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भोपाल । लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने भोपालवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मी में भी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, इसके लिए सभी मतदाता बंधु बधाई के पात्र हैं। उन्होंने महिला, पुरुष, मजदूर, किसान, व्यापारी, कर्मचारी आदि सभी वर्गों ने भोपाल के सद्भाव व विकास के लिए वोट किया, इसके लिए सभी का तहे-दिल से धन्यवाद दिया। श्री सिंह ने आशा व्यक्त की कि भारत के लोग संविधान प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग करते रहेंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया निरंतर जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता उन्हें आशीर्वाद देते हुए भोपाल की सेवा का अवसर देंगे। श्री सिंह ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मीडिया कर्मियों का भी धन्यवाद किया। अपनी जीत के प्रति विश्वास प्रकट करते हुए श्री सिंह ने कहा कि भोपाल के सांसद के रूप में अपने दिए वचन निभाएंगे तथा ‘‘भोपाल विजन डाक्यूमेंट’’ अक्षरशः लागू करेंगे।

हम आपके लिए 50 ऐसे चुनावी नारे लेकर आए हैं जिनके सहारे कभी सत्ता की सीढ़ियां चढ़ने की कोशिश की गई थी.1- जमीन गई चकबंदी में, मकान गया हदबंदी में, द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में – आपातकाल और नसबंदी अभियान के खिलाफ ये नारा काफी चर्चित हुआ.2- जली झोपड़ी भागे बैल, यह देखो दीपक का खेल (साठ के दशक में जनसंघ और कांग्रेस में नारों के जरिये खूब नोंकझोंक होती थी. जनसंघ का चुनाव चिह्न दीपक था जबकि कांग्रेस का चुनाव चिन्ह दो बैलों की जोड़ी थी.)3- इस दीपक में तेल नहीं, सरकार बनाना खेल नहीं (जनसंघ के ‘जली झोपड़ी भागे बैल यह देखो दीपक का खेल’ नारे के जवाब में कांग्रेस का ये जवाबी नारा था,4- खरो रुपयो चांदी को, राज महात्मा गांधी को (1952 में आजादी के बाद के पहले चुनाव में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ये नारा दिया था)5- संजय की मम्मी–बड़ी निकम्मी (1977 में इंदिरा के खिलाफ नारा)6- बेटा कार बनाता है, मां बेकार बनाती है (1977 में इंदिरा के खिलाफ नारा)7- नसबंदी के तीन दलाल- इंदिरा, संजय, बंसीलाल (1977 में इंदिरा के खिलाफ नारा)8- एक शेरनी सौ लंगूर, चिकमंगलूर-चिकमंगलूर (1978 में कर्नाटक के चिकमंगलूर से इंदिरा गांधी उप चुनाव लड़ रही थीं. उस दौरान दक्षिण भारत के कांग्रेसी नेता देवराज उर्स ने यह नारा दिया था.)9- संसोपा ने बांधी गांठ, पिछड़े पावें सौ में साठ (पिछड़ों को सत्ता में भागीदारी के लिए समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया दिया गया नारा)10- देश की जनता भूखी है यह आजादी झूठी है- आजादी के बाद कम्यूनिस्ट नेताओं द्वारा दिया गया नारा.11- लाल किले पर लाल निशान, मांग रहा है हिंदुस्तान- लेफ्ट पार्टियों द्वारा दिया गया नारा12- धन और धरती बंट के रहेगी, भूखी जनता चुप न रहेगी – समाजवादियों और साम्यवादियों की ओर से 1960 के दशक में दिया गया नारा.13- आकाश से नेहरू करें पुकार, मत कर बेटी अत्याचार- आपातकाल के खिलाफ दिया गया एक नारा14- देखो इंदिरा का ये खेल, खा गई राशन, पी गई तेल – इंदिरा के गरीबी हटाओ नारे का उनके राजनीतिक विरोधियों ने इस नारे से जवाब दिया था.15- जात पर न पात पर, इंदिराजी की बात पर, मुहर लगाना हाथ पर – कांग्रेस के लिए साहित्यकार श्रीकांत वर्मा का लिखा यह नारा काफी चर्चित रहा.16- जगजीवन राम की आई आंधी, उड़ जाएगी इंदिरा गांधी- आपातकाल के दौरान एक नारा17- गरीबी हटाओ (1971 में इंदिरा गांधी ने यह नारा दिया था. उस दौरान वो अपनी हर चुनावी सभा में अपने भाषण के अंत में एक ही वाक्य बोलती थीं- ‘वे कहते हैं, इंदिरा हटाओ, मैं कहती हूं गरीबी हटाओ, फैसला आपको करना है)18- जिंदा कौमें पांच साल तक इंतजार नहीं करतीं (राम मनोहर लोहिया द्वारा दिया गया