राष्ट्रीय (182)

राष्ट्रीय

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक के बाद एक चार ट्वीट कर कांग्रेस नेता पित्रोदा और समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव के बयानों को जवानों का अपमान करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने पाकिस्तान नेशनल डे मनाना शुरू कर दिया है। आपको बताते जाए कि ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन सैम पित्रोदा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के काफी करीबी हैं।

मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की सेनाओं पर सवाल खड़ा कर रही है। कांग्रेस राज घराने के वफादार ने मान लिया है कि कांग्रेस आतंकवादी ताकतों को जवाब नहीं देना चाहती थी। यह न्यू इंडिया है और हम आतंकवाद को उसी भाषा में जवाब देंगे जो उसे समझ में आती है। मोदी ने आगे कहा कि विपक्ष आतंकवाद का समर्थन करने और सशस्त्रबलों से सवाल करने का आदी हो गया है। रामगोपाल यादव का बयान उन सबकी बेइज्जती है जिन्होंने कश्मीर को बचाने के लिए अपनी जान दे दी। यह हमारे शहीदों के परिवारों का अपमान है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विरोधी दल बार-बार सेना की बेइज्जती करते हैं। मैं अपने देशवासियों से अपील करता हूं कि आप इन लोगों से उनके बयान पर सवाल पूछें। उन्हें बता दें कि 130 करोड़ लोग उन्हें माफ नहीं करेंगे। पूरा भारत हमारी सेना के साथ है। जनता माफ नहीं करेगी। आपको बताते जाए कि कांग्रेसी नेता सैम पित्रोदा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पुलवामा अटैक के लिए पूरा पाकिस्तान जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने एयर स्ट्राइक पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि क्या एयर स्ट्राइक हुई? अगर हुई तो कितने लोग मारे गए? मुझे जानने का अधिकार है।

 

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (CM Manohar Parrikar) का सोमवार को पूर्ण सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गोवा के मिरामार बीच के नजदीक एसएजी ग्राउंड में सोमवार को शाम करीब 5 बजकर 55 मिनट पर पर्रिकर पंचतत्व में विलीन हो गए। मिरामार बीच पर गोवा के पहले मुख्यमंत्री दयानंद बंडोदकर का भी स्मारक है। रक्षा मंत्री रह चुके पर्रिकर (63) का पणजी के पास दोना पावला स्थित उनके निजी आवास पर रविवार को निधन हो गया। वह पिछले साल फरवरी से ही अग्नाशय कैंसर से जूझ रहे थे।  

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस के शाही ने रविवार के जारी एक आदेश में कहा कि रक्षा मंत्रालय से पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। शाही ने एक परिपत्र में कहा, 'सरकार ने फैसला लिया है कि दिवंगत हस्ती का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।'

भाषा के अनुसार, प्रदेश भाजपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि पर्रिकर का अंतिम संस्कार यहां मिरामार बीच पर सोमवार को शाम पांच बजे किया जाएगा। मिरामार बीच पर गोवा के पहले मुख्यमंत्री दयानंद बंडोदकर का भी स्मारक है। रविवार शाम को पर्रिकर के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर रात को उनके आवास पर ही रखा गया। प्रवक्ता ने कहा, उनका पार्थिव शरीर सुबह भाजपा कार्यालय लाया जाएगा जहां पार्थिव शरीर एक घंटे तक रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम यात्रा से पहले लोगों के दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को कला अकादमी ले जाया जाएगा। केंद्र सरकार ने सोमवार को राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। देशभर में राष्ट्र ध्वज आधा झुका रहेगा।

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (CM Manohar Parrikar) का सोमवार को पणजी के मिरामार बीच के नजदीक एसएजी ग्राउंड में पूर्ण सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ शाम करीब 5 बजकर 55 मिनट पर अंतिम संस्कार किया गया

 

नई दिल्ली। देश की शीर्ष अदालत में गुरुवार को केन्द्र सरकार ने सुनवाई के दौरान कहा कि राफेल सौदे को लेकर दायर की गई सीएजी (कैग) रिपोर्ट में गलती हुई है। सरकार का पक्ष रखते हुए अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि जो कैग रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की गई है उसके पहले तीन पन्ने गायब हो गए है।

