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अजमेर,(कलसी): यूं तो अजमेर शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन इस स्मार्ट सिटी में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दर्जनों जर्जर भवन आम लोगों की जान के लिए जोखिम बने हुए हैं। अजमेर नगर निगम प्रशासन व जिला प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं देते हुए मूक दर्शन बना हुआ है या किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। ज्ञात हो कि बरसात के दिनों में इन जर्जर भवनों के गिरने का अंदेश बना रहता है। निगम प्रशासन सिर्फ बरसात के शुरू होने से पहले इन भवन मालिकों को नोटिस देकर इतिश्री कर लेता है या बरसात में जब कभी कोई भवन गिरता है तो उस भवन मालिक के खिलाफ दिखावी कार्यवाही कर अपना पल्ला झाड़ लेता है। 

स्मार्ट सिटी अजमेर शहर के हर वार्ड में एक न एक जर्जर भवनों देखने को मिल ही जाएगा जो एक समस्या बना हुआ है। वहीं शहर के नला बाजार, दरगाह बाजार, पुरानी मंडी, अजमेरी दड़ा, लाखन कोटड़ी, खजाना गली, दर्जी मोहल्ला, आशागंज, डिग्गी बाजार, ऊसरीगेट, केसरगंज, आदर्श नगर आदि क्षेत्रों में पुराने व जर्जर भवनों कभी भी हादसों का न्यौता दे सकते हैं। ज्यादातर भवन पुराने बने हुए है तथा इनमें मकान मालिक व किराएदार के बीच कोई न कोई विवाद की स्थिति में है, जिसके चलते भवन मालिक इनकी मर मत नहीं करवाते जिससे भवन काफी जर्जर होते चलते जाते हैं। भवन मालिक अपने मकान की मर मत नहीं करा रहे हैं और भवन में निवास करने वाले किराएदारों को भी मर मत नहीं करने देते। शहर के कई जर्जर ओर पुराना भवन मालिकों के विवाद न्यायालय चल रहे है या अधिकांश विचाराधीन चल रहे है। शहर के कई जर्जर भवनों को नगर निगम जमींदोज कराना चाहता है, परंतु निगम प्रशासन भी शिकायतें मिलने पर भवनों को तकनीकी अधिकारियों से मौका निरीक्षण करवा कर जर्जर बताते हुए भवन मालिक व किराएदारों को नोटिस दे देता है। निगम के नोटिस के साथ ही किराएदार व मकान मालिक अपने-अपने स्तर से मकान को गिरवाने और उसकी मर मत करवाने की कोशिशों में लग जाते है तथा कई मामलों में न्यायालय का भी दखल करवाने का प्रयास किया जाता है। इसी रवैये के चलते नगर निगम में जर्जर भवनों की फहरिस्त काफी ल बी है। जैसे ही वर्षा ऋतु खत्म होती है निगम के अधिकारी भी इन मामलों की फाइल को बंद कर देते हैं ओर खामोश बैठ जाते है। जुलाई माह में मानसून आने की संभावना रहती है, लेकिन जर्जर भवन हमेशा आने-जाने वाले लोगों के लिए खतरा बना रहता है। ज्ञात हो कि पूर्व में जर्जर भवन गिरने की घटनाएं घटित हो चुकी है। 

पुलिस के कुछ आवासीय क्वार्टर भी जर्जर:

पुलिस प्रशासन द्वारा अपने कर्मचारियों को आवासीय क्वाटर कई इलाकों में बना कर सुविधा दे रखी है। परंतु कुछ क्वाटर्स काफी पुराने और देखभाल के अभाव में जर्जर हो चुके हैं और गिरने की स्थिति में है, जो काभी बड़ा हादसे में तब्दील हो सकता है। अलवरगेट थाने के नजदीक बने पुलिस के क्वाटर इस सच्चाई को बयां कर रहे हैं। इन क्वाटरों में रहने वाले पुलिसकर्मी मजबूरी वश अपना जीवन-यापन गुजार रहे है। पुलिस प्रशासन इन क्वाटरों की मर मत के लिए कोई बजट आवंटित नहीं करता तथा इसमें रहने वाले पुलिसकर्मी भी अपनी ओर से इसमें कोई खर्च नहीं करते। इसी के चलते ये क्वाटर्स इतने जर्जर हो गए है कि कभी भी गिर सकते है। 

वक्फ बोर्ड की कुछ स त्तियां भी जर्जर अवस्था में:

