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नई दिल्‍ली: पिछले कुछ समय से मुंबई के अस्‍पताल में भर्ती दिग्‍गज एक्‍टर विनोद खन्‍ना का निधन हो गया है. वह पिछले कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे. विनोद खन्‍ना का 70 साल की उम्र में निधन हुआ है. फिल्‍मों से लेकर राजनीति, विनोद खन्‍ना काफी सक्रिय रहे थे. विनोद खन्ना का मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल में इलाज चल रहा था. हाल ही में उनकी एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसके बाद उनके बेटे ने कहा था कि उनक तबियत अभी ठीक है. विनोद खन्‍ना भारतीय फिल्‍मों के दिग्‍गज अभिनेता  रहे हैं.

विनोद खन्ना के अस्‍पताल में भर्ती होने के बाद से ही उनके स्वास्थ्य के लिए पूरा हिंदी सिनेमा जगत दुआएं कर रहा था. सलमान खान आधी रात को विनोद खन्ना से मिलने सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल पहुंचे थे. सलमान खान पहले भी विनोद खन्ना के साथ कई फिल्में कर चुके हैं और उन्हें अपना लकी मैस्कट और मेंटर मानते रहे हैं. सलमान के अलावा महाराष्‍ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस भी उन्हें मिलने पहुंचे थे.

वहीं, अभिनेता इरफान खान ने भी विनोद खन्ना के स्वास्थ्य की कामना करते हुए उनके लिए अंगदान की भी पेशकश की थी. इरफान खान ने गुरुवार को कहा कि वह अभिनेता विनोद खन्ना की हाल की एक फोटो देखकर हैरान रह गए. इरफान खान ने गुजरे जमाने के दिग्गज अभिनेता के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

70 और 80 के दशक के सुपरस्‍टार  रहे विनोद खन्‍ना, वह सितारे थे जिन्‍होंने एक विलेन के तौर पर अपनी शुरुआत की. उन्‍होंने 1968 में सुनील दत्‍त के साथ फिल्‍म 'मन का मीत' से अपनी फिल्‍मी सफर की शुरुआत की थी. उन्‍होंने 'पूरब और पश्चिम', 'मेरा गांव मेरा देश' जैसी कई फिल्‍मों में नकारात्‍मक किरदार निभाए थे. 1971 में उन्‍होंने 'हम त‍ुम और वो' में प्रमुख भूमिका निभायी. विनोद खन्ना और अमिताभ बच्चन, दोनों ही अपने बॉलीवुड करियर के उफान पर लगभग एक ही समय में थे. विनोद खन्ना अमिताभ बच्चन के कड़े प्रतिद्वंदी माना जाते थे. दोनों सुपरस्टार्स ने 'मुकद्दर का सिकंदर', 'परवरिश', 'अमर अखबर एंथॉनी' जैसी फिल्मों में साथ में काम किया था.

1987 से 1994 में विनोद खन्ना बॉलीवुड के सबसे मंहगे सितारों में से एक थे. अपने करियर की पीक पर होने के बावजूद विनोद खन्ना ने फिल्म इंडस्ट्री से सन्यास ले लिया और ओशो के अनुयायी बन गए. वह अक्सर पुणे में ओशो के आश्रम जाते थे और इस हद ओशो से प्रभावित थे कि अपने कई शूटिंग शेड्यूल भी पुणे में ही रखवाए. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विनोद संन्यास लेकर अमेरिका चले गए और ओशो के साथ करीब 5 साल गुजारे.

विनोद खन्ना ने अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 150 फिल्मों में अभिनय किया. उनके निभाए हर किरदार सिनेमा प्रेमियों के दिलों में ज़िंदा हैं.

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों ने गुरुवार सुबह सेना के कैंप पर हमला किया है। इस हमले में सेना के मेजर समेत तीन जवान शहीद हुए हैं। ये हमला सुबह चार बजे हुआ है और तब से सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है। इसे एक फिदायीन हमला बताया जा रहा है। 

सेना ने बताया है कि इस हमले में दो फिदायीन आतंकियों को मार गिराया है। वहीं दो आतंकियों के कैंप में छुपे होने की आशंका है। इसके चलते सर्च आपॅरेशन जारी है। आतंकियों ने जिस कैंप में हमला किया है उस कैंप में सेना का तोप खाना है। यह हमला कुपवाड़ा के पंजगाम में स्थिति सेना के कैंप पर किया गया है। आपको बता दें कि यह सीमा से सटा हुआ इलाका है।