सुप्रीम कोर्ट में राफेल पर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने बताया कि कैग की जो रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी गई थी, उसमें कुछ कागजात नहीं थे। रिपोर्ट में शुरुआती तीन पेज शामिल नहीं थे। जिसपर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि आप दस्तावेजों के विशेषाधिकार की बात कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए आपको सही तर्क पेश करना पड़ेगा।

केन्द्र सरकार ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कहा था कि राफेल सौदे पर उसके फैसले पर पुनर्विचार के लिये याचिकाकर्ताओं द्वारा दाखिल दस्तावेज ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये संवेदनशील’ हैं और जिन लोगों ने इन दस्तावेजों की फोटोकापी बनाने की साजिश की, उन्होंने इसकी चोरी की और इन्हें लीक करके सुरक्षा को खतरे में डाला है। रक्षा मंत्रालय ने इस हलफनामे में कहा गया था कि इन संवेदनशील दस्तावेजों के लीक होने की घटना के संबंध में 28 फरवरी को आंतरिक जांच शुरू हुई जो अभी भी जारी है और यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि ये लीक कहां से हुए हैं।

अटॉर्नी जनरल ने इससे पहले राफेल पर पुनर्विचार याचिका और गलत बयानी संबधी आवेदन खारिज करने का अनुरोध करते हुए कहा कि ये चोरी किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। इससे जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने वाला सरकारी गोपनीयता कानून के तहत और अदालत की अवमानना का दोषी है। बीते 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने 58,000 करोड़ रुपए के सौदे को क्लीनचिट दे दी और कहा था कि फ्रांसीसी विमान की खरीदी में किसी तरह की खामी नहीं है।

चेन्नई : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। चेन्नई में स्टेला मैरिस कॉलेज में छात्राओं को संबोधित करते हुए राहुल ने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी तरह सार्वजनिक मंच पर सवालों के जवाब क्यों नहीं देते? उन्होंने पूछा कि क्या आपने 3000 महिलाओं के बीच पीएम को कभी सवालों के जवाब देते हुए देखा है? छात्राओं ने राहुल गांधी से रॉबर्ट वाड्रा पर सवाल पूछे थे लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष वाड्रा पर जवाब देने के बजाय पीएम मोदी को चर्चा में खींच लाए।  

राहुल गांधी ने पूछा, 'आपने भारत के प्रधानमंत्री को कितनी बार इस तरह से तीन हजार महिलाओं के बीच खड़े होकर सवालों के जवाब देते हुए देखा है? क्या आपने उन्हें इस तरह से खुले माहौल में सवालों का जवाब देते हुए देखा है? आप में से कितने लोगों को प्रधानमंत्री से शिक्षा और अन्य मुद्दों पर सवाल पूछने का मौका मिला है? प्रधानमंत्री 3 हजार महिलाओं के बीच खड़े होकर उनके सवालों का जवाब देने का साहस क्यों नहीं कर पाते? इस मौके पर स्कूल की ओर से राहुल गांधी को सम्मानित भी किया गया।

चुनाव आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कार्यक्रम जारी हो जाने के बाद राजनीतिक दल पूरी तरह से चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। बुधवार को अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई जिसमें राहुल,सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। यहां की रैली से कांग्रेस ने अपना चुनावी शंखनाद किया। 

कांग्रेस महासचिव बनने के बाद प्रियंका गांधी ने पहली बार किसी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जागरूक होना ही देशभक्ति है। इसके साथ ही कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से देश गम के सागर में डूबा हुआ है। आज हर तरफ निराशा है। मौजूदा मोदी सरकार के वादे हवा हवाई और झूठे साबित हुए हैं। कांग्रेस की इस रैली में पाटीदार कोटा (आरक्षण) आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल हुए। 

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की उपस्थिति में भाजपा का दामन थाम लिया है। लोकसभा चुनाव  के मद्देनजर इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। टॉम वडक्‍कन को गांधी परिवार का काफी करीबी बताया जाता है। वडक्कन कांग्रेस प्रवक्ता के अलावा यूपीए सरकार के समय सोनिया गांधी के सचिव रह चुके हैं।