नारा)19- इंदिरा इज़ इंडिया एण्ड इंडिया इज़ इंदिरा (कांग्रेस नेता देवकांत बरुआ ने आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के बारे में ये नारा दिया था.)20- इंदिरा हटाओ देश बचाओ ( 1977 में जय प्रकाश नारायण द्वारा दिया गया नारा.)21- सम्पूर्ण क्रांति अब नारा है/भावी इतिहास तुम्हारा है/ ये नखत अमा के बुझते हैं/ सारा आकाश तुम्हारा है. दो राह समय के रथ का घर्घर नाद सुनो/ सिंहासन खाली करो कि जनता आती है – जेपी आंदोलन के दौर में रामधारी सिंह दिनकर की कविता कि ये पंक्तियां जनांदोलन का नारा बन गई.22- जब तक सूरज चांद रहेगा, इंदिरा तेरा नाम रहेगा- 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस द्वारा दिया गया नारा.23- मेरे खून का अंतिम कतरा तक इस देश के लिए अर्पित है – इंदिरा की हत्या के बाद राजीव गांधी के नेतृत्व में लड़े गए चुनाव में कांग्रेस ने इंदिरा के इस कथन को बतौर नारा प्रयोग किया.24- उठे करोड़ों हाथ हैं, राजीव जी के साथ हैं – इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुआ आम चुनाव में ये नारा गूंजा.25- राजा नहीं फकीर है, देश की तकदीर है- 1989 के चुनावों में वीपी सिंह को लेकर बना यह नारा काफी चर्चित रहा.26- सौगंध राम की खाते हैं हम मंदिर वहीं बनाएंगे. ये तो पहली झांकी है, काशी मथुरा बाकी है. रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे. (राम मंदिर आंदोलन के दौर में भाजपा और संघ के नारे)27- राजीव तेरा ये बलिदान याद करेगा हिंदुस्तान – 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस पार्टी ने ये नारा दिया.28- सबको देखा बारी-बारी, अबकी बार अटल बिहारी – 1996 में भाजपा द्वारा दिया गया नारा.29- अटल बिहारी बोल रहा है, इंदिरा शासन डोल रहा है – भारतीय जनसंघ के दौर में उसका एक नारा.30- भूरा बाल साफ करो – लालू पर ये आरोप लगा कि उन्होंने ये नारा 1992 में ऊंची जाति के लोगों को अपमानित करने के लिए उछाला था.31- रोटी, कपड़ा और मकान, मांग रहा है हिंदुस्तान (समाजवादी नेताओं द्वारा दिया गया नारा)32- महंगाई को रोक न पाई, यह सरकार निकम्मी है, जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है- (समाजवादियों द्वारा इंदिरा गांधी के खिलाफ दिया गया नारा)33- अटल, आडवाणी, कमल निशान, मांग रहा है हिंदुस्तान – भाजपा द्वारा उसके शुरुआती दिनों में दिया गया नारा34- जात पर न पात पर मुहर लगेगी हाथ पर – 1996 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा दिया गया नारा35- राम और रोम की लड़ाई – 1999 के चुनाव में बीजेपी की तरफ से सोनिया गांधी पर निशाना साधने वाला ये नारा भी सामने आया.36- आधी रोटी खाएंगे, इंदिराजी को लाएंगे. इंदिरा जी की बात पर, मुहर लगेगी हाथ पर – जनता पार्टी के ढाई साल के शासन से परेशान जनता की भावनाओं को भुनाने के लिए 1980 में कांग्रेस ने ये नारा दिया था.37- अमेठी का डंका, बेटी प्रियंका – अमेठी में प्रियंका गांधी के पहली बार चुनाव प्रचार में पहुंचने पर स्थानीय कांग्रेसियों का नारा.38- हर हाथ को काम, हर खेत को पानी, हर घर में दीपक, जनसंघ की निशानी – जनसंघ के समय में उसका एक नारा39- मां, माटी, मानुष – 2010 में बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस द्वारा दिया गया नारा.40- ठाकुर बाभन बनिया चोर, बाकी सब हैं डीएसफोर. तिलक ताराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार – कांशीराम द्वारा दिए गए नारे41- मिले मुलायम कांशीराम, हवा हो गए जयश्रीराम- 1993 में जब यूपी में सपा और बसपा ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था तो भाजपा को टार्गेट करता हुआ ये नारा काफी चर्चित रहा.42- चलेगा हाथी उड़ेगी धूल, ना रहेगा हाथ, ना रहेगा फूल – बसपा का एक नारा.43- ऊपर आसमान, नीचे पासवान – कभी बिहार में रामविलास पासवान को लेकर ये नारा काफी चर्चित था. 