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नई दिल्ली:  एनडी तिवारी के बेटे की डेथ मिस्ट्री सुलझाने की कवायद में जुटी दिल्ली पुलिस ने इस मामले में रोहित की पत्नी अपूर्वा शुक्ला को अरेस्ट कर लिया है। गौरतलब है कि रोहित 16 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाये गये थे। उस वक्त रोहित की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही थी बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि रोहित शेखर तिवारी की मौत गला दबाने और मुंह एवं नाक बंद करने के चलते दम घुटने से हुई थी। शव परीक्षण रिपोर्ट में यह बात कही गई थी।

बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि 'रोहित की पत्नी अपूर्वा शादी से खुश नहीं थी और उसने रोहित का गला घोंट दिया था जब रोहित नशे में था। उसने ये हत्या बगैर किसी की मदद के की है, हम उसे कोर्ट में जल्द ही पेश करेंगे।' 

बताया जा रहा है कि हो सकता है कि रोहित की हत्या से पहले कोई नशीला पदार्थ दिया गया हो क्योंकि रोहित के कुछ अंग नीले पड़े थे। हालांकि इस मामले में अभी भी कई बातें सामने आना बाकी हैं।

एम्स में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्या का एक मामला दर्ज किया और यह मामला जांच के लिए अपराध शाखा के पास भेज दिया था। एम्स फॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉ सुधीर गुप्ता ने बताया था कि मेडिकल बोर्ड सर्वसम्मति से इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि इस मामले में गला दबाने और मुंह एवं नाक बंद करने के चलते दम घुटने से मौत हुई है। यह अचानक से हुई अस्वभाविक मौत है, जो हत्या की श्रेणी में आता है।

क्राइम ब्रांच की टीम ने शेखर तिवारी के डिफेंस कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। बताया जाता है कि इस मामले में पुलिस को पहले से ही झोल नजर आ रहा था इसलिए इस मामले को क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया था। जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम सीएफएसएल टीम के साथ उनके घर पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी।

दिल्ली पुलिस ने रोहित शेखर तिवारी की पत्नी अपूर्वा से सोमवार को उसके घर में लगातार तीसरे दिन पूछताछ की थी, सूत्रों ने यह जानकारी दी थी। सूत्रों ने बताया कि रोहिणी के फोरेंसिक लैब के विशेषज्ञ भी रविवार को डिफेंस कॉलोनी में स्थित रोहित तिवारी के घर गये और अपराध के घटनाक्रम को दोहराया।

उनका मानना रहा कि गला घोंटे जाते समय रोहित द्वारा प्रतिरोध करने के कोई सबूत नहीं हैं। टीम ने उस गाड़ी की भी जांच की जिसमें एंबुलेंस के आने से पहले रोहित को लिटाया गया था।पुलिस ने अपूर्वा और दो घरेलू सहायकों को रविवार को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया था। 

इस मामले में नया मोड़ उस वक्त आया जब रोहित शेखर की मां उज्जवला ने कहा था कि शेखर के उनकी पत्नी के साथ संबंध मधुर नहीं थे और अपने राजनीतिक करियर के आगे नहीं बढ़ने को लेकर वह स्पष्ट तौर पर परेशान था। साथ ही उन्होंने कहा कि शेखर हाल ही में उस जगह पर गया था जहां उनके पिता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री एन डी तिवारी का अंतिम संस्कार किया गया था।

 

नई दिल्‍ली : बड़े दलित नेता के तौर पर पहचान रखने वाले उद‍ित राज ने बीजेपी छोड़ दी है। उन्‍होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इसे दिल्‍ली में बीजेपी के लिए बड़े झटके की तरह देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीजेपी दलित नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले उदित राज को अपने साथ जोड़े रखना चाहती थी। लेकिन वह लोकसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज थे। पार्टी के दिग्‍गज नेताओं ने उन्‍हें मनाने का प्रयास भी किया था, पर वह अपनी मांग पर अड़े रहे, जिसका नतीजा अंतत: उनके बीजेपी से अलग होने और कांग्रेस से जुड़ने के रूप में सामने आया।