बीजेपी में शामिल होने पर मीडिया से बात करते हुए टॉम ने बताया, 'मैंने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी क्योंकि जब पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमारी धरती पर हमला किया उस समय मेरी पार्टी की प्रतिक्रिया बहुत दुखी करने वाली थी जिससे मुझे गहरा दुख हुआ। यदि राजनीतिक पार्टियां देश के खिलाफ जाने वाली बातों का समर्थन करती हैं तो फिर मेरे लिए पार्टी छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।' भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैंने अपने राजनीतिक जीवन के 20 साल कांग्रेस में बिताए लेकिन वहां वंशवाद हावी है। 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि वे अब इस्तेमाल करो और फेंकों की नीति अपना रहे हैं।  उन्होंने कहा कि वंशवादी राजनीति कांग्रेस में चरम पर है और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की विकास पहल पर पूरा भरोसा है। समझा जाता है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में वडक्कन को केरल की किसी सीट से उम्मीदवार बना सकती है। कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता टॉम वडक्कन के भाजपा में शामिल होने पर आज दुख जाहिर किया और उम्मीद जताई कि वहां उनकी आकांक्षाएं पूरी होंगी। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'उन्हें हमारी शुभकामनाएं। उनके जाने का दुख है। आशा है कि वहां उनकी आकांक्षाएं पूरी होंगी।'

आपको बता दें कि वडक्कन को केरल में कांग्रेस का बड़ा चेहरा माना जाता है और वो रोमन कैथोलिक समुदाय से आते हैं। दो दिन पहले ही कांग्रेस को महाराष्ट्र में भी बड़ा झटका लगा था जब राज्य के नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे और कांग्रेस नेता सुजय विखे पाटिल ने भाजपा का दामन थाम लिया था।  गुजरात में कांग्रेस पहले से ही परेशान चल रही है जहां उसके पांच विधायक अभी तक भाजपा में शामिल हो चुके हैं। 

 

नई दिल्‍ली : चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आरोप-प्रत्‍यारोपों का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस और बीजेपी विभिन्‍न मुद्दों को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ हमलावर रुख अपनाए हुए हैं। बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस जहां राफेल डील में कथित भ्रष्‍टाचार को बड़ा मुद्दा बनाए हुए है, वहीं रोजगार के मुद्दे पर भी वह लगातार बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र की एनडीए सरकार के ख‍िलाफ हमलावर तेवर अपनाए हुए है।

कांग्रेस की आईटी सेल की प्रभारी दिव्‍या स्‍पंदना ने इसी मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है और युवाओं से अपील की है कि अपने बेहतर भविष्‍य के लिए वे बीजेपी को सत्‍ता से बाहर करें। उन्‍होंने प्रधानमंत्री मोदी के पकौड़े वाले बयान का हवाला देकर छात्रों से कहा कि उनके माता-पिता ने उन्‍हें उच्‍च शिक्षा दिलाने के लिए ऊंची दरों पर बैंक लोन इसलिए नहीं लिया कि वे पकौड़ा तलें।

दिव्‍या स्‍पंदना ने एक ट्वीट में कहा, 'आपके माता-पिता ने ऊंची दरों पर बैंक लोन इसलिए लिए, ताकि आप अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सकें और अपनी पसंद की नौकरी पा सकें, लेकिन सरकार आपसे पकौड़ा तलने के लिए कह रही है। आपके माता-पिता आज भी लोन चुका रहे हैं, जबक‍ि आप नौकरी के लिए भटक रहे हैं। बीजेपी को सत्‍ता से बाहर करने के लिए वोट करें। कांग्रेस आपकी मदद करेगी।'

इससे पहले कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी इस मुद्दे पर पीएम मोदी को घेरा था। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार 'नौकरी, उम्‍मीदों और देश के युवाओं के भविष्‍य को तबाह कर रही है।' उन्‍होंने यह भी कहा कि 'मोदीनोमिक्‍स आज पकौड़ानोमिक्‍स का पर्याय बन गई है।'

नई दिल्ली: पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने की भारत की कोशिश को बड़ा झटका लगा है। चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा दी। बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था। चीन के इस रुख के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार की विदेशी नीति पर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक दुखद दिन! चीन ने मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में नामित होने में रोड़ा अटकाया है और आतंकवाद के प्रजनन पाकिस्तान के एक अविभाज्य सहयोगी होने की चीनी स्थिति की पुष्टि की। अफसोस की बात है कि मोदीजी की विदेश नीति कूटनीतिक आपदाओं की एक श्रृंखला रही है।'

 