राजस्थान वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी भी जर्जर संपत्तियों की सुध नहीं लेता,जिसके कारण यह संपत्तियां जर्जर होती जा रही है। स्थानीय प्रशासन कई मामलों में मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी कर चुका है लेकिन कमेटी द्वारा किसी भी जर्जर संपत्ति संभाला नहीं जा रहा है। मस्जिद कमेटी संपत्तियों की तो हालत इतनी ज्यादा खराब है कि जिन इलकों में यह स पत्तियां है वहां के स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर बल्लियां व अन्य जुगाड़ कर छतों व दीवारों को गिरने से रोक रखा है। ये संपत्तियां भी घनी आबादी में बनी हुई है। 

अजमेर,(कलसी): केसरगंज स्थित आर्यसमाज के तत्वावधान में सत्संग भवन में रविवारीय साप्ताहिक सत्संग प्रात: 8 बजे आचार्य अमर सिंह शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ व ब्रह्मयज्ञ से आर भ हुआ। उप प्रधान सोमरत्न आर्य के अनुसार यजमान के रूप में प्रो. रासासिंह, चन्दराम आर्य,लालचन्द आर्य एवं प्रभा शास्त्री मौजूद रहे। वेदिक विद्वान  मदन सिंह चौहान ने अपने प्रवचन में बताया कि सभी आश्रमों में गृहस्थ आश्रम ही श्रेष्ठ हैं  क्योंकि सभी अन्य आश्रमी लोग गृहस्थ का ही सहारा लेते है। हमें चितंन मनन करना चाहिए। हम दूसरों की बुराईयां खोजते रहते है परन्तु हमारे अन्दर ही बहुत सी बुराईयां मौजूद है। हमें परस्पर प्रेम पूर्वक व्यवहार करना चाहिए। ईश वंदना आचार्य अमर सिंह शास्त्री, पुष्पा क्षेत्रपाल व सत्यार्थ प्रकाश कथा का वाचन डॉ राधेश्याम शास्त्री ने किया। सत्संग कार्यक्रम का संचालन समाज के मंत्री चन्दराम आर्य ने किया। 

अजमेर,(कलसी): नला बाजार मून्दडी मोहल्ला स्थित आर्य समाज संस्था द्वारा रविवार को हवन यज्ञ आयोजित किया गया। इस अवसर पर अहमदाबाद के वैदिक विद्वान कृष्ण कान्त आर्य ने सत्संग प्रवचन दिए। 
धर्मसभा को संबोधित करते हुए कृष्णकांत आर्य ने कहा कि हमें जीवन में खरबूजे के समान होना चाहिए जो बाहर से कटा हुआ और अलग-अलग होने के बावजूद अन्दर से एक रहता है, तभी हमें जीवन में सफलता मिलेगी। पंडित जागेश्वर निर्मल ने हवन यज्ञ स पन्न करवाया। उन्होंने कहा कि जीवन में परमात्मा से साक्षात्कार के पश्चात ही मोक्ष को पाया जा सकता है। हवन यज्ञ में प्रधाना चन्द्रा देवनानी, उपप्रधान चतुर मूलचन्दानी, नानक गजवानी, रमेश लालवानी, पुष्पा छतवानी, निर्मला हून्दलानी, चेतन मंगलानी, किशन प्यारी अग्रवाल, हेमराज, प्रीती शर्मा आदि ने हवन यज्ञत में आहूतियां दी। हवन यज्ञ का समापन शांति पाठ के साथ स पन्न हुआ। 

अजमेर,(कलसी): व्यापारिक एसोसिएशन गंज एवं पूज्य सिन्धी पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में प्राचीन सिन्धी मन्दिर में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। व्यापारिक एसोसिएशन गंज के महासचिव गोविन्द लालवानी ने बताया कि इस अवसर पर हो योपैथिक चिकित्सा की डाक्टर लवीना नावानी द्वारा 58 रोगियों का नि:शुल्क उपचार कर उन्हें दवाएं भी नि:शुल्क प्रदान की गई। इस अवसर पर पूज्य सिन्धी पंचायत के अध्यक्ष पूर्व पार्षद भागचन्द दौलतानी, उपाध्यक्ष भगवानदास भागचन्दानी, रमेश लालवानी, टीकम रूपानी, मुनीमचन्द टेकचन्दानी, राधकिशन, कालूराम दौलतानी, पंडित दामोदर लाल दाधीच आदि ने सेवाएं प्रदान की।