44-चढ़ गुंडन की छाती पर मुहर लगेगी हाथी पर– बसपा द्वारा दिया गया एक नारा 45-अबकी बार मोदी सरकार– 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा दिया गया नारा 46- कट्टर सोच नहीं युवा जोश– 2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा दिया गया नारा 47-यूपी में है दम क्योंकि जुर्म यहां है कम– 2007 उत्तर प्रदेश विधानसभा के समय सपा द्वारा दिया गया नारा 48- गुंडे चढ़ गए हाथी पर गोली मारेंगे छाती पर–बसपा के नारे के खिलाफ विपक्षियों का चर्चित नारा 49 -पंडित शंख बजाएगा, हाथी बढ़ता जाएगा– 2007 उत्तर प्रदेश विधानसभा के समय बसपा द्वारा दिया गया नारा 50 -हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा-विष्णु महेश है– 2007 उत्तर प्रदेश विधानसभा के समय बसपा द्वारा दिया गया नारा ।

नई दिल्ली. इंडियन टुबैको कंपनी लिमिटेड (आईटीसी) के पूर्व एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ वाईसी देवेश्वर का शनिवार को 72 साल की उम्र में निधन हो गया। आईटीसी ने उनके निधन की पुष्टि की है। देवेश्वर दो दशक से ज्यादा आईटीसी के प्रमुख रहे। देवेश्वर का जन्म 4 फरवरी 1947 को लाहौर में हुआ था। उन्होंने दिल्ली आईआईटी और उसके बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। 1968 में उन्होंने आईटीसी ज्वाइन की। 1991 से 94 तक देवेश्वर एयर इंडिया के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) रहे। वे आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड में भी डायरेक्टर रहे। देवेश्वर ने 2017 में आईटीसी का चीफ एग्जीक्यूटिव का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वे कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने रहे।

भोपाल: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान शहडोल कलेक्टोरेट में मंत्री ओमकार सिंह मरकाम के पहुंचने और कलेक्टर से बात करने के मामले को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। मंत्री को नोटिस भेजकर जवाब तलब करने के साथ कलेक्टर ललित कुमार दाहिमा को बदलने की तैयारी है। इसी तरह छिंदवाड़ा कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा के ऊपर हेलिकॉप्टर की उड़ान की अनुमति का प्रकरण से आयोग खफा है। दोनों कलेक्टरों की जगह नए अधिकारियों की पदस्थापना के लिए शासन से पैनल मांगी गई है। देर शाम तक आयोग की अनुमति का इंतजार होता रहा। उधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने इस मामले में फिलहाल कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट मंत्री ओमकार सिंह मरकाम 20 अप्रैल को शहडोल कलेक्टोरेट देर रात पहुंचे थे। उस वक्त कलेक्टर ललित कुमार दाहिमा अधिकारियों के साथ चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक कर रहे थे। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे और भाजपा ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए शिकायत की। इस पर अनूपपुर कलेक्टर और शहडोल कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी गई। कलेक्टर की रिपोर्ट में मंत्री के कलेक्टोरेट में आने की पुष्टि तो की गई लेकिन उनके किसी बैठक में शामिल होने से इंकार किया गया। वहीं, कमिश्नर की रिपोर्ट अस्पष्ट थी। इस आधार पर दाहिमा को फौरी तौर पर क्लीनचिट दे दी गई लेकिन कमिश्नर से स्पष्ट प्रतिवेदन मांगा गया तो उन्होंने बैठक में शामिल अधिकारियों के बयान लेकर रिपोर्ट भेजी। इसमें विरोधाभासी बातें सामने आईं। इस आधार पर आयोग ने नए कलेक्टर के लिए सीधे पैनल मांग ली। इसी तरह छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हेलिकॉप्टर शाम पांच बजे के बाद उड़ान की अनुमति नहीं दी थी। इस पर काफी विवाद भी हुआ था और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव से जांच भी कराई थी। इसमें राज्य के नियमों का हवाला देते हुए कलेक्टर को क्लीनचिट दी गई थी। इसमें यह भी उल्लेख है कि कलेक्टर ने जो 150 अनुमतियां दीं, उसमें इसी प्रावधान