उदित राज फिलहाल नॉर्थ-वेस्‍ट दिल्‍ली से सांसद हैं। 2014 के चुनाव में उन्‍होंने बीजेपी के टिकट पर यहां से जीत दर्ज की थी। वह एक बार‍ फिर यहां से टिकट चाहते थे, पर बीजेपी ने उनकी बजाय यहां से गायक हंसराज हंस को मैदान में उतारा है, जिसकी घोषणा पार्टी ने मंगलवार को की। हालांकि ऐसी अटकलें पहले से लगाई जा रही थीं कि इस बार उदित राज का टिकट कट सकता है और पार्टी किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है। टिकट नहीं मिलने की अटकलों के बीच उदित राज की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। उन्‍होंने कई ट्वीट कर और प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के जरिये अपनी नाराजगी का इजहार किया था। उन्‍होंने यह भी कहा कि उन्‍हें टिकट नहीं मिलने से देशभर के उनके दलित समर्थकों में रोष है।

लोकसभा चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज उदति राज ने मंगलवार को बीजेपी छोड़ने की चेतावनी भी दी थी। नाराजगी जताते हुए उन्‍होंने अपने ट्विटर हैंडल से अपने नाम के आगे लिखा 'चौकीदार' शब्‍द भी हटा दिया था, जो बीजेपी का बड़ा चुनावी अभियान है और जिसके तहत पीएम नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी के कई नेताओं और पार्टी समर्थकों ने अपने सोशल मीडिया पर अपने नाम के आगे इस शब्‍द को जोड़ लिया है। शाम तक हालांकि उन्‍होंने एक बार फिर ट्विटर हैंडल पर अपने नाम के आगे 'चौकीदार' शब्‍द जोड़ लिया था, जिसके बाद माना जाने लगा कि बीजेपी से उनकी नाराजगी संभवत: दूर हो गई है। हालांकि बुधवार सुबह कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के साथ उनकी तस्‍वीर सामने आई। कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से यह तस्‍वीर ट्वीट करते हुए उदित राज के पार्टी से जुड़ने की जानकारी दी, जिसके बाद उदित राज ने भी अपने ट्विटर हैंडल से कांग्रेस ज्‍वाइन करने की बात कही।

इस बीच हालांकि एक दिलचस्‍प वाकया यह हुआ कि कांग्रेस से जुड़ने की औपचारिक घोषणा के बाद भी उनके ट्विटर हैंडल पर नाम के आगे 'चौकीदार' शब्‍द लिखा नजर आया। हालांकि कुछ देर बाद उन्‍होंने इसे फिर हटा दिया और डॉ. उदित राज लिख दिया, जैसा कि उन्‍होंने मंगलवार को भी लिखा था। उन्‍होंने बुधवार को अपने ट्विटर हैंडल पर इसका जिक्र भी किया कि टिकट नहीं मिलने के मुद्दे पर उनकी बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता कलराज मिश्र से भी बात हुई, जिन्‍होंने उनका टिकट कटने पर 'अफसोस' जताया। इससे पहले सूत्रों के हवाले से यह जानकारी भी सामने आई थी कि बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनसे बात कर उन्‍हें मनाने का प्रयास किया था, पर ऐसी कोशिशें विफल रहीं।

नई दिल्ली: // 2002 गुजरात दंगा बिलकिस बानो रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को दंगा मामले की पीड़िता बिलकिस बानो 50 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए. सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी और आवास देने को भी कहा है. गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि दोषी अधिकारियों, जिन्होंने बिलकिस गैंगरेप मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की, उनमें से कई को पूरे पेंशन लाभ से हटा दिया गया. एक IPS अधिकारी को दो रैंकों में डिमोट किया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस वालों पर कार्रवाई पर मुहर लगा दी है.  