अजमेर। शनिवार को पुष्कर बाईपास स्थित संस्कृति दी स्कूल, अजमेर में मेरा गांव - मेरी पहल के तहत कायड़ जोन की 7 ग्राम पंचायतों के 175 युवाओं को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सड़क सुरक्षा एडवोकेसी योजना के अन्तर्गत ऑल इण्डि़या फेडरेशन ऑफ मोटर व्हीकल डिपार्टमेन्ट द्वारा हिन्दुस्तान जिंक लि. एवं राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के सहयोग से आयोजित हेलमेट सड़क सुरक्षा अग्रदूतो की कार्यशाला में शक्ति सिंह शेखावत, अपर जिला न्यायधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अजमेर ने सड़क सुरक्षा क्षेत्र में हेलमेट एडवोकेसी के साथ ग्राम पंचायतो के युवा कार्यकर्ताओ को शिक्षित, जागरूक, प्रोत्साहन एवं अनिवार्यता के साथ सडक सुरक्षा अग्रदूत के रूप मे प्रशिक्षण उपरान्त हेलमेट देनें से पूर्व उन्हे शपथ दिलायी गई। शेखावत ने कहा कि सडक सुरक्षा क्षेत्र का यह देश का पहला ऐसा नवाचार है जो दो पहिया वाहनों के साथ अन्य वाहनों की सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में कारगर सिद्ध होगा जिसमे आयोजक देवदूत की भूमिका एवं प्रतिभागी सड़क सुरक्षा अग्रदूत के रूप में समर्पित रूप से कार्य करेगंें तो अजमेर जिला सड़क दुर्घटनाओं मे तेजी से कमी लाने वाला जिला होगा उन्होने यह भी कहा कि इससे सम्बधिंत सभी विभागों यथा पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य एनजीओं/कॉर्पोरेट को आगे आकर इस हेलमेट एडवोकेसी अभियान को व्यापक स्तर पर ले जाना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूरी टीम इस मिशन को आगे बढाने मे पूरा सहयोग करेगी। शेखावत राजस्थान सड़क सुरक्षा एवं जागृति मिशन के संस्थापक डॉ. वीरेन्द्र सिंह राठौड़ के बारे में बताते हुए कहा की उनके समर्पण भाव से यह कार्य करने के फलस्वरूप हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड़, आल इण्डि़या फैडरेशन, राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी, स्टील बर्ड आदि एक प्लेटफार्म पर आकर किसी ने किसी रूप में भागीदारी निभा कर इसे सफल बना रहे हैं। प्रशिक्षण के उपरान्त शपथ के बाद मामूली राशि में ब्रांडेड हेलमेट प्राप्त कर दूत बनाना ही इस अभियान की खासियत हैं। उन्होने इसे अपने जीवन में अंगीकार करने का अग्रदूतो से आग्रह किया। डा.ॅ वीरेन्द्र सिंह राठौड,़ सड़क सुरक्षा तकनीकी सलाहकार, भारत सरकार एवं परियोजना प्रमुख राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागृति मिशन ने प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में सडक सुरक्षा अग्रदूतों के कार्य/उद्देश्यों के साथ सडक के नियम/विनियमों को उदाहरण के साथ विस्तार से बताया। हेलमेट लगाने, दुर्घटना की स्थिति में निकालने एवं दो पहिया वाहनो के सुरक्षा उपकरणो, देखरेख, मरम्मत आदि के साथ सड़क सुरक्षा के सभी मानको के बारे में स्थानीय भाषा मे विस्तार से प्रशिक्षण दिया। ड़ॉ राठौड़ ने बताया की इस मिशन के तहत अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिलो को सभी हितधारको के सहयोग से हेलमेट युक्त जिला बनाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया है आज सहित अबतक 1500 सडक सुरक्षा अग्रदूतों को प्रशिक्षण उपरान्त शपथ दिलायी जा चुकी है। स्टील बर्ड कम्पनी से प्रशिक्षण उपरान्त आधी कीमत में हेलमेट देने का राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी द्वारा किया गया एम.ओ.