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भोपाल: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान शहडोल कलेक्टोरेट में मंत्री ओमकार सिंह मरकाम के पहुंचने और कलेक्टर से बात करने के मामले को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। मंत्री को नोटिस भेजकर जवाब तलब करने के साथ कलेक्टर ललित कुमार दाहिमा को बदलने की तैयारी है। इसी तरह छिंदवाड़ा कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा के ऊपर हेलिकॉप्टर की उड़ान की अनुमति का प्रकरण से आयोग खफा है। दोनों कलेक्टरों की जगह नए अधिकारियों की पदस्थापना के लिए शासन से पैनल मांगी गई है। देर शाम तक आयोग की अनुमति का इंतजार होता रहा। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने इस मामले में फिलहाल कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम 20 अप्रैल को शहडोल कलेक्टोरेट देर रात पहुंचे थे। उस वक्त कलेक्टर ललित कुमार दाहिमा अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक कर रहे थे। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे और भाजपा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए शिकायत की। इस पर अनूपपुर कलेक्टर और शहडोल कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी गई। कलेक्टर की रिपोर्ट में मंत्री के कलेक्टोरेट में आने की पुष्टि तो की गई लेकिन उनके किसी बैठक में शामिल होने से इंकार किया गया। वहीं, कमिश्नर की रिपोर्ट अस्पष्ट थी। इस आधार पर दाहिमा को फौरी तौर पर क्लीनचिट दे दी गई लेकिन कमिश्नर से स्पष्ट प्रतिवेदन मांगा गया तो उन्होंने बैठक में शामिल अधिकारियों के बयान लेकर रिपोर्ट भेजी। इसमें विरोधाभासी बातें सामने आईं। इस आधार पर आयोग ने नए कलेक्टर के लिए सीधे पैनल मांग ली। इसी तरह छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हेलिकॉप्टर शाम पांच बजे के बाद उड़ान की अनुमति नहीं दी थी। इस पर काफी विवाद भी हुआ था और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव से जांच भी कराई थी। इसमें राज्य के नियमों का हवाला देते हुए कलेक्टर को क्लीनचिट दी गई थी। इसमें यह भी उल्लेख है कि कलेक्टर ने जो 150 अनुमतियां दीं, उसमें इसी प्रावधान का पालन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के स्टार प्रचारक शत्रुद्यन सिन्हा सौंसर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। यहां उनके हेलिकॉप्टर साढ़े छह बजे के बाद उड़ान भरी थी। इस मामले में अनुमति लेने वाले जय माहोरे के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है। आयोग ने हेलिकॉप्टर की उड़ान मामले को गंभीरता से लेते हुए छिंदवाड़ा कलेक्टर को बदलने अधिकारियों की पैनल मांगी है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी आयोग के उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन के मध्यप्रदेश के बाद उत्तरप्रदेश के दौरे पर होने की वजह से देर रात तक इस मामले में फैसला नहीं हो पाया।

इन्दौरः10 मई, अब कांग्रेस और भाजपा के स्टार प्रचारकों का घमासान मालवा निमाड अंचल में होने वाला है. 12 मई को जहाँ भाजपा के पक्ष में प्रचार करने नरेन्द्र मोदी इन्दौर और खंडवा में आयेगें. वही 13 मई को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी रतलाम में सभा लेकर इन्दौर में रोड शो करेगी. वही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी इस अंचल के दौरे में आयेगें. 12 मई को छठवें चरण का मतदान होते ही आखिरी चरण की सीटों के लिए घमसान होगा. प्रदेश के मालवा-निमाड अंचल की आठ लोकसभा में सातवें चरण में मतदान है. यह अंचल भाजपा के गढ है. अपने इस गढ को बनायें रखने के लिए भाजपा 12 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो सभाएं इस अंचल के खंडवा और इन्दौर लोकसभा क्षेत्र में करा रही है. मोदी की दौरे के ठीक बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और स्टार प्रचारक प्रियंका गाँधी 13 मई को दौरे पर आ रही है. वे रतलाम में एक जनसभा को सम्बोधित करके इन्दौर में कांग्रेस प्रत्याशी के लिए रोड शो करेगी. प्रियंका गाँधी दोपहर साढ़े 12 बजे इंदौर आएंगी और यहां से बाबा महाकाल के दर्शन को उज्जैन जाएंगी. इसके बाद रतलाम में जनसभा को संबोधित करने के बाद शाम को इंदौर आएंगी. जहां 4.30 से 6.30 बजे तक रोड शो करेंगी. शहर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के अनुसार प्रियंका गांधी का कार्यक्रम तय हो गया है. उनका रोड शो जवाहर मार्ग से शुरु होकर राज मोहल्ला से होते हुए संजय सेतू पहुंचेंगा. दो घंटे तक रोड शो करने के बाद वे रात 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी. वही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मालवा-निमाड़ के दौरे में आने वाले है. वे यहां एक के बाद एक तीन सभाएं धार के अमझेरा वे खरगोन के नवग्रह मेला तथा शाजापुर जिले के शुजालपुर में सम्बोधित करेगें.

