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अजमेर, 03मई (कलसी)।  अजमेर विद्युत वितरण निगम लि. के प्रबंध निदेशक वी.एस. की अध्यक्षता में पंचशील स्थित मुख्यालय भवन सभागार में एनटीपीसी लि. द्वारा संचालित टी एण्ड डी लोसेज में कमी लाने, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन संबंधी एक दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार 3 मई को आयोजन किया गया। 
कार्यशाला में अधीक्षण/अधिशाषी/ सहायक अभियंताओं एवं लेखाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला के दौरान विद्युत छीजत में कमी लाने एवं राजस्व में बढोतरी करने के विभिन्न उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं उनके कार्यान्वयन हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया गया। एनटीपीसी लि. के मुख्य प्रबंधक आशीष कुण्डू एवं देहली ट्रांस्को के उप महा प्रबंधक हितेश कुमार के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
 इस मौके पर निगम के निदेशक (वित्त) एसएम माथुर, कार्यवाहक संभागीय मुख्य अभियंता (अजमेर जोन) एन. एस. निर्वाण, अति. मुख्य अभियंता के. एस. सिसोदिया सहित लगभग 30 प्रतिभागी भी उपस्थित रहे।  

अजमेर, 03मई (कलसी)।  हिन्द सेवा दल एवं लक्ष्य मानवता सेवा संस्थान (रजि.) के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस के उपलक्ष्य में 13 मई को सायं 5.30 बजे से  जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के सामने, रेडक्रॉस भवन में सम्मान समारोह 2019 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मार्टिंडल ब्रिज स्थित रिेि सिेि कॉम्लैक्स में हिन्द सेवा दल के अध्यक्ष आर के महावर की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई । प्रवक्ता राजेन्द्र गांधी ने बताया कि इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के लिए 21 माताओं का, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है, उन्हें स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्रा देकर सम्मानित  किया  जायेगा। बैठक में कार्यक्रम की रूप रेखा को अंतिम रूप देकर सभी को जिम्मेदारियां सौंपी गई। मीटिंग में दिनेश शर्मा सहारा, आभा गांधी,  नीलिमा, ज्योति कर्मवानी, राजेश राजोरिया, दीपक ठाकुर,  बिहारीशरण निर्वाण, हिमनन्द चौहान, प्रेमलता, राकेश शर्मा, ऋषिदत्त शर्मा, राजवीर सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

अजमेर, 03मई (कलसी)।  नगर निगम प्रशासन की उदासीनता के चलते आनासागर रामप्रसाद घाट पर नहाने व कपडे धोने का सिलसिला जारी है। जबकि निगम प्रशासन ने नहाने व कपडे धोने पर प्रतिबंध लगा रखा है। जानकारी के अनुसार आनासागर रामप्रसाद घाट का जीर्णोेार किया गया। इसके बाद निगम प्रशासन ने घाट पर नहाने व कपडे धोने पर रोक लगा दी, लेकिन लोग नहा भी रहे हैं और कपडे भी धो रहे हैं, जिनको मना करने वाला कोई नहीं है। निगम प्रशासन ने यहां पर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा रखी है। इसके अलावा पुलिस कर्मी भी ड्यूटी देते हैं। उनकी अनदेखी व गैर मोैजूदगी का फायदा उङ्गाया जा रहा है। आनासागर में कई बार डूबने से जायरीन की मौत हो चुकी है।

अजमेर, 03मई (कलसी)।  कोतवाली थाना पुलिस ने दहेज हत्या के आरोपी ग्वालियर निवासी लोकेश गौतम शिवहरे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आज सुबह आरोपी शिवहरे का जवाहर लाल नेहरू अस्पताल से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर दिया। कोतवाली थाना पुलिस ने बताया कि गत एक मई की रात सुन्दर विलास निवासी पूनम पत्नी लोकेश की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। 
मृतका के पीहर पक्ष ने पूनम के पति पर दहेज हत्या का आरोप लगाया था जिसके चलते पुलिस ने आरोपी सिंधिया नगर, उरवई, ग्वालियर, मध्यप्रदेश निवासी लोकेन्द्र शिवहरे पुत्रा सुरेश कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 बी के तहत मुकदमा दर्ज करके अनुसंधान शुरू किया था। पुलिस ने बताया कि कल आरोपी शिवहरे को गिरफ्तार करके अजमेर लाया गया तथा पूछताछ के बाद आरोपी का शुक्रवार सुबह जेएलएन अस्पताल से स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा अदालत में पेश कर दिया।