यू. इस दिशा में कारगर सिद्ध होगा। सड़क सुरक्षा को एक ज्वलन्त मुद्दा बताते हुए गांवों मे पिछले 5 वर्षो से चलाये जा रहे राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागृति मिशन के तहत गठित सड़क सुरक्षा युवा समिति के 175 से अधिक सदस्यों को ‘‘मेरा गांव - मेरी पहल‘‘ के तहत स्वयं की सुरक्षा के साथ दूसरों की सुरक्षा के लिए सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनकर कार्य करने का आव्हान किया उन्होने बताया की देश में 73 प्रतिशत से अधिक 2 पहिया वाहन है कुल सड़क दुर्घटनाआंे का 34 प्रतिशत हिस्सा 2 पहिया वाहनों का है सही आई.एस.आई 4151 मानक का हेलमेट सही तरीके से पहनकर ही 2 पहिया वाहन चलाना चाहिए बल्कि दूसरो को भी प्रेरित करना चाहिए। मुझे विश्वास हैं कि सभी युवा सड़क सुरक्षा अग्रदूत जिन्होने आज यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर हेलमेट प्राप्त किया सभी सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर सिद्ध हांेगे। अजमेर जिले मे वर्ष 2018 में 2017 की तुलना में 12.13 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाआंे से होने वाली मौतो में कमी हुई है। भारत में वर्ष 2017 में हेलमेट न पहनने से 48746 लोगो की मौत हूई वहीं राजस्थान में इसी वर्ष 2850 लोगो की मौत हुई लेकिन वर्ष 2018 में जागरूकता के कारण 1563 लोगो की हेलमेट न पहनने से मौत हुई। अजमेर में वर्ष 2018 में दो पहिया वाहनों के द्वारा 276 कुल दुर्घटनाएं हुई जिसमें मृतकों की कुल संख्या 165 एवं घायलो की कुल संख्या 264 हैं तथा इनमें से 96 मृतको की मौत का व 166 घायलो के घायल होने का मुख्य कारण हेलमेट नहीं पहनकर दोपहिया वाहन ड्राइव करना रहा हैं। धर्मवीर सिंह जानू, पुलिस उपअधीक्षक (यातायात) ने दो पहिया वाहनों के सवारी एवं चालक दोनो को अक्टूबर 2015 से आईएसआई मार्ग का हेलमेट पहनना अनिवार्य है। अधिकांश लोगों में अभी भी शिक्षा एवं जागरूकता के अभाव, उच्च कीमत एवं व्यापक प्रर्वतन के अभाव, उच्च कीमत एवं व्यापक प्रर्वतन के अभाव में स्वतः पहनने की स्वीकृति नहीं हैं यदि साथ मे है तो लगायेगें नहीं लगायेंगे तो ढंग से नही पहनेगें। ब्राडेंड हेलमेट के बजाय सब स्टेण्डर्ड हेलमेट पहनने की प्रवृति नहीं है। यह सभी सड़क सुरक्षा अग्रदूत यातायात पुलिस के साथ सड़क मित्र बनकर कार्य करेंगंे तो निश्चित हेै यह क्षेत्र सुरक्षित क्षेत्र बनेगा। ऑल इण्डि़या फैडरेशन, हिन्दुस्तान जिंक, राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के इस अभियान में टोल वालों के साथ मिलकर लेन ड्राइविंग एवं स्पीड कंट्रोल में सहयोग लेकर अभियान लेकर अभियान चलायेगे। राजीव शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अजमेर ने शिक्षा एवं जागरूकता के साथ - साथ प्रभावी प्रवर्तन कार्य को इसमें कारगर होना बताया साथ ही कहा की जब आधी कीमत में राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी स्टील बर्ड का हेलमेट देने को तैयार है तो पुलिस एण्ड़ परिवहन विभाग भी इस अभियान में जुडकर इसे सफल बनायेगंे तथा बिना लाइसेंस वाले सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को परिवहन विभाग से लाइसेंस बनाने मे पूरा सहयोग कर उन्हे और प्रशिक्षित किया जायेगा। जो परिवहन मित्र के रूप में कार्य करेगें। मोटर वाहन निरीक्षक जाकिर हुसैन प्रतिनिधि ऑल इण्डि़या फैडरेशन ऑफ मोटर व्हीकल डिपार्टमेन्ट ने ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की समिति बनाकर उन्हे प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर स्वयं के साथ दूसरों के लिए कार्य करने की इस पहल को अनुकरणीय बताया तथा राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी एवं स्टीलबर्ड कम्पनी के साथ अजमेर जिले को हेलमेट युक्त जिला बनाने के लिए 50 प्रतिशत राशि में ब्रांडेड हेलमेट व प्रशिक्षण उपरान्त शपथ के साथ देने के एम.