सेना के अनुसार आतंकवादियों ने तड़के साढ़े चार बजे अंधेरे का फायदा उठाकर सेना के कैंप पर हमला किया। सेना की ओर से तुरंत जवाबी कार्रवाई की गयी जिसमें दो आतंकवादी ढ़ेर हो गये। सूत्रों के अनुसार संभवत: दो आतंकवादी कैंप में घुसने में सफल हो गया है और उसे दबोचने के लिए पूरे कैंप में अभियान चलाया जा रहा है। अंतिम खबर मिलने तक अभियान जारी है। शिविर के आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) पर विश्वास जताने तथा पार्टी को भारी जीत दिलाने के लिए राजधानी की जनता के प्रति आभार व्यक्त है. श्री मोदी ने ट्वीट करके कहा,“भाजपा पर विश्वास जताने के लिए दिल्ली की जनता के प्रति आभार.” उन्होंने इस जीत के लिए कठिन परिश्रम करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रशंसा भी की. श्री मोदी ने लिखा,“ भाजपा कार्यकर्ताओं की टीम की कड़ी मेहनत के लिए प्रंशसा की पात्र है,कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत एमसीडी में भारी जीत संभव हो सकी.” केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इन चुनावों में भाजपा को मिली भारी जीत पर पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा है कि ये चुनाव परिणाम श्री मोदी के नेतृत्व और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की सांगठनिक कुशलता पर जनता के विश्वास की मुहर हैं. श्री सिंह ने यहां ट्वीट करके कहा,“एमसीडी के चुनाव में भाजपा की जबर्दस्त जीत प्रधानमंत्री के नेतृत्व और श्री अमित शाह की सांगठनिक कुशलता पर जनता के विश्वास की एक बार फिर मुहर है. ” उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा,“एमसीडी चुनाव में भारी जीत हासिल करने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी को बधाई.” केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने भी कहा कि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के झूठ और नाटक से आजिज आ चुकी है इसलिए स्वाभाविक रूप से वह बहुत गुस्से में है. आप ने जनता के साथ मजाक किया. श्री रिजिजू ने अपने ट्वीट में लिखा,“आप ने जनता के साथ मजाक किया. मुझे मेरे यह समझ में नहीं आ रहा है कि आप भाजपा और खासकर ईवीएम से क्यों खफा है.

नयी दिल्ली । दिल्ली के तीनों नगर निगमों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फिर से बहुमत हासिल कर लिया है, अब तक घोषित नतीजों के अनुसार भाजपा ने उत्तरी नगर निगम की कुल 104 सीटों में से 53 पर,दक्षिणी नगर निगम की 104 में से 53, पूर्वी नगर निगम की 63 में से 35 सीटों पर विजय हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है। दिल्ली नगर निगम चुनावों में भाजपा ने लगातार तीसरी बार अपना परचम लहराया है। दिल्ली में सत्तारूढ़ अाम आदमी पार्टी(आप) काे इन चुनावों में करारा झटका लगा है। पिछले दिल्ली विधानसभा चुनावों में 70 में 67 सीटें जीतने वाली आप इन चुनावों में भाजपा से बहुत पिछड़ गयी है। पूर्वी नगर निगम की 63 सीटों पर चुनाव हुए जिनमें 47 के परिणाम आ गये हैं। इनमें 35 सीटों पर भाजपा को जीत मिली। दिल्ली निगम में 64 वार्ड हैं और मौजपुर वार्ड के एक उम्मीदवार की मृत्यु होने के कारण वहां चुनाव स्थगित कर है। यहां आम आदमी पार्टी को आठ, बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस को दो-दो सीटें मिली हैं।


उत्तरी नगर निगम में भाजपा अब तक घोषित 83 वॉर्डों के नतीजों में 53 पर विजयी हुई है। उत्तरी निगम में कुल 104 वॉर्ड हैं। सराय पीपल थला वार्ड में एक उम्मीदवार की मृत्यु हो जाने के कारण चुनाव नहीं हुआ था। अब तक घोषित 83 वॉर्डों के चुनाव में भाजपा 53, आम आदमी पार्टी 17, कांग्रेस 11 और दो पर निर्दलीय विजयी हुए हैं। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के कुल 104 वॉर्डों में से अब तक घोषित 76 वॉर्डों के चुनाव परिणामों में भाजपा को 53 वाॅर्ड पर जीत मिली है। आम आदमी पार्टी 10 वॉर्डों पर और कांग्रेस आठ वॉर्डों पर विजयी हुई है। समाजवादी पार्टी, इंडियन नेशनल लोकदल और निर्दलीय उम्मीदवार एक-एक वॉर्ड पर विजयी हुए हैं।

