palpal

palpal

Email: यह ईमेल पता spambots से संरक्षित किया जा रहा है. आप जावास्क्रिप्ट यह देखने के सक्षम होना चाहिए.

गुरुभाई ठक्कर जो परफेक्ट वीमेन प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं ,इन्होने कंट्री क्लब के साथ मिलकर पहला परफेक्ट चैंप्स ऑफ़ इंडिया का आयोजन किया मुंबई में। इस चैम्प में पाँच साल से १२ साल के बच्चों ने हिस्सा लिया था। १६ बच्चों ने इस इवेंट में वॉक किया। टाइटल विनर - अनिका नंदी - ८ साल प्रबुद्ध हिवाले - ५ साल। फर्स्ट रनर अप आतिफ़ शेख - ७ साल अरीबा ख़ान - ६ साल सेकंड रनर अप जियाना बंगा - ६ साल महश्रा शाह - ६ साल आर्या तिवारी - ९ साल आगनय मनु - १२ साल गुरुभाई ठक्कर हर बच्चे को एक ऐसा प्लेटफार्म देना चाहते हैं जिसके कारण वो बड़ा होकर अपने प्रतिभा का सही इस्तेमाल कर सके और अपने पैरों पर खड़ा सके। बाल कलाकार आर्यव्रत मिश्रा ने बच्चों को डांस दिखाया और अपने सीरियल के बारे में बताया। साउथ एक्ट्रेस तनीषा सिंह , निर्देशक हामिद अली , फ़िज़ा ख़ान मॉडल , पारुल भटनागर, गीता श्रीधर ,जिनांश देढिया ने जज किया शो को। उदय राजवीर शो के एंकर थे। मोना गायकवाड़ और कौमुधा अचारी ने बच्चों की स्टाइलिंग की वहीँ लैक्मे अकाडेमी ने सारे बच्चों का मेक अप किया।

अजमेर (कलसी) : पवित्र रमज़ान माह की शुरुआत सोमवार सायं चांद दिखाई देने की घोषणा के साथ ही हो गई। सूफी संत वाजा साहब की दरगाह सहित जिले भर की मस्जिदों में विशेष तराबी की नमाज अदा की गई। तराबी की नमाज एक माह तक अदा की जाएगी। इसी के साथ मंगलवार को मुस्लिम परिवारों में रोजा रखा गया।
मुस्लिम कलैंडर के अनुसार वर्ष में एक माह रमजान का आता है, जिसमें अल्लाह के लिए विशेष इबादत की जाती है तथा पूरे माह में मुस्लिम धर्म के मानने वाले रोजा रखते हैं। साथ ही मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाती है। सोमवार सायं शहर काजी तौसिफ अहमद सिद्दीकी ने चांद दिखाई देने की घोषणा की। इसी के साथ बड़े पीर की पहाडिय़ों से तोप के गोले दागे गए। वाजा साहब की दरगाह में शादियाने बजाये गए। इदारा दावत उल हक संस्था के प्रमुख मौलाना अयूब कासमी ने बताया कि जिले भर में रमजान माह  की शुरुआत चांद दिखाई देने की घोषणा के साथ ही हो गई। उन्होंने बताया कि पवित्र कुरान शरीफ रमजान माह में तराबी की नमाज में मुक मल किया जाता है। इस नमाज की बड़ी बरकतें रहती है। सोमवार देर रात्रि रोजा रखने के लिए सहरी का परिवारों में आयोजन किया गया। यह सिलसिला पूरे माह तक चलेगा। मंगलवार सायं 7.20 बजे रोजा इ तार किया जाएगा। मस्जिदों में रोजेदारों के लिए इफ्तार की व्यवस्था रहेगी। 