ओ.यू को अजमेर जिले के लिए टूव्हीलर सेफ्टी के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। अब तक 53 ग्राम पंचायतों में 1325 सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनाये जा चुके हैं जो आदर्श वाहन चालक के रूप में पालना करेगें। बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करेंगंे। एन.एच. 8 गेगल टोल के मार्ग प्रबन्धक कमल सिंह तवंर नें राष्ट्रीय राजमार्ग के 90 किलोमीटर हाईवे पर सड़क उपयोगकर्Ÿााओं के मर्जिग, डाईवर्जिंग व लेन ड्राईविंग के बारे में बताया तथा सड़क सुरक्षा अग्रदूतो से आग्रह किया की वह लेन ड्राइविंग, स्पीड़ कंट्रोल, टू व्हीलर सेफ्टी, आदि के बारे में इस मिशन से जुडे टोल प्रबन्धन की ओर से इस मिशन में सहयोग देने का भी आश्वासन दिया। महेश माथुर, नम्रा याशा सीएसआर अधिकारी एवं सुरेश सोनी एचआर हेड, हिन्दूस्तान जिंक लिमिटेड, कायड ने कायड क्षेत्र की ग्राम पंचायतो जिसमें घूघरा, कायड, माकड़वाली, चाचियावास, गगवाना, लोहागल, गेगल के मिशन से जुडे 25 - 25 सड़क सुरक्षा युवा समिति सदस्यों को हेलमेट की आवश्यकता एवं उपयोगिता तथा दोपहिया वाहनों की सुरक्षा हेतु सड़क सुरक्षा पर अपने पूर्व में दिये गये हेलमेटों के अनुभव साझा किए तथा उन्होने कहा की हेलमेट का कोई मूल्य नहीं है यह तो अमूल्य है जो किसी का जीवन बचाने के लिए कारगर साबित हो सकता हैं सीएसआर के की जा रही अन्यगतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। ऋतु चौहान, सचिव राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी ने अजमेर जिले को हेलमेट युक्त बनाने के लिए सभी के सहयोग का आव्हान किया ऋतु चौहान ने सभी 175 सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को कार्यक्रम में दी गई सामग्री का सदुपयोग करते हुए जिम्मेदारी से कार्य करने हेतु आग्रह किया। स्टील बर्ड के प्रतिनिधि राजेन्द्र सिंह ने एम- 16 हेलमेट की विशेषताएँ बताई तथा बताया कि इसपर दो लोगो एवं रिफ्लेक्टिव टेप तथा सड़क सुरक्षा अग्रदूत लिखा गया हैं। आज जो हेलमेट युवाओ को दिया गया उसकी एमआरपी 1099 रूपये है उसमें 50 प्रतिशत छूट के साथ ऑल इण्डि़या फेडरेशन एवं हिन्दुस्तान जिंक से मामूली राशि सड़क सुरक्षा अग्रदूतांे से प्राप्त की। कर्नल ए.के.त्यागी, प्रिंसिपल संस्कृति दी स्कूल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए फौजी का अनुभव शेयर करते हुए सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को वाहन चलाने से पूर्व एवं बाद में रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के स्थानीय प्रशिक्षक विरेन्द्र सिंह जगमालोत के साथ - साथ चिŸाौडगढ़, भीलवाडा, उदयपुऱ, राजसंमद के प्रशिक्षक और मोबाइल वैन टीम, स्थानीय सीएसआर टीम और संस्कृति स्कूल के प्रबन्धन आदि ने कार्यशाला में पूरा सहयोग प्रदान किया जिनका आभार व्यक्त किया गया। सभी सड़क सुरक्षा अग्रदूतों में सडक सुरक्षा पर आदर्श वाहन चालक के रूप में कार्य करने का उत्साह देखा गया।