लखनऊ। स्रोत पर कर की कटौती की राशि उपभोक्ता से वसूलने के बावजूद आयकर विभाग में जमा न करने, ऊपर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिफंड हासिल कर लेने वाली 15 कंपनियों के विरुद्ध सीबीआइ ने एफआइआर दर्ज की है। करोड़ों का वारा न्यारा करने वाली इन कंपनियों में से तीन लखनऊ की हैं। गाजियाबाद व नोएडा की चार-चार कंपनियां हैैं। इस हेराफेरी में आयकर विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता होने का संदेह है।


सीबीआइ की आर्थिक अपराध शाखा (लखनऊ ब्रांच) में दर्ज एफआइआर में कहा गया है कि 12 कंपनियों ने कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (सीआइटी-टीडीएस) कानपुर के कार्यालय और तीन कंपनियों ने सीआइटी टीडीएस लखनऊ के कार्यालय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (टीएएन) हासिल किया।


वर्ष 2010 से 2016 के बीच इन कंपनियों ने अपने उपभोक्ता से स्रोत पर कर आयकर जमा करने के लिए टैक्स वसूल लिया लेकिन उसे जमा नहीं किया गया। ऊपर से व्यक्तिगत पैन नंबरों का इस्तेमाल करके लाखों रुपये का रिफंड हासिल कर लिया, जिससे आयकर विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगा। यह मामला आयकर अधिकारियों ने आंतरिक जांच में पकड़ा और आयकर बोर्ड ने करोड़ों रुपये का वारा न्यारा होने व विभाग के कुछ कर्मचारियों की अधिकारियों की मिलीभगत के संदेश में सीबीआइ जांच कराने की संस्तुति की। मंगलवार को सीबीआइ के एसपी प्रणव कुमार के आदेश पर एफआइआर दर्ज की गई है।

चंडीगढ़ । आम आदमी पार्टी के पंजाब में वरिष्ठ नेता और सांसद ने काफी अरसे बाद चुप्पी तोड़ी है। मान ने पंजाब विधानसभा चुनाव में हार के लिए पार्टी नेतृत्वप पर हमला किया है। उन्होंकने कहा है कि आप पंजाब विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी नहीं अपनी गलतियों के वजह से हारी थी। पार्टी नेतृत्वआ ने चुनावी रणनीति बनाने में गंभीर और बड़ी गलतियां कीं। इसके साथ ही उन्होंथने अपने नए राजनीतिक विकल्पव का भी संकेत दिया है।

भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद चुप्पीत साधे हुए थे। संगरूर से सांसद मान ने विधानसभा चुनाव में सुखबीर बादल के खिलाफ चुनाव लड़ा था और हार गए थे। उन्हों ने कहा, विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के नेतृत्वऔ द्वारा लिए गए फैसलों ने मुझे बहुत अाहत किया।
उन्होंिन कहा, ' ईवीएम में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है और इसकी वजह से आम आदमी पार्टी की हार नहीं हुई। पार्टी नेतृत्व, ने चुनावी रणनीति में भयंकर भूल की और इसी वजह से आप सत्ताप में अाने से रह गई। पार्टी के आला नेताअों को पहले इस गलततियों को खोजना और उसी समीक्षा करनी चाहिए।' मान ने कहा कि उन्हों ने चुनाव में पूरी मेहनत की और करीब 400 चुनावी रै‍लियां कीं।

अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में उन्होंेने कहा, फिलहाल मैंने पार्टी से छुट्टी ली हुई है और इसकी गति‍विधियों से दूर हूं। मैं अपने बच्चोंन से मिलने अमेरिका जाने की तैयारी कर रहा हूं। वहां से लौटने के बाद इस बारे में विचार करुंगा। वहां से मई के अंत मेंं लौटूंगा।' इसके साथ ही मान ने कहा कि उन्होंइने अपने लिए सभी विकल्पोंम पर विचार कर रहे हैं और अमेरिका से लौटने के बाद इस बारे में फैसला करेंगे कि उनका अगला कदम क्या् हाेगा।