अजमेर,( कलसी): गुर्जर समाज की संस्था अखिल भारतीय वीर गुर्जर समाज सुधार समिति के सदस्यों ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर समाज के एक परिवार द्वारा आयोजित होने वाली बावनी के खिलाफ रोष जताया है। जिला कलेक्टर को दी गई शिकायत में समिति के अध्यक्ष हरचंद ने बताया कि सामाजिक स्तर पर जागरूकता लाने और समाज में व्याप्त रूढि़वादिता को दूर करने के लिए समाज ने सामूहिक निर्णय कर बावनी जैसे आयोजनों पर रोक लगा दी है, लेकिन अभी भी कुछ लोग ऐसे आयोजनों के माध्यम से पंच पटेलों द्वारा लिए गए निर्णयों को चुनौती देते है और इनकी आड़ में बाल विवाह जैसे आयोजनों को किया जाता है। हरचंद ने बताया कि ग्राम पंचायत भूडोल पंचायत समिति श्रीनगर में एक परिवार द्वारा 8 मई को मृत्यु भोज का कार्यक्रम किए जाने की सूचना मिली है। 

अजमेर ( कलसी) : लाईंग बर्ड सोसायटी ने शास्त्री नगर स्थित राजकीय बालिका विद्यालय में मुलभुत सुविधाएं उपलब्ध कराई। सोसायटी के अध्यक्ष अम्बिका हेड़ा ने बताया कि विद्यालय में फर्नीचर उपलब्ध कराया गया और दीवारें सजाने के साथ ही प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई गई। स्कूल में दरी, टेबल व कुर्सियां भेंट की गई। स्कूल में चित्रकला, नृत्य व गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन विजया बाकलीवाल ने किया। इस मौके पर पूर्णिमा मालू, अंजु सोनी, दीपा हेड़ा, अंजू जाजू, शर्मिला झंवर, आशा राठी, नेहा अरोड़ा व सोनू लखोटिया आदि मौजूद रही। 

अजमेर,( कलसी ):भारतीय रेडक्रॉस समिति एवं सेंटजोन ए बुलेंस एसोसियशन जिला शाखा अजमेर की त्रैमासिक बैठक सोमवार को संस्था के चेयरमैन प्रो. रासासिंह रावत की अध्यक्षता में स पन्न हुई। 
संस्था के सचिव कर्नल केडी उपाध्याय ने बैठक में हुई कार्यवाही को पढ़कर सुनाया, जिसे कार्यकारिणी ने अपनी स्वीकृति प्रदान की । सचिव जीवन सिंह ने रेडक्रॉस की वार्षिक रिपोर्ट गरिमा 96 के प्रकाशन पर विचार विमर्श हुआ। सिंह ने बताया कि विद्यालयों का नवीन शिक्षण सत्र प्रार भ हो चुका है इसलिये अजमेर शहर के समस्त विद्यालयों में जूनियर रेडक्रॉस की स्थापना एवं सुचारू संचालन के बारे में सदस्यों को अवगत कराया। सिंह ने रेडक्रॉस की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। 
कोषाध्यक्ष कृपालसिंह तोमर ने वित्तीय वर्ष 2018-19 का आतरिक अंकेक्षण प्रस्तुत किया जिसमें आय-व्यय को सभा ने सदस्यों द्वारा स्वीकृत किया। रेडक्रॉस द्वारा संचालित ए बुलेंस सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिये एक कमेटी का गठन किया जिसमें सोमरत्न आर्य, कृपालसिंह तोमर, हरिनारायण सोमानी, धन्नालाल शर्मा, कर्नल केडी उपाध्याय एवं जीवनसिंह चौहान को नियुक्त किया है जो रिपोर्ट चेयरमैन को एक सप्ताह में प्रस्तुत करेगी। संयुक्त सचिव सोमरत्न आर्य ने रेडक्रॉस भवन में पृथक से फिजियोंथिरेपी का शीघ्र संचालन हेतु प्रस्ताव रखा जिसे कार्यकारिणी ने मंजूरी देते हुए चेयरमैन प्रो.रासासिंह रावत ने शीघ्र कार्य प्रार भ के निर्देश दिए। 
चेयरमैन प्रो.रासासिंह रावत ने नगर निगम में ल िबत रेडक्रॉस भूमि स बन्धी लीज डीड प्रकरण पर अब तक की हुई कार्यवाही से सभा को अवगत कराया। सभा में सत्यपाल पिलानिया, ओपी तामरा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभा का संचालन कर्नल केडी उपाध्याय ने किया