अजमेर। शनिवार को पुष्कर बाईपास स्थित संस्कृति दी स्कूल, अजमेर में मेरा गांव - मेरी पहल के तहत कायड़ जोन की 7 ग्राम पंचायतों के 175 युवाओं को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सड़क सुरक्षा एडवोकेसी योजना के अन्तर्गत ऑल इण्डि़या फेडरेशन ऑफ मोटर व्हीकल डिपार्टमेन्ट द्वारा हिन्दुस्तान जिंक लि. एवं राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के सहयोग से आयोजित हेलमेट सड़क सुरक्षा अग्रदूतो की कार्यशाला में शक्ति सिंह शेखावत, अपर जिला न्यायधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अजमेर ने सड़क सुरक्षा क्षेत्र में हेलमेट एडवोकेसी के साथ ग्राम पंचायतो के युवा कार्यकर्ताओ को शिक्षित, जागरूक, प्रोत्साहन एवं अनिवार्यता के साथ सडक सुरक्षा अग्रदूत के रूप मे प्रशिक्षण उपरान्त हेलमेट देनें से पूर्व उन्हे शपथ दिलायी गई। शेखावत ने कहा कि सडक सुरक्षा क्षेत्र का यह देश का पहला ऐसा नवाचार है जो दो पहिया वाहनों के साथ अन्य वाहनों की सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में कारगर सिद्ध होगा जिसमे आयोजक देवदूत की भूमिका एवं प्रतिभागी सड़क सुरक्षा अग्रदूत के रूप में समर्पित रूप से कार्य करेगंें तो अजमेर जिला सड़क दुर्घटनाओं मे तेजी से कमी लाने वाला जिला होगा उन्होने यह भी कहा कि इससे सम्बधिंत सभी विभागों यथा पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य एनजीओं/कॉर्पोरेट को आगे आकर इस हेलमेट एडवोकेसी अभियान को व्यापक स्तर पर ले जाना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूरी टीम इस मिशन को आगे बढाने मे पूरा सहयोग करेगी। शेखावत राजस्थान सड़क सुरक्षा एवं जागृति मिशन के संस्थापक डॉ. वीरेन्द्र सिंह राठौड़ के बारे में बताते हुए कहा की उनके समर्पण भाव से यह कार्य करने के फलस्वरूप हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड़, आल इण्डि़या फैडरेशन, राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी, स्टील बर्ड आदि एक प्लेटफार्म पर आकर किसी ने किसी रूप में भागीदारी निभा कर इसे सफल बना रहे हैं। प्रशिक्षण के उपरान्त शपथ के बाद मामूली राशि में ब्रांडेड हेलमेट प्राप्त कर दूत बनाना ही इस अभियान की खासियत हैं। उन्होने इसे अपने जीवन में अंगीकार करने का अग्रदूतो से आग्रह किया। डा.ॅ वीरेन्द्र सिंह राठौड,़ सड़क सुरक्षा तकनीकी सलाहकार, भारत सरकार एवं परियोजना प्रमुख राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागृति मिशन ने प्रमुख प्रशिक्षक के रूप में सडक सुरक्षा अग्रदूतों के कार्य/उद्देश्यों के साथ सडक के नियम/विनियमों को उदाहरण के साथ विस्तार से बताया। हेलमेट लगाने, दुर्घटना की स्थिति में निकालने एवं दो पहिया वाहनो के सुरक्षा उपकरणो, देखरेख, मरम्मत आदि के साथ सड़क सुरक्षा के सभी मानको के बारे में स्थानीय भाषा मे विस्तार से प्रशिक्षण दिया। ड़ॉ राठौड़ ने बताया की इस मिशन के तहत अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिलो को सभी हितधारको के सहयोग से हेलमेट युक्त जिला बनाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया है आज सहित अबतक 1500 सडक सुरक्षा अग्रदूतों को प्रशिक्षण उपरान्त शपथ दिलायी जा चुकी है। स्टील बर्ड कम्पनी से प्रशिक्षण उपरान्त आधी कीमत में हेलमेट देने का राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी द्वारा किया गया एम.