एक और ट्वीट में उन्होंने कहा, 'आज फिर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को चीन-पाक गठजोड़ ने आघात पहुंचाया है। 56 इंच की ‘Hugplomacy’ और झूला-झुलाने के खेल के बाद भी चीन-पाकिस्तान का जोड़ भारत को 'लाल-आंख' दिखा रहा है। एक बार फिर एक विफल मोदी सरकार की विफल विदेश नीति उजागर हुई।' 

पुलवामा आतंकी हमले के जिम्मेदार मसूद अजहर के बचाव में उतरे चीन के रुख पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा, 'हम निराश हैं। लेकिन हम सभी उपलब्ध विकल्पों पर काम करते रहेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भारतीय नागरिकों पर हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाए। हम उन देशों के आभारी हैं जिन्होंने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने की कवायद में हमारा समर्थन किया है।'

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा सेंक्शन्स कमेटी के तहत अजहर को आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी को फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा लाया गया था।

 

 

 

नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की लोकसभा की सभी 42 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। पश्चिम बंगाल में सात चरणों में 11 अप्रैल से 19 मई तक चुनाव होंगे। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने टीएमसी का करीब 41 प्रतिशत टिकट महिलाओं को दिया है। इससे पहले ममता बनर्जी ने घोषणा की कि इस चुनाव में उनकी पार्टी करीब 41 प्रतिशत महिलाओं को टिकट देगी।

टीएमसी के लिए आज का दिन अच्छा नहीं रहा क्योंकि उसके एक सांसद अनुपम हाजरा भाजपा में शामिल हो गए। पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल के लिए टीएमसी को छोड़ अभी किसी राजनीतिक दल ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी, भाजपा के अलावा कांग्रेस और माकपा चुनाव मैदान में हैं।

View image on TwitterView image on Twitter

पश्चिम बंगाल की लोकसभा की 42 सीटों के लिए सात चरणों में वोट डाले जाएंगे। यहां मुख्य मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच माना जा रहा है। हाल के वर्षों में कांग्रेस और माकपा का जनाधार कम हुआ है और भाजपा मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी है। ऐसे में भगवा पार्टी अपने लिए इस राज्य में संभावनाएं देख रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राज्य में 23 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल की अपनी रैलियों में ममता सरकार पर तीखे हमले किए हैं। भाजपा को उम्मीद है कि एनआरसी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर उसे जनता का साथ मिलेगा।     

2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर के बावजूद ममता बनर्जी अपना किला बचाने में सफल हो गई थीं। टीएमसी यहां 34 सीटें जीतने में कामयाब रही जबकि कांग्रेस के खाते में दो सीटें आई थीं। भाजपा ने यहां दो सीटें दार्जिलिंग और आसनसोल जीती थीं जबकि माकपा दो सीटों पर विजयी रही। 

 

नई दिल्ली/गुरुग्राम, जेएनएन। प्रवर्तन निदेशालय  आतंकियों को फंडिग के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए लश्कर-ए- तैयबा से जुड़े कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली की गुरुग्राम में तकरीबन एक करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया है।

ईडी के वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो यह कार्रवाई धनशोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है। हाफिज सईद 2008 के मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड है। वहीं ईडी के सूत्रों के मुताबिक, गुुरुग्राम में यह विला सईद के फाइनेंसर कश्मीरी व्यापारी जहुर अहमद शाह वटाली ने खरीदा था। पिछले साल ही वटाली को एनआइए ने आतंकी संगठनों को फंडिंग करने के मामले में दबोचा था।

जहूर अहमद शाह वटाली पर आरोप है कि वह लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के बैंकर और फाइनेंसर है। ईडी के मुताबिक, कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद वटाली की यह संपत्ति गुरुग्राम में है। बाजार मूल्य के हिसाब से इसकी कीमत एक करोड़ तीन लाख रुपये बताई जा रही है।

गौरतलब है कि लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ अपनी जांच के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक आरोप पत्र दाखिल किया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने 2017 में आतंकियों को मदद देने के आरोप में वटाली समेत 18 के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले की एनआइए जांच अब भी जारी है।

बताया जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा मुखिया हाफिज सईद के पैसों से करोड़ों रुपये में गुरुग्राम में खरीदे गए विला को प्रवर्तन निदेशालय ने कुर्क कर लिया है।