इंदौर । पूर्व कांग्रेसी विधायक के भांजे की गाड़ी का चालान बनाने और कार्यवाही के दौरान किसी दबाव में नहीं आने के वायरल हुए वीडियो के बाद चर्चा में आए यातायात विभाग के एएसआई अरुण सिंह को पुनः राजवाड़ा क्षेत्र में ही पदस्थ कर दिया गया है । 17 वर्ष सेना में सेवा देने के बाद पुलिस सेवा में आए अरुण सिंह ने कहा कि मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे उसी स्थान पर भेजा गया जहां यह विवाद हुआ था। अरुण सिंह ने कहा कि अब मेरी कोशिश है कि मैं अच्छा काम करूं। उन्होंने कहा कि मैं पूरी कार्यवाही से पूरी तरह से संतुष्ट हूं क्योंकि यह विभागीय प्रक्रिया है मुझे थकान और तनाव दूर करने के लिए ईडीआरपी लाइन भेजा गया था। मुझे लाइन अटैच नहीं किया गया। अरुण सिंह ने कहा कि वह अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदल सकते हैं पहले जैसी कार्यवाही करने में कभी भी पीछे नहीं हटेंगे उस घटना को लेकर अरुण सिंह ने कहा इसे सौभाग्य समझे या दुर्भाग्य परंतु बड़ी संख्या में लोगों ने मुझे शाबाशी दी। अरुण सिंह ने कहा कि मैं एक छोटा कर्मचारी हूं लेकिन कोई प्रभाव दिखाएगा तो मैं कार्यवाही करने में पीछे नहीं हटूंगा मेरा नजरिया नहीं बदल सकता है।

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व पीएम राजीव गांधी पर INS विराट के पर्सनल इस्तेमाल करने का आरोप लगाने के बाद से यह मसाला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस मसले पर अब पूर्व नौसेना प्रमुख एल रामदास ने पीएम मोदी के इस बयान को जुमला बताते हुए बड़ा बयान दिया है। वहीं आईएनएस विराट के तत्कालीन कमांडिग अफसर विनोद पसरीचा ने भी इस दावे को झूठा बताया है। एडमिरल रामदास ने पीएम मोदी के दावे के बाद गुरुवार को एक प्रेस रिलीज जारी की, जिसमें उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की लक्षद्वीप यात्रा आधिकारिक थी, वह पिकनिक पर नहीं थे।

उन्होंने कहा कि राजीव गांधी INS विराट पर राष्ट्रीय खेल पुरस्कार वितरण में गए थे। उन्होंने कहा कि आरोप एकदम झूठा है। प्रधनमंत्री का वह सरकारी दौरा था। हम इस तरह के आरोप से व्यथित हैं। सेना किसी के निजी इस्तेमाल के लिए नहीं है। बता दें कि पीएम मोदी ने कहा था, ‘आईएनएस विराट का इस्तेमाल एक निजी टैक्सी की तरह करके राजीव गांधी ने इसका अपमान किया गया। यह तब हुआ जब राजीव गांधी एवं उनका परिवार 10 दिनों की छुट्टी पर गए हुए थे। आईएनएस विराट को हमारी समुद्री सीमा की रक्षा के लिए तैनात किया गया था, किन्तु इसका मार्ग बदल कर गांधी परिवार को लेने के लिए भेजा गया जो अवकाश मना रहा था।’