दरअसल, 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो सामूहिक बलात्कार मामले सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को मामले में जांच मेंछेड़छाड़ के लिए हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए यह तय करने के लिए कहा था. कोर्ट ने गुजरात सरकार निर्देश दिया था कि 2002 के बिलकिस बानो मामले में दोषी ठहराए गए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दो सप्ताह के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी की जाए. 

दरअसल, बिलकिस बानों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा था कि इस केस में उसे और भी मुआवजा दिलाया जाए. साथ ही कहा गया कि जिन चार पुलिसवालों व दो डॉक्टरों को हाईकोर्ट ने दोषी ठहराया था, उनकी जानकारी के मुताबिक- उन्हें सरकार ने वापस काम पर रख लिया था. कोर्ट ने गुजरात सरकार से जवाब मांगने के साथ ही बिलकिस को कहा था कि वह मुआवजे के लिए अलग से याचिका दाखिल करे.

गोधरा कांड के बाद गुजरात में हुये दंगों के दौरान बिल्कीस बानो बलात्कार कांड और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में विशेष अदालत ने 21 जनवरी, 2008 को 11 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी जबकि पुलिसकर्मियों और चिकित्सकों सहित सात आरोपियों को बरी कर दिया था.

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल बीजेपी में शामिल हो गए हैं। ख़बर है कि बीजेपी सनी को गुरदासपुर सीट से टिकट दे सकती है। बता दें सनी देओल के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें काफी दिनों से चल रही थीं।

सनी देओल ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले 19 अप्रैल को पुणे एयरपोर्ट पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जाने लगे थे कि सनी अमृतसर सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। जब इस बारे में सनी देओल के प्रवक्ता से बात की गई तो उन्होंने मुलाकात की बात तो स्वीकार की लेकिन सनी के किसी पार्टी ज्वाइन करने के बारे में कोई जवाब नहीं दिया।

उडीसा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मतदान करने के बाद उडीसा दौरे पर पहुंचे। उडीसा में पहुंचकर पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज सुबह गुजरात अहमदाबाद में वोट डालने गया था। अभी आपके पास वोट डालकर ही पहुंचा हूं। कितना भी काम हो, कितनी भी जिम्मेदारी हो, कैसी भी परिस्थिति हो, लेकिन वोट डालना कर्तव्य भी है, सौभाग्य भी है।

आपने भी सरकारें केंद्र और राज्य में पहले कई देखीं हैं। लेकिन ये वो सरकार है जिस पर पांच साल में भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है। जो झूठे आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं वो आज खुद कटघरे में खड़े हैं। जो विरोधी हैं उनमें सरकार के कार्यों पर सवाल उठाने की ताकत नहीं है, इसलिए बौखलाहट में मुझे गाली देते हैं। लेकिन देश मन बना चुका है, आप लोग मन बना चुके हैं। दिल्ली में फिर एक बार मोदी सरकार बने।

BJD बुरी तरह से बौखलाई हुई है। यही कारण है कि भाजपा के कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं। मैं भाजपा के हर कार्यकर्ता को, ओडिशा के हर मतदाता को कहूंगा कि आप पूरी मजबूती से डटे रहिए। ओडिशा में BJD का जाना, और भाजपा का आना तय है।

मैं ओडिशा के समझदार मतदाताओं का अभिनन्दन करता हूं क्योंकि उन्होंने परिस्थितियों को अच्छी तरह भांप लिया है और दिल्ली एवं भुवनेश्वर में डबल इंजन वाली भाजपा सरकार बनाने का निर्णय ले लिया है। ओडिशा का युवा जो पहली बार वोट डाल रहा है, वो अपनी आकांक्षाओं का ओडिशा चाहता है। वो अब सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ की देश के सबसे समृद्ध राज्य में इतनी गरीबी क्यों है?