बता दें भगवंत मान पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद से अाम आदमी पार्टी की गतिविधियों से दूर रहे हैं। उन्हामेंने न तो दिल्ली में राजौरी गार्डन विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में प्रचार किया और न ही दिल्लीं नगर निगम चुनाव में ही चुनाव प्रचार में शामिल हुए। मान ने कहा, ' मैंने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को विस्ताुर से अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है। मैंने उनको इस बात से अवगत कराया है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में आप की हार के लिए पार्टी नेतृत्व किस तरह से जिम्मेादार है, जबकि राज्यी के लाेगों का रुझान आप की ओर था। लोग अपना काम-धंधा छोड़कर पार्टी की रैलियों में आ रहे थे, लेकिन हम उसका लाभ नहीं उठा सके।'

मान ने कहा, पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव बिना कोई कप्ताेन (सीएम उम्मीलदवार) तय किए लड़ा। पार्टी का हाल 'मोहल्ला क्रिकेट टीम' सरीखा था, जिसमें हर खिलाड़ी खुद तय करता है कि वह मैदान में कहां फील्डिंग करेगा या किसी नंबर पर बल्लेरबाजी और गेंदबाजी करेगा।मान ने कहा, ' चुनाव अभियान के दौरान हर कोई पूछ रहा था कि चुनाव में जीेते तो अाप का मुख्येमंत्री कौन होगा। लेकिन, इस सवाल का जवाब देने के बदले पार्टी ने कई हास्यास्पद बयानों से कन्फूेजन ही बढ़ाया। इसका पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर सीधा असर हुआ। चुनाव में कोई कप्ताेन नहीं होने की वजह से कोई खरब प्रदर्शन की जिम्मे दारी लेने काे तैयार नहीं है।'

मान ने कहा, ' मैंने कई उम्मीईदवारों को टिकट देने का विरोध किया था, लेकिन उन्हें बदलने के बदले पार्टी नेतृत्व ने मुझे ही चुप करा दिया। मैं इसलिए चुप हो गया कि कोई तमाशा खड़ा नहीं करना चाहता था। यदि मैं उस समय बगावत का स्वुर उठाता तो लाेग आप की हार के लिए मुझे ही जिम्मेादार ठहराते।' उन्हों ने दिल्ली के विधायक रहे जरनैल सिंह को पंजाब विधानसभा चुनाव में उतारे जाने पर भी सवाल खड़े किए। उन्हों ने कहा कि इससे लाेगों में आप के सीएम उम्मीरदवार को लेकर कन्फेयूजन पैदा हुआ। उन्हों ने कहा केंद्रीय नेतृत्वे से जुड़े कुछ नेताआें के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अत‍ि आत्म।विश्वास ने पार्टी के चुनावी खेल को बर्बाद कर दिया।

पटना । राष्ट्रपति चुनाव से पहले महागठबंधन को आकार देने की कवायद शुरू हो गई है। भाजपा के रथ को रोकने के लिए तमाम विपक्षी पार्टियों ने एक मंच पर आने के संकेत दे दिए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन बनाने की वकालत करते नजर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक दल मतभेद भुलाकर एक प्लेटफॉर्म पर आने के संकेत दे चुके हैं। राष्ट्रपति चुनाव से पहले सोनिया गांधी ने भी नेताओं से मुलाकात कर राजनैतिक संभावनाओं को टटोलना जारी रखा है। राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन बनाने की कवायद फिर से जोर पकड़ती दिख रही है।


रा¬ष्ट्रपति चुनाव से पहले तमाम विपक्षी दल एक प्लेटफॉर्म पर आने की कवायद में जुटे हैं। राष्ट्रपति चुनाव के बहाने कांग्रेस तमाम क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ संपर्क साध कर संभावनाओं की तलाश में जुटी है।


उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजे आने के बाद से अखिलेश और मायावती में भी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने के संकेत दिये हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेडीयू की कार्यसमिति में यह संकेत दे दिया था कि गैर भाजपा और सेक्यूलर राजनीति करने वाले दलों को एक मंच पर आना होगा तभी भाजपा से मुकाबला किया जा सकता है।


जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब तक अपनी ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदार होने का दावा नहीं ठोका है। न ही ऐसी किसी संभावना से इनकार किया है।