अजमेर,(कलसी): इंडियन चेस्ट सोसायटी राजस्थान चैप्टर द्वारा जयपुर रोड स्थित होटल क्रॉस लेन में आयोजित सेमीनार का समापन सोमवार को हुआ। सेमीनार में निद्रा व निद्रा संबंधी श्वास रोगों पर विशेषज्ञ द्वारा चर्चा की गई। 
सेमीनार के संयोजक सचिव चेस्ट फॉरम पल्मनोलॉजिस्ट डॉ प्रमोद दाधीच ने बताया कि सेमीनार डॉ नवेंदु गौड ने स्लीप एवं हैल्थ विषय पर विस्तार से चर्चा की। इस सत्र की अध्यक्षता जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ एस के अरोड़ा ने की। सेमीनार को संबोधित करते हुए मनोरोग विशेषज्ञ डॉ नवेंदु गौड ने कहा कि अनिद्रा न सिर्फ स्वयं एक गंभीर रोग है अपितु यह अन्य गंभीर बीमारियों का कारक व परिचायक भी है। नींद तनावमुक्त जीवन का प्रमुख आधार है।  पर्याप्त नींद नहीं करने के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक, व आर्थिक रूप में दुष्परिणाम सामने आते हैं।
मित्तल हॉस्पिटल के पल्मनोलॉजिस्ट डॉ प्रमोद दाधीच ने स्लीप एपनिया पर व्या यान देते हुए बताया कि 70 प्रतिशत लकवा व हार्ट अटैक स्लीप एपनिया की वजह से होते है। ब्लड प्रेशर हाई होना, अनियमित धड़कन, ब्लड शुगर भी स्लीप एपनिया की वजह से होता है। 33 प्रतिशत आकस्मिक मृत्यु की वजह स्लीप एपनिया ही है। उन्होंने बताया कि मोटापा, गर्दन का मोटा होना, चेहरे का अत्यधिक लंबा होना, नींद में खर्राटे आना, चिड़चिड़ापन, अत्यधिक पेशाब आना, गला सूखना व प्यास लगना, स्लीप एपनिया के प्रमुख लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि 30 की उम्र के बाद 33 प्रतिशत लोगों में खर्राटे आते हैं। उनमें महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक होते हैं। 
इस सत्र की अध्यक्षता जेएलएन मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के श्वास रोग विशेषज्ञ वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ नीरज गुप्ता ने की। जयपुर के पल्मनोलॉजिस्ट डॉ रजनीश शर्मा पीएसजी इंटरप्रिटेशन एंड लिमिटेशन विषय पर विचार रखते हुए कहा कि बीमारी का निदान शुरूआती स्टेज पर होने से गंभीर बीमारियों को होने से रोका जा सकता है। दिल्ली के स्लीप क्लिनिकल हैड डॉ सुशांत खुराणा ने मैनेजमेंट ऑफ ओएसए विषय पर व्या यान देते हुए कहा कि बीमारियों के निदान के बाद इलाज में टीम वर्क की जरूरत होती है। जिसमें वजन पर नियंत्रण, योगा प्रणायाम, दवाइयां, व सीपेप मशीन का उपयोग, बीमारियों को काबू में रखना है। इस सत्र की अध्यक्षता जेएलएन हॉस्पिटल के डॉ रमाकांत दीक्षित ने की।
डॉ प्रमोद दाधीच ने बताया कि सेमीनार का उद्देश्य चिकित्सकों को नींद व स्वास्थ्य में संबंध, खर्राटे व स्लीप एपनिया जैसे रोगों के बारे में जागरूक करना था क्यों कि एक जागरूक चिकित्सक रोग की पहचान शुरुआती स्टेज पर करले तो मरीज लाभांवित होता है। उन्होंने बताया कि स्लीप एपनिया एक जानलेवा रोग है जो कि प्रति 100 में से  2 से 4 प्रतिशत लोगों को होती है। मोटे लोगों में 20 से 40 प्रतिशत तक हो सकती है।