ओ.यू. इस दिशा में कारगर सिद्ध होगा। सड़क सुरक्षा को एक ज्वलन्त मुद्दा बताते हुए गांवों मे पिछले 5 वर्षो से चलाये जा रहे राजस्थान सड़क सुरक्षा शिक्षा एवं जागृति मिशन के तहत गठित सड़क सुरक्षा युवा समिति के 175 से अधिक सदस्यों को ‘‘मेरा गांव - मेरी पहल‘‘ के तहत स्वयं की सुरक्षा के साथ दूसरों की सुरक्षा के लिए सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनकर कार्य करने का आव्हान किया उन्होने बताया की देश में 73 प्रतिशत से अधिक 2 पहिया वाहन है कुल सड़क दुर्घटनाआंे का 34 प्रतिशत हिस्सा 2 पहिया वाहनों का है सही आई.एस.आई 4151 मानक का हेलमेट सही तरीके से पहनकर ही 2 पहिया वाहन चलाना चाहिए बल्कि दूसरो को भी प्रेरित करना चाहिए। मुझे विश्वास हैं कि सभी युवा सड़क सुरक्षा अग्रदूत जिन्होने आज यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर हेलमेट प्राप्त किया सभी सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में कारगर सिद्ध हांेगे। अजमेर जिले मे वर्ष 2018 में 2017 की तुलना में 12.13 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाआंे से होने वाली मौतो में कमी हुई है। भारत में वर्ष 2017 में हेलमेट न पहनने से 48746 लोगो की मौत हूई वहीं राजस्थान में इसी वर्ष 2850 लोगो की मौत हुई लेकिन वर्ष 2018 में जागरूकता के कारण 1563 लोगो की हेलमेट न पहनने से मौत हुई। अजमेर में वर्ष 2018 में दो पहिया वाहनों के द्वारा 276 कुल दुर्घटनाएं हुई जिसमें मृतकों की कुल संख्या 165 एवं घायलो की कुल संख्या 264 हैं तथा इनमें से 96 मृतको की मौत का व 166 घायलो के घायल होने का मुख्य कारण हेलमेट नहीं पहनकर दोपहिया वाहन ड्राइव करना रहा हैं। धर्मवीर सिंह जानू, पुलिस उपअधीक्षक (यातायात) ने दो पहिया वाहनों के सवारी एवं चालक दोनो को अक्टूबर 2015 से आईएसआई मार्ग का हेलमेट पहनना अनिवार्य है। अधिकांश लोगों में अभी भी शिक्षा एवं जागरूकता के अभाव, उच्च कीमत एवं व्यापक प्रर्वतन के अभाव, उच्च कीमत एवं व्यापक प्रर्वतन के अभाव में स्वतः पहनने की स्वीकृति नहीं हैं यदि साथ मे है तो लगायेगें नहीं लगायेंगे तो ढंग से नही पहनेगें। ब्राडेंड हेलमेट के बजाय सब स्टेण्डर्ड हेलमेट पहनने की प्रवृति नहीं है। यह सभी सड़क सुरक्षा अग्रदूत यातायात पुलिस के साथ सड़क मित्र बनकर कार्य करेंगंे तो निश्चित हेै यह क्षेत्र सुरक्षित क्षेत्र बनेगा। ऑल इण्डि़या फैडरेशन, हिन्दुस्तान जिंक, राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के इस अभियान में टोल वालों के साथ मिलकर लेन ड्राइविंग एवं स्पीड कंट्रोल में सहयोग लेकर अभियान लेकर अभियान चलायेगे। राजीव शर्मा, जिला परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अजमेर ने शिक्षा एवं जागरूकता के साथ - साथ प्रभावी प्रवर्तन कार्य को इसमें कारगर होना बताया साथ ही कहा की जब आधी कीमत में राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी स्टील बर्ड का हेलमेट देने को तैयार है तो पुलिस एण्ड़ परिवहन विभाग भी इस अभियान में जुडकर इसे सफल बनायेगंे तथा बिना लाइसेंस वाले सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को परिवहन विभाग से लाइसेंस बनाने मे पूरा सहयोग कर उन्हे और प्रशिक्षित किया जायेगा। जो परिवहन मित्र के रूप में कार्य करेगें। मोटर वाहन निरीक्षक जाकिर हुसैन प्रतिनिधि ऑल इण्डि़या फैडरेशन ऑफ मोटर व्हीकल डिपार्टमेन्ट ने ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की समिति बनाकर उन्हे प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर स्वयं के साथ दूसरों के लिए कार्य करने की इस पहल को अनुकरणीय बताया तथा राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी एवं स्टीलबर्ड कम्पनी के साथ अजमेर जिले को हेलमेट युक्त जिला बनाने के लिए 50 प्रतिशत राशि में ब्रांडेड हेलमेट व प्रशिक्षण उपरान्त शपथ के साथ देने के एम.