ईडी सूत्रों की मानें तो यह विला फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन के पैसों से खरीदा गया था, जिसे सईद पाकिस्तान में चलाता है। यह भी बताया जा रहा है कि विला खरीदने के लिए यह पैसा संयुक्त अरब अमीरात से हवाला के जरिए भारत पहुंचा था। इस पैसों का मकसद आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना भी था। 

  • मुंबई आतंकी हमले का मास्‍टरमाइंड है हाफिज मोहम्मद सईद
  • हमेशा कश्‍मीर में जेहाद और भारत के खिलाफ आग उगलता रहता है
  • इसके ऊपर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है, लेकिन वह पाकिस्‍तान में बेखौफ घूम रहा है। 
  • आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और वर्तमान में जमात-उद-दावा का सरगना हाफिज सईद का जन्‍म पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा में 10 मार्च 1950 को हुआ था।
  • वह भारत की सर्वाधिक वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है।
  • मुंबई की 26/11 हमले में उसका हाथ होने की बात सामने आई थी जिसमें छह अमेरिकी नागरिक समेत 166 लोग मारे गए थे। भारत तब से पाकिस्तान से लगातार उसे सौंपने को कहता रहा है।
  • अमेरिका ने दुनिया में 'आंतकवाद के लिए जिम्मेदार' लोगों की सूची जारी की है उसमें हाफिज सईद का भी नाम है। उस पर अमेरिका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है।
  • मजे की बात यह है कि वह आजादी से पाकिस्तान में घूम रहा है और सार्वजानिक तौर पर सभाओं को संबोधित कर रहा है।
  • सईद अरबी और इंजीनियरिंग का पूर्व प्राध्यापक रहा है। वह जमात-उद-दावा का संस्थापक है। यह एक चरमपंथी इस्लामी संगठन है जिसका मकसद भारत के कुछ हिस्सों और पाकिस्तान में इस्लामी शासन स्थापित करना है। हाफिज ने यह संगठन तब बनाया था ज‍ब पाकिस्‍तान में लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
  • मुंबई आतंकी हमलों में उसकी भूमिका को लेकर भारत ने सईद के खिलाफ इंटरपोल रेड कार्नर नोटिस जारी कर रखा है, वहीं अमेरिका ने उसे विशेष निगरानी सूची में रखा है।

11 सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए हमलों के बाद लश्कर-ए-तैयबा पर दुनिया की नजरें टिकीं और अमेरिका ने लश्‍कर को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। वर्ष 2002 में पाकिस्तानी सरकार ने भी लश्कर पर प्रतिबंध लगा दिया। उसके बाद हाफिज सईद ने लश्कर-ए-तैयबा का नया नाम जमात-उद-दावा रखा, हालांकि हाफिज सईद इस बात से इनकार करता है कि जमात-उद-दावा का लश्कर से कोई संबंध है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मुंबई आतंकी हमलों के तुरंत बाद दिसंबर 2008 में जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन घोषित किया था। मुंबई हमलों के बाद सईद को अंतरराष्ट्रीय दबाव को देखते हुए छह महीने से कम समय तक नजरबंद रखा गया था। लाहौर हाई कोर्ट के आदेश के बाद उसे 2009 में रिहा कर दिया गया था।

पाकिस्तान में भी जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध है लेकिन वह जिहाद के लिए पैसा जुटाता है, उसका प्रमुख हाफिज सईद खुलेआम जिहाद के लिए लोगों को प्रोत्साहित भी करता रहता है।

हाफिज सईद ने अफगानिस्तान में जिहाद का प्रचार करने और लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए 1985 में जमात-उद-दावा-वल-इरशाद की स्थापना की और लश्कर-ए-तैयबा उसकी शाखा बनी। 1990 के बाद जब सोवियत सैनिक अफगानिस्तान से निकल गए तो हाफिज सईद ने अपने मिशन को कश्मीर की तरफ मोड़ दिया। कश्मीर में आतंकी कार्रवाइयां करने वाला सबसे बड़ा पाकिस्तानी संगठन लश्कर-ए-तैयबा है, लश्कर और आइएसआइ के रिश्तों के सुराग अनेक बार मिल चुके हैं।

भारत सरकार 2003, 2005 और 2008 में हुए आतंकी हमलों के लिए लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदारी मानती है। भारतीय संसद पर हमले की कड़ी भी इसी गुट से जुड़ती है।

पृष्ठ 1 का 14