-->

मोदी के निशाने पर कैप्टन अमरिंदर सिंह, लगाया परिवार भक्ति का आरोप

जम्मू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू के कठुआ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए एक बार फिर गांधी परिवार पर निशाना साधा। इस बार उनके निशाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी रहे। पूरा देश कल जलियांवाला बाग कांड की शताब्दी पर शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा था लेकिन कांग्रेस ने इस संवेदनशील अवसर का भी राजनीतिकरण कर दिया। उपराष्ट्रपति सरकार के आयोजन के लिए जलियांवाला बाग में थे, उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी, लेकिन कांग्रेस के सीएम वहां नहीं थे।

पीएम मोदी ने कहा, 'उन्होंने इस कार्यक्रम का बहिष्कार इसीलिए किया क्योंकि वो कांग्रेस परिवार की भक्ति में जुटे हुए थे। वे कांग्रेस के नामदार के साथ जलियांवाला बाग गए। लेकिन भारत सरकार के अधिकृत कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति के साथ जाना उन्होंने सही नहीं समझा। यही राष्ट्र भक्ति और परिवार भक्ति का फर्क है।'

उन्होंने कहा, 'मैं कैप्टन अमरिंदर सिंह को बरसों से जानता हूं। मैं समझ सकता हूं कि इस परिवार भक्ति के लिए उन पर किस तरह दबाव बनाया गया। पंजाब में जिस तरह के दांव पेंच चलाए जा रहे हैं, उसके सामने कैप्टन को भी झुकना पड़ गया।'

जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को बैसाखी के दौरान नरसंहार हुआ था जब कर्नल आर डायर की कमान में ब्रिटिश भारतीय सेना के जवानों ने आजादी के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलायी थी। 1919 की उस घटना की याद में संस्कृति मंत्रालय द्वारा अमृतसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट करते हुए कहा कि जलियांवाला बाग नरसंहार हम में से हर एक को यह याद दिलाता है कि हमारी आजादी कितनी कठिन और मूल्‍यवान है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना 1919 में बैसाखी के दिन घटी जो औपनिवेशिक क्रूरता और विवेकहीन क्रोध को दर्शाती है।