नई दिल्ली।सर्वोच्च न्यायलय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में में म. प्र. के शत प्रतिशत शासकीय अनुदान प्राप्त महाविद्यालययों में कार्यरत प्रोफेसर्स की रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष कर दी है।
देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले की जानकारी देते हुए म.प्र.अशासकीय महाविद्यालययीन(अनुदान प्राप्त) प्राध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र त्रिपाठी,महासचिव डॉ. डी. के. दुबे ,कोषाध्यक्ष डॉ. शैलेष जैन और सीनियर एडवोकेट श्री एल.सी. पटने ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि शासन से अनुदान प्राप्त प्रोफेसर गण भी शासकीय कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की तरह ही समस्त लाभ प्राप्त करने के हकदार हैं।उल्लेखनीय है कि म.प्र. शासन ने सन 2010 में शासकीय महाविद्यालययों में कार्यरत शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष कर दी थी जबकि अनुदान प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों को 62 वर्ष की आयु में रिटायर किया जा रहा था।

म.प्र.शासन के उक्त अन्यायकारी निर्णय के खिलाफ अनुदान प्राप्त शिक्षकों की तरफ से प्रांतीय संघ ने हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और बड़ी सफलता पाई।
वरिष्ठ एडवोकेट श्री एल. सी. पटने ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी इस दलील को माना कि अनुदान प्राप्त महाविद्यालयो में कार्यरत शिक्षक शासकीय कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की तरह ही समस्त लाभों के हकदार हैं।उन्होंने बताया माननीय सर्वोच्च अदालत ने उनके इस तर्क को भी सही माना कि सन 2004 में महामहिम राज्यपाल की अध्यक्षता में गठित कोऑर्डिनेशन कमेटी ने तय कर दिया था कि अनुदान प्राप्त निजी कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक,शासकीय कॉलेजों के शिक्षकों के समान ही माने जाएंगे तो फिर रिटायरमेन्ट की आयु में भेदभाव नही किया जा सकता।श्री पटने ने बताया की 1973 के अधिनियम के तहत म.प्र. में महामहिम राज्यपाल की अध्यक्षता में कोऑर्डिनेशन कमेटी गठित की जाती है। कमेटी में प्रदेश के सभी कुलपति,रेक्टर्स और शासन उच्च अधिकारी रहते हैं। अतःउक्त कमेटी द्वारा लिया गया निर्णय राज्य सरकार पर बंधनकारी है।सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुवे अनुदान प्राप्त कॉलेजों के शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुना दिया।
प्रांताध्यक्ष डॉ.त्रिपाठी ने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार जिन शिक्षकों ने 62 से 65 वर्ष की आयु तक कार्य किया है उन्हें वेतन भी म.प्र.शासन को ही प्रदान करना होगा।संघ के सचिव डॉ.डी. के. दुबे ने बताया कि हम जल्द ही माननीय सर्वोच्च अदालत के फैसले की प्रमाणित प्रति उच्च शिक्षा विभाग में जमा कर शासन से निर्णयानुसार आदेश निकालने का आग्रह करेंगे।प्रांताध्यक्ष डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस महत्वपूर्ण निर्णय के संदर्भ में जल्द ही प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई जा रही है।संघ के कोषाध्यक्ष डॉ. शैलेष जैन ने प्रोफेसर्स के हक की इस जायज लड़ाई में साथ देने के लिए सभी शिक्षक साथियों का आभार माना।

चुनाव आयोग ने इस चुनाव में यह तय किया है कि वोट डालने के लिए आधार कार्ड, मतदाता कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस समेत 12 दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज मतदान केंद्र पर दिखाना होगा. तभी मतदाता वोट डाल सकेंगे. केवल बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की पर्ची से काम नहीं चलेगा. प्रशासन ने आयोग के नए नियम का सही तरीके से प्रचार नहीं किया है, जिससे लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है.

वहीं निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने प्रचार किया है. अगर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है तो वे बीएलओ पर्ची के साथ मतदाताओं को यह जानकारी देंगे. बहरहाल, अब मतदान में सिर्फ दो दिन और बचे हैं. अगर निर्वाचन अधिकारियों ने आयोग के नए नियम का ठीक से प्रचार नहीं किया, तो बहुत से मतदाता लोकतंत्र के हवन में आहुति डालने से वंचित रह जाएंगे.