अजमेर, 03मई (कलसी)।  शहर में सक्रिय शातिर बदमाशों के हौसले इतने बुलन्दी पर हैं कि दिनदहाडे रिहायशी कॉलोनी में गत दिनो स्कूटी पर सवार होकर स्कूल से घर लौट रही एक महिला के गले पर बाईक सवार होकर आये बदमाशो ने झपट्टा मारकर सोने की चेन तोडकर पक्रार हो गये। 
 क्रिश्चियन पुलिस थाना क्षेत्रा स्थित गांधी नगर की गली नम्बर एक में गत 22 अप्रेल की दोपहर सवा एक बजे अंजना अग्रवाल स्कूल से घर लौट रही थी, इस दौरान उसके पीछे से आ रहे बाईक सवार बदमाशो ने अग्रवाल के गले पर झपट्टा मारा और सोने की चेन तोडकर पक्रार हो गये। महिला ने शोर भी मचाया, लेकिन गली सुनसान होने के कारण कोई भी व्यत्तिक् महिला की मदद के लिये आगे नही आया, जब तक बदमाश काफी दूर चले गये थे। पीडित महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करके अनुसंधान शुरू कर दिया। पीडिता अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने गली में लगे सीसीटीवी पुक्टेज भी खंगाले जिसमें बाइक सवार बदमाश दिखाई दे रहे है।  पुलिस ने फुटेज के आधार पर उक्त बदमाशो की तलाश शुरू कर दी है। 

नई दिल्लीः आचार संहिता के उल्लंघन मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव आयोग (ईसी) से क्लीनचिट मिल गई है लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग का यह फैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया गया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आचार संहिता उल्लंघन के तीन मामलों में चुनाव आयोग से क्लीनचिट मिली है लेकिन इनमें से दो मामलों में आयोग की राय एकमत नहीं थी.

मोदी को वर्धा और लातूर में उनके भाषणों को लेकर क्लीनचिट दी गई लेकिन इन मामलों में एक चुनाव आयुक्त ने मोदी का क्लीनचिट दिए जाने का विरोध किया जबकि बाड़मेर के उनके भाषण को लेकर चुनाव आयोग की एकमत राय थी.

मालूम हो कि नरेंद्र मोदी ने एक अप्रैल को वर्धा में में दिये अपने भाषण में वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की थी और संकेत दिया था कि केरल के इस संसदीय क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं की संख्या अधिक है.

वहीं नौ अप्रैल को महाराष्ट्र के लातूर में पहली बार वोट देने जा रहे मतदाताओं से अपना वोट बालाकोट हवाई हमले के नायकों और पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को समर्पित करने की बात कही थी.

इन दोनों मामलों में फैसला 2-1 के बहुमत से लिया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अलावा दो अन्य चुनाव आयुक्त अशोक लवासा और सुशील चंद्रा ने इस संबंध में वोटिंग की थी. इनमें से एक आयुक्त की राय प्रधानमंत्री के पक्ष में नहीं थी.

लेकिन राजस्थान के बाड़मेर में मोदी के विवादित बयान पर क्लीनचिट देने का चुनाव आयोग का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया. चुनाव आयोग का कहना है कि इस मामले में आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है.

गौरतलब है कि मोदी ने बाड़मेर में अपनी चुनावी सभा में सशस्त्र बलों का आह्वान करते हुए कहा था कि भारत के परमाणु हथियार दिवाली के लिए इस्तेमाल किए जाने के लिए नहीं रखे हैं.

चुनाव आयोग अधिनियम, 1991 की धारा 10 के मुताबिक, ‘जहां तक संभव हो चुनाव आयोग का कामकाज सबकी सहमति से चलना चाहिए. प्रावधान यह भी कहता है कि अगर किसी मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों में मतभेद हो तो ऐसे मामले में बहुमत के आधार पर फैसला लिया जाना चाहिए.’

मोदी को वर्धा और लातूर मामलों में क्लीनचिट दिए जाने पर चुनाव आयोग में एकराय नहीं थी. चुनाव समिति इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि मोदी के ये बयान जनप्रतिनिधि कानून की धारा 123 (3ए) और 125 का उल्लंघन नहीं है.

ये धाराएं किसी भी उम्मीदवार द्वार देश में धर्म, जाति, समुदाय और भाषा के आधार पर विभिन्न वर्गों के नागरिकों के बीच दुश्मनी और घृणा की भावनाओं को बढ़ाने से संबंधित हैं. हालांकि इस कानून के लागू होने के बाद बहुमत से ऐसे फैसले बहुत कम लिए गए हैं.

चुनाव आयोग में मतभेद के कुछ उदाहरणों में से एक 2009 का है, जब विभाजित आयोग ने कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी को विदेशी पुरस्कार मिलने के लिए सांसद के रूप में अयोग्य घोषित किए जाने पर अपनी राय राष्ट्रपति को भेजी थी.

उस समय एन गोपालस्वामी मुख्य चुनाव आयुक्त थे और एस वाई कुरैशी और नवीन चावला समिति में उनके सहयोगी थे. गोपालस्वामी की राय थी कि नवंबर 2006 में सोनिया गांधी को बेल्जियम के सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने की जांच की जरूरत थी, जिसे चावला और कुरैशी ने ख़ारिज कर दिया था.

उन्होंने कहा था कि जांच पूरी हो गई है और इस मामले में और जांच की जरूरत नहीं है.