ओ.यू को अजमेर जिले के लिए टूव्हीलर सेफ्टी के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। अब तक 53 ग्राम पंचायतों में 1325 सड़क सुरक्षा अग्रदूत बनाये जा चुके हैं जो आदर्श वाहन चालक के रूप में पालना करेगें। बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करेंगंे। एन.एच. 8 गेगल टोल के मार्ग प्रबन्धक कमल सिंह तवंर नें राष्ट्रीय राजमार्ग के 90 किलोमीटर हाईवे पर सड़क उपयोगकर्Ÿााओं के मर्जिग, डाईवर्जिंग व लेन ड्राईविंग के बारे में बताया तथा सड़क सुरक्षा अग्रदूतो से आग्रह किया की वह लेन ड्राइविंग, स्पीड़ कंट्रोल, टू व्हीलर सेफ्टी, आदि के बारे में इस मिशन से जुडे टोल प्रबन्धन की ओर से इस मिशन में सहयोग देने का भी आश्वासन दिया। महेश माथुर, नम्रा याशा सीएसआर अधिकारी एवं सुरेश सोनी एचआर हेड, हिन्दूस्तान जिंक लिमिटेड, कायड ने कायड क्षेत्र की ग्राम पंचायतो जिसमें घूघरा, कायड, माकड़वाली, चाचियावास, गगवाना, लोहागल, गेगल के मिशन से जुडे 25 - 25 सड़क सुरक्षा युवा समिति सदस्यों को हेलमेट की आवश्यकता एवं उपयोगिता तथा दोपहिया वाहनों की सुरक्षा हेतु सड़क सुरक्षा पर अपने पूर्व में दिये गये हेलमेटों के अनुभव साझा किए तथा उन्होने कहा की हेलमेट का कोई मूल्य नहीं है यह तो अमूल्य है जो किसी का जीवन बचाने के लिए कारगर साबित हो सकता हैं सीएसआर के की जा रही अन्यगतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। ऋतु चौहान, सचिव राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी ने अजमेर जिले को हेलमेट युक्त बनाने के लिए सभी के सहयोग का आव्हान किया ऋतु चौहान ने सभी 175 सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को कार्यक्रम में दी गई सामग्री का सदुपयोग करते हुए जिम्मेदारी से कार्य करने हेतु आग्रह किया। स्टील बर्ड के प्रतिनिधि राजेन्द्र सिंह ने एम- 16 हेलमेट की विशेषताएँ बताई तथा बताया कि इसपर दो लोगो एवं रिफ्लेक्टिव टेप तथा सड़क सुरक्षा अग्रदूत लिखा गया हैं। आज जो हेलमेट युवाओ को दिया गया उसकी एमआरपी 1099 रूपये है उसमें 50 प्रतिशत छूट के साथ ऑल इण्डि़या फेडरेशन एवं हिन्दुस्तान जिंक से मामूली राशि सड़क सुरक्षा अग्रदूतांे से प्राप्त की। कर्नल ए.के.त्यागी, प्रिंसिपल संस्कृति दी स्कूल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए फौजी का अनुभव शेयर करते हुए सड़क सुरक्षा अग्रदूतों को वाहन चलाने से पूर्व एवं बाद में रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के स्थानीय प्रशिक्षक विरेन्द्र सिंह जगमालोत के साथ - साथ चिŸाौडगढ़, भीलवाडा, उदयपुऱ, राजसंमद के प्रशिक्षक और मोबाइल वैन टीम, स्थानीय सीएसआर टीम और संस्कृति स्कूल के प्रबन्धन आदि ने कार्यशाला में पूरा सहयोग प्रदान किया जिनका आभार व्यक्त किया गया। सभी सड़क सुरक्षा अग्रदूतों में सडक सुरक्षा पर आदर्श वाहन चालक के रूप में कार्य करने का उत्साह देखा गया।