युवा जानना चाहता है कि चासी भाइयों की फसल को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज क्यों नहीं बने? उसके मन में सवाल है कि ओडिशा की सबसे पुरानी नगरपालिका होने के बावजूद केंद्रपाड़ा सड़क, सीवर, बिजली, पानी की समस्या से क्यों जूझ रहा है। ओडिशा में आपको सिर्फ सत्ता बदलने के लिए बदलाव नहीं करना है। बल्कि आपको एक बेहतर विकल्प और अपने बेहतर भविष्य के लिए सोचकर बदलाव करना है।

ओडिशा का बड़ा हिस्सा समुद्री तट से घिरा है। यहां विकास की अनंत संभावनाएं हैं, उद्योगों की संभावनाएं हैं। इस पूरे तटीय इलाके को नए भारत के विकास का अहम सेंटर बनाने के लिए हम एक बड़े विजन के साथ काम कर रहे हैं। सागरमाला परियोजना के माध्यम से तटीय इलाकों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है और हमारे बंदरगाहों को अच्छी सड़कों और रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

मछुआरों को आर्थिक मदद दी जा रही है। पहली बार मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी गई है। किसानों के लिए ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नाम की एक बहुत बड़ी योजना भी हमने बनाई है। इसके अंतर्गत ओडिशा के लाखों किसानों को हर वर्ष सीधे बैंक खाते में पैसा दिया जाना तय हुआ है। लेकिन यहां की सरकार ऐसी विकास विरोधी और किसान विरोधी है कि वो किसानों की सही सूची देने से भी बच रही है।

आज गरीबों को भी अपना पक्का घर मिल रहा है। हमारा संकल्प है कि 2022 तक ओडिशा के हर गरीब के पास अपना पक्का घर हो। ओडिशा के गांव-गांव के हर घर तक बिजली पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हम ‘सबका साथ सबका विकास’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। कोई भेदभाव नहीं, कोई तुष्टिकरण नहीं, कोई सिफारिश और कच्चे-पक्के काम नहीं। जो हो रहा है, वो सबके लिए हो रहा है।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने लंबी चर्चा के बाद दक्षिण दिल्ली से नामी प्रोफेशनल बॉक्सर विजेंदर सिंह के नाम पर मुहर लगा दी है। विजेंदर का मुकाबला इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार रमेश बिधूडी से होगा।

आम आदमी पार्टी ने इस सीट पर राघव चड्ढा को उम्मीदवार बनाया है। टिकट मिलने के बाद विजेंदर ने ट्वीट किया, “20 साल के अपने बॉक्सिंग करियर में मैंने रिंग में हमेशा भारत को गौरव दिलाने का काम किया। अब देश की सेवा करने का वक्त है। मैं इस मौके को स्वीकार करता हूं। जिम्मेदारी देने के लिए राहुल-प्रियंका गांधी का शुक्रिया।”

माना जा रहा है कि विजेंदर के नाम पर मुहर लगवाने में दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित की ही चली है। इससे पहले इसी सीट पर ओलिंपिक मेडल विजेता पहलवान सुशील कुमार के नाम की भी चर्चा थी

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए वोटिंग का क्रम जारी है और ये सात चरणों में होनी है दो चरण की वोटिंग हो चुकी है और आज तीसरे फेज के लिए लिए मतदान जारी है। मंगलवार को देशभर में 117 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है जिसमें गुजरात और केरल की सभी सीटें शामिल हैं।

सात चरणों में से सबसे बड़े इस चरण में प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं।

तीसरे चरण के मतदान में करीब 18.56 करोड़ मतदाता अपना वोट डाल सकते हैं। चुनाव आयोग ने इसके लिए 2.10 लाख मतदान केंद्र बनाए हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।13 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों की इन 116 सीटों में 2014 के चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने 66 सीटें जीती थीं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने अपने परिवार के साथ बारामती में मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। वहीं केरल के मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन ने केरल के कन्‍नूर जिले के बूथ पर पहुंचकर वोट डाला। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शशि थरूर, गांधीनगर सीट पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुलबर्गा से प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे, हार्दिक पटेल, गांधीनगर से सांसद रहे और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी एवं मलयालम एक्टर मोहनलाल ने मतदान किया ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान करने से पहले गांधीनगर में अपनी मां हीराबेन से पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गुजरात की गांधीनगर सीट के लिए भी आज ही वोट डाले जा रहे हैं। इस सीट पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ रहे हैं।