का पालन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के स्टार प्रचारक शत्रुद्यन सिन्हा सौंसर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। यहां उनके हेलिकॉप्टर साढ़े छह बजे के बाद उड़ान भरी थी। इस मामले में अनुमति लेने वाले जय माहोरे के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई है। आयोग ने हेलिकॉप्टर की उड़ान मामले को गंभीरता से लेते हुए छिंदवाड़ा कलेक्टर को बदलने अधिकारियों की पैनल मांगी है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश के चुनाव प्रभारी आयोग के उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन के मध्यप्रदेश के बाद उत्तरप्रदेश के दौरे पर होने की वजह से देर रात तक इस मामले में फैसला नहीं हो पाया।

इन्दौरः10 मई, अब कांग्रेस और भाजपा के स्टार प्रचारकों का घमासान मालवा निमाड अंचल में होने वाला है. 12 मई को जहाँ भाजपा के पक्ष में प्रचार करने नरेन्द्र मोदी इन्दौर और खंडवा में आयेगें. वही 13 मई को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी रतलाम में सभा लेकर इन्दौर में रोड शो करेगी. वही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी इस अंचल के दौरे में आयेगें. 12 मई को छठवें चरण का मतदान होते ही आखिरी चरण की सीटों के लिए घमसान होगा. प्रदेश के मालवा-निमाड अंचल की आठ लोकसभा में सातवें चरण में मतदान है. यह अंचल भाजपा के गढ है. अपने इस गढ को बनायें रखने के लिए भाजपा 12 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो सभाएं इस अंचल के खंडवा और इन्दौर लोकसभा क्षेत्र में करा रही है. मोदी की दौरे के ठीक बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और स्टार प्रचारक प्रियंका गाँधी 13 मई को दौरे पर आ रही है. वे रतलाम में एक जनसभा को सम्बोधित करके इन्दौर में कांग्रेस प्रत्याशी के लिए रोड शो करेगी. प्रियंका गाँधी दोपहर साढ़े 12 बजे इंदौर आएंगी और यहां से बाबा महाकाल के दर्शन को उज्जैन जाएंगी. इसके बाद रतलाम में जनसभा को संबोधित करने के बाद शाम को इंदौर आएंगी. जहां 4.30 से 6.30 बजे तक रोड शो करेंगी. शहर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के अनुसार प्रियंका गांधी का कार्यक्रम तय हो गया है. उनका रोड शो जवाहर मार्ग से शुरु होकर राज मोहल्ला से होते हुए संजय सेतू पहुंचेंगा. दो घंटे तक रोड शो करने के बाद वे रात 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी. वही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मालवा-निमाड़ के दौरे में आने वाले है. वे यहां एक के बाद एक तीन सभाएं धार के अमझेरा वे खरगोन के नवग्रह मेला तथा शाजापुर जिले के शुजालपुर में सम्बोधित करेगें.

इंदौर । पूर्व कांग्रेसी विधायक के भांजे की गाड़ी का चालान बनाने और कार्यवाही के दौरान किसी दबाव में नहीं आने के वायरल हुए वीडियो के बाद चर्चा में आए यातायात विभाग के एएसआई अरुण सिंह को पुनः राजवाड़ा क्षेत्र में ही पदस्थ कर दिया गया है । 17 वर्ष सेना में सेवा देने के बाद पुलिस सेवा में आए अरुण सिंह ने कहा कि मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे उसी स्थान पर भेजा गया जहां यह विवाद हुआ था। अरुण सिंह ने कहा कि अब मेरी कोशिश है कि मैं अच्छा काम करूं। उन्होंने कहा कि मैं पूरी कार्यवाही से पूरी तरह से संतुष्ट हूं क्योंकि यह विभागीय प्रक्रिया है मुझे थकान और तनाव दूर करने के लिए ईडीआरपी लाइन भेजा गया था। मुझे लाइन अटैच नहीं किया गया। अरुण सिंह ने कहा कि वह अपनी कार्यप्रणाली नहीं बदल सकते हैं पहले जैसी कार्यवाही करने में कभी भी पीछे नहीं हटेंगे उस घटना को लेकर अरुण सिंह ने कहा इसे सौभाग्य समझे या दुर्भाग्य परंतु बड़ी संख्या में लोगों ने मुझे शाबाशी दी। अरुण सिंह ने कहा कि मैं एक छोटा कर्मचारी हूं लेकिन कोई प्रभाव दिखाएगा तो मैं कार्यवाही करने में पीछे नहीं हटूंगा मेरा नजरिया नहीं बदल सकता है।