बाद भी कांग्रेस गरीबी हटाओ का नारा दे रही है। यही नहीं राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कांग्रेस इस सरकार को घेर रही है। हालांकि ये सबको पता है कि मुंबई हमलों के बाद कांग्रेस का रुख क्या था। सच बात तो ये है कि कांग्रेस कभी भी देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध नहीं रही है।