इस चरण में गुजरात की सभी 26 और केरल की सभी 20 सीटों के साथ असम की चार, बिहार की पांच, छत्तीसगढ़ की सात, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में 14-14, ओडिशा की छह, उत्तर प्रदेश की 10, पश्चिम बंगाल की पांच, गोवा की दो और दादर नगर हवेली, दमन दीव तथा त्रिपुरा की एक-एक सीट शामिल हैं।

नई दिल्ली : 'चौकीदार चोर है' वाले बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस बयान पर राहुल गांधी के जवाब से सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ और मंगलवार को उन्हें अवमानना का नोटिस जारी किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने खिलाफ अवमानना का केस नहीं चलाने की अपील की थी। भाजपा सांसद मिनाक्षी लेखी ने राहुल के खिलाफ अवमानना की अर्जी दाखिल की है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह राफेल डील पर पुनर्विचार याचिकाओं पर 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए अपनी एक रैली में कहा था कि 'अब सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि चौकीदार चोर है।' उनके इस बयान के खिलाफ मिनाक्षी लेखी ने शीर्ष अदालत में अवमानना का केस दर्ज किया था।

इससे पहले प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने राहुल गांधी से उनके बयान पर सफाई मांगी थी लेकिन अब शीर्ष अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है। आपराधिक अवमानना के मामले में किसी के खिलाफ नोटिस जारी होना गंभीर माना जाता है। आम तौर पर आपराधिक मानहानि के मामले में जिसके खिलाफ नोटिस जारी होता है उसे कोर्ट में पेश होना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट राफेल डील पर दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर 30 अप्रैल को सुनवाई करेगा लेकिन इस दिन कांग्रेस अध्यक्ष कोर्ट में पेश होंगे या नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।

राहुल गांधी की ओर से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि चुनाव-प्रचार के आवेश के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने इस तरह का बयान दे दिया और उन्होंने इसके लिए खेद भी जताया है जबकि मिनाक्षी लेखी का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि राहुल गांधी ने जानबूझकर शीर्ष अदालत की प्रतिष्ठा को कम करने के साथ ही उसके आदेश में दखल दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल कोर्ट की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं और मुख्य विपक्षी पार्टी का नेता होते हुए उन्होंने एक गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है।

पिछले सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कोर्ट ने इस तरह का बयान कभी नहीं दिया और हम इस मसले पर कांग्रेस अध्यक्ष से सफाई मांगेंगे। कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वह ‘चौकीदार नरेंद्र मोदी चोर हैं’ संबंधी अपनी टिप्पणी को राफेल मामले में अदालत के फैसले से ‘गलत तरह से’ जोड़ने पर 22 अप्रैल तक स्पष्टीकरण दें।

 

नई दिल्ली। भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। भोपाल में 12 मई को चुनाव होने वाले हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ लगे आरोप झूठे हैं। उन्हें जबर्दस्ती फंसाया गया है।

अमित शाह ने कहा, ‘साध्वी प्रज्ञा को टिकट देना पूरी तरह से सही फैसला है। उनके खिलाफ आरोप निराधार हैं। उनके या स्वामी असीमानंद के खिलाफ कुछ भी साबित नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि असली गुनाहगारों को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया गया। सवाल होना चाहिए कि उन्हें क्यों छोड़ा गया।

अमित शाह ने विवादित एनआरसी और नागरिकता विधेयक पर कहा कि शरणार्थियों को चिंता करने की जरुरत नहीं है, क्योंकि सत्ता में वापस आने के बाद बीजेपी सबसे पहले संसद में विधेयक लाएगी और फिर घुसपैठियों को निकालने के लिए देशभर में एनआरसी लागू करेगी। अमित शाह ने कहा, ”शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी और वे पूरे सम्मान के साथ इस देश में रह सकेंगे। उन्हें ममता बनर्जी के भ्रमित करने वाले बयानों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।”