राजीव रंजन ने कहा है कि हमारे नेता नीतीश कुमार लगातार यह कहते रहे हैं कि भाजपा की आर्थिक नाकामियों और विभाजनकारी राजनीति से निपटने के लिए तमाम विपक्षी दलों को एक मंच पर आना होगा। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि महागठबंधन आकार देने का श्रेय नीतीश कुमार को ही जाता है।


जेडीयू नेताओं की ओर से कई बार यह दावा किया जाता रहा है कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के लिए सक्षम उम्मीदवार हैं। चंपारण पद यात्रा के दौरान भी जदयू कार्यकर्ताओं ने अशोक चौधरी और तेजस्वी यादव की मौजूदगी में देश का पीएम कैसा हो नीतीश कुमार जैसा हो के नारे लगाए थे। नीतीश कुमार के लिए भी हां थोड़ी बहुत आसान दिखती है।


उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद अखिलेश यादव और मायावती कमजोर पड़ चुकी हैं। साथ ही दिल्ली के महानगरपालिका चुनाव के नतीजे की बात करें तो मुख्यमंत्री केजरीवाल भी कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। ऐसे में नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन का नेता होने के रास्ते में बाधाएं कम है।


बिहार विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने भी कहा है कि तमाम गैर भाजपा और सेक्यूलर दलों को भाजपा से मुकाबला करने के लिए एक प्लेटफार्म पर आना होगा। प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदार कौन होगा इस पर सदानंद सिंह ने कहा कि यह कोई विषय नहीं है, बाद में भी तय किया जा सकता है।


नीतीश कुमार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुके हैं और अब लालू प्रसाद यादव भी सोनिया गांधी से मिलने जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर लालू प्रसाद पर इस बात के लिए दबाव बनाया है कि वह सोनिया गांधी को इस बात के लिए मनाए कि 2019 का लोकसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाए।


महागठबंधन बनाने की कवायद पर भाजपा प्रवक्ता संजय टाइगर ने कहा कि कोई गठबंधन देश के अंदर इंडिया का मुकाबला नहीं कर सकता है। 2019 के लिए देश की जनता ने फिर से एक बार नरेंद्र मोदी को पिछले बार के मुकाबले और अधिक बहुमत देकर प्रधानमंत्री बनाने का फैसला कर लिया है। संजय टाइगर ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं को उमर अब्दुल्ला की बात मान लेनी चाहिए और 2024 के लिए सोचना चाहिए।


भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि महागठबंधन बनाने वाले को इस बात का जवाब भी देना चाहिए कि क्या ममता बनर्जी और वामदल एक साथ आएंगे। तमिलनाडु में डीएमके और एआईडीएमके पार्टी क्या एक साथ आ सकती है। तमाम सवाल ऐसे हैं जो महागठबंधन के लिए विरोधाभास पैदा करते हैं।

बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में एक छोटे प्रशिक्षु विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार दो पायलटों की मौत हो गई। बालाघाट पुलिस महानिरीक्षक जी जनार्दन ने दूरभाष पर बताया कि महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के भारत सरकार के संस्थान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऐविएशन ट्रेनिंग एंड मैनेजमेंट के प्रशिक्षु विमान ने सुबह लगभग नौ बजे गोंदिया की बिरसी हवाईपट्टी से प्रशिक्षण के लिए उडान भरी थी। विमान सुबह लगभग सवा 10 बजे महाराष्ट्र के भंडारा जिले और बालाघाट जिले के खैरलांजी स्थित सीमा पर एक पक्षी से टकराकर क्रैश हो गया, जिससे विमान में सवार दोनों पायलटों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि विमान में एक महिला प्रशिक्षु पायलट और एक पुरुष पायलट सवार थे। महिला पायलट की पहचान दिल्ली निवासी हिमांशी कल्याण (24) और पुरुष पायलट की भंडारा निवासी रंजन गुप्ता (44) के तौर पर हुई है। वायु सेना के सेवानिवृत कर्मचारी रंजन गुप्ता महिला प्रशिक्षु को प्रशिक्षण दे रहे थे। जनार्दन ने बताया कि दोनों शव संस्थान को सौंपे जा चुके हैं।

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली के तीनों नगर निगमोें के चुनाव में पार्टी को मिली भारी जीत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरीब कल्याण योजना की जीत बताया है. श्री शाह ने एक ट्वीट कर कहा है कि दिल्ली के तीनों निगमों के चुनाव में पार्टी को मिली भारी जीत श्री मोदी की गरीब कल्याण योजना तथा सबका साथ